मेरठ : रैपिड रेल स्टेशनों को जमीन देने पर राजी नहीं भू-स्वामी, वार्ता विफल
भू-स्वामियों को बताया गया कि रैपिड रेल के आने से शहर का विकास होगा। इससे नौकरियों के अवसर, यातायात व्यय घटने आदि लाभ मिलेंगे। इन सभी बातों पर गौर न करते हुए भू-स्वामियों ने जमीन अधिग्रहण के लिए हां नहीं किया।
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बैठक में ब्रह्पुरी स्टेशन की सीमा में आ रहे आठ, मेरठ सेंट्रल की सीमा में आ रहे तीन और मेरठ साउथ स्टेेशन की सीमा में आ रहे भू-स्वामियों को बुलाया था। इसमें ब्रह्पुरी स्टेशन के लिए लगभग साढ़े तीन हजार वर्ग मीटर, मेरठ सेंट्रल के लिए लगभग ढाई हजार वर्ग मीटर और मेरठ साउथ के लिए लगभग 25 बीघा जमीन ली जानी है। इसको लेकर ही भू-स्वामियों से वार्ता की गई।
भू-स्वामियों को बताया गया कि रैपिड रेल के आने से शहर का विकास होगा। इससे नौकरियों के अवसर, यातायात व्यय घटने आदि लाभ मिलेंगे। इन सभी बातों पर गौर न करते हुए भू-स्वामियों ने जमीन अधिग्रहण के लिए हां नहीं किया। एडीएम वित्त सुभाष चंद प्रजापति ने कहा कि सीधे बैनामा कर जमीन खरीदी जाएगी। इस जमीन का हस्तांतरण राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम के नाम होगा।
सिर्फ 1900 रुपये प्रति वर्ग मीटर दे रहे दाम
भूड़बराल निवासी भू-स्वामियों ने बताया कि रैपिड रेल का मेरठ में पहला स्टेशन मेरठ दक्षिण बनाया जाना है। यहां हमें सिर्फ 1900 रुपये प्रति वर्ग मीटर का दाम दिया जा रहा है। जबकि भूड़बराल में जमीन के रेट 15 से 20 हजार प्रति वर्ग मीटर है। ऐसे में हम इस पर सहमत नहीं है।
ये हैं मेरठ के स्टेशन
मेरठ दक्षिण, परतापुर, रिठानी, शताब्दी नगर, मेरठ सेंट्रल, ब्रह्मपुरी, भैसाली, बेगमपुल, एमईएस कॉलोनी, डोरली, मेरठ नॉर्थ, मोदीपुरम।
प्रोजेक्ट में देरी हुई तो नपेंगे एसडीएम-तहसीलदार : मंडलायुक्त
रैपिड रेल कार्यों की समीक्षा करते हुए मंडलायुक्त सुरेंद्र सिंह ने अधिकारियों को तय समय में कार्य पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि महत्वपूर्ण परियोजना में किसी भी तरह की देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। एक सप्ताह में सभी जमीन के मामले निपटाने के निर्देश दिए। अगर ऐसा नहीं किया गया तो एसडीएम और तहसीलदार पर जवाब लेते हुए कार्रवाई की जाएगी।
रैपिड रेल के लिए मोदीपुरम में बनाए जाने वाले डिपो को अब दौराला के स्थान पर सिवाया में बनाया जाएगा। मंडलायुक्त ने कहा कि जहां भी भू-स्वामी जमीन देने में आनाकानी कर रहे हैं, उनसे भूमि अधिग्रहण एक्ट के अनुसार प्रक्रिया शुरू करते हुए प्रोजेक्ट के लिए जमीन ली जाएगी।
बैठक में गाजियाबाद में दुहाई स्टेशन से संबंधित भूमि की दर निर्धारण करने के लिए कमेटी को निर्देश दिए गए। दुहाई डिपो के संपर्क मार्ग के निर्माण के लिए भूमि का चयन करें। इसके अलावा परियोजना की वेंटिलेशन शाफ्ट के निर्माण के लिए यूपीएसआईडीसी गाजियाबाद से संबंधित भूमि एनसीआरटीसी को हस्तांतरित करने के लिए अधिकारियों को प्रगति लाने के लिए निर्देश दिए। मेरठ में भी विभिन्न स्टेशन और डिपो के निर्माण के लिए आवश्यक निजी भूमि के भू-स्वामियों के साथ वार्ता कर प्रस्ताव के लिए निर्देश दिए।
मोदीपुरम डिपो के लिए भी जमीन उपलब्ध नहीं हो सकी है। इसके लिए कमिश्नर ने उसका विकल्प ढूंढने के लिए निर्देश दिए। जिससे जल्द मोदीपुरम डिपो का निर्माण शुरू किया जा सके। ऑनलाइन बैठक में जिलाधिकारी मेरठ, गाजियाबाद, एडीएम भूमि एवं अध्याप्ति गाजियाबाद, एमडीए प्रशासन, एडीएम वित्त, जल निगम, बिजली विभाग मौजूद रहे।
सात दिन में लंबित प्रोजेक्टों को जमीन करानी होगी मुहैया
मंडलायुक्त ने सभी तहसीलदार और एसडीएम को निर्देश दिए कि सात दिन में सभी लंबित प्रोजेक्टों को जमीन चिह्नित करें। जहां जमीन की वजह से प्रोजेक्ट में देरी हो रही है वहां संबंधित अधिकारियों पर कार्रवाई की जाएगी।