लोकसभा चुनाव 2019 का परिणाम लगभग तय हो चुका है। मतलब एक बार फिर से देश में मोदी सरकार आती दिख रही है। आइए आज हम आपको बीजेपी की जीत और मौदी मैजिक के पीछे का एक ऐसा रहस्य बताएंगे, जिसे जानकर आपको यकीन हो जाएगा कि वाकई ही पीएम मोदी का यह टोटका सही साबित हुआ। अगली स्लाइडों में जानिए पूरा अपडेट:-
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नरेंद्र मोदी
- फोटो : ANI
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मेरठ की भूमि से अपनी चुनावी रैली की शुरुआत की थी। खास बात यह है कि 2014 के लोकसभा चुनाव में भी पीएम मोदी ने मेरठ से ही चुनावी रैली की शुरुआत की थी। यही कारण था कि भाजपा मेरठ की क्रांतिधरा को लकी मान रही थी। जो बिल्कुल सही साबित हुआ है।
पीएम मोदी ने रैली के दौरान जहां विपक्ष पर जमकर तंज कसे थे तो वहीं गन्ना बेल्ट पर जाटों को साधने की भी पूरी कोशिश की थी। उन्होंने अपनी पहली रैली शहीद अजय कुमार को श्रद्धांजलि और चौधरी चरणसिंह के गुणगान से शुरू की थी।
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चौधरी चरणसिंह को नमन करते हुए पीएम सीधा खेतों और खलिहान तक पहुंच गए थे। उन्होंने कहा कि चौधरी चरण सिंह ने देश के लिए महत्वपूर्ण योगदान दिया। वह उन सपूतों में से एक थे जिन्होंने देश की राजनीति को खेत खलिहान पर ध्यान देने के लिए मजबूर किया।
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पीएम मोदी ने मेरठ के मंच से किसान कार्ड भी खेला था। उन्होंने जाट समुदाय को साधने की कोशिश की जो पश्चिमी यूपी की सियासत को साधने में महत्वपूर्ण रोल रखते हैं। उन्होंने कहा था कि चौधरी चरणसिंह की आत्मा को बहुत दुख पहुंचता होगा कि जिन किसानों ने संघर्ष किया उन्हें सपा बसपा और कांग्रेस ने तबाह कर डाला। आपातकाल में रहते हुए इसी कांग्रेस ने उन्हें जेल में डाल दिया था और पीएम पद से हटाने की मांग भी इन्होंने ही की थी।
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2014 के लोकसभा चुनाव में भाजपा को पश्चिमी यूपी में काफी समर्थन प्राप्त हुआ था। उधर, अजित सिंह बागपत सीट से चुनाव हार गए थे और उनके बेटे जयंत चौधरी को भी हार का सामना करना पड़ा था।