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कृषि विवि में 18 छात्रों पर कार्रवाई
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 29 May 2016 02:10 AM IST
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फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
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सरदार वल्लभ भाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय की अनुशासन समिति ने शनिवार को 18 छात्रों पर कार्रवाई की। मारपीट करने वाले तीन छात्रों को विवि से बाहर कर दिया है। सात छात्रों पर वार्डन की बात न मानने पर पांच-पांच हजार का जुर्माना लगाया गया है। एक छात्रा को नकल करने के मामले में दो सेमेस्टर के लिए ड्रॉप कर दिया गया है।
पंद्रह दिन पहले बीटेक के छात्र सतेंद्र वर्मा, तरुण पांडेय और बीएससी के छात्र शशांक ने लालबहादुर शास्त्री हॉस्टल के छात्र सूरज के साथ मारपीट की थी। छात्र हॉस्टल से फरार होकर जंगल में छिप गए थे। मामला अनुशासन समिति में पहुंचा तो छात्रों के बयान दर्ज किए और उन्हें विवि से निकाल दिया।
इसके अलावा सुभाष भवन के सात छात्र वार्डन एसएस तोमर की बात नहीं मान रहे थे। जिन पर पूर्व में दो-दो सौ रुपये का जुर्माना लगा दिया गया था, इसके बावजूद भी छात्रों ने उनकी बात नहीं मानी। फिर से अनुशासन समिति की बैठक हुई तो इन छात्रों पर पांच-पांच हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया।
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बीएससी एजी प्रथम वर्ष की एक छात्रा नकल करते पकड़ी गई थी। अनुशासन समिति ने उसे दो सेमेस्टर के लिए ड्राप कर दिया। लाल बहादुर शास्त्री हॉस्टल के पांच छात्रों ने अभिषेक मिश्रा नाम के छात्र के साथ मारपीट कर दी। पांचों छात्रों पर पांच-पांच हजार रुपये का फाइन और हमेशा के लिए हॉस्टल से निष्कासित कर दिया गया। डीएसडब्ल्यू डॉ. अनिल सिरोही ने बताया कि पिछले कई दिनों से अनुशासन समिति द्वारा इन मामलों में जांच की जा रही थी। जांच के बाद रिपोर्ट कुलपति को भेजी गई। कुलपति के अनुमोदन के बाद कार्रवाई की गई है।
16 साल में पहली बार बड़ी कार्रवाई
कृषि विवि के 16 साल के इतिहास में पहली बार छात्रों पर बड़ी कार्रवाई की गई है। तीन छात्रों को विवि से बाहर कर दिया गया, जबकि पांच छात्रों को हमेशा के लिए हॉस्टल से बाहर का रास्ता दिखा दिया। अनुशासन समिति की कार्रवाई से विवि में हड़कंप मच गया।
छात्रों ने पहले भी की थी मारपीट
डीएसडब्ल्यू ने बताया कि सतेंद्र वर्मा, तरुण पांडेय, शशांक कुमार का रिकॉर्ड ठीक नहीं था। हॉस्टल में ये आए दिन मारपीट करते थे। इस घटना से पहले भी छात्रों पर फाइन लगा था और हिदायत दी गई थी कि अगर दोबारा ऐसा हुआ तो फिर कड़ी कार्रवाई की जाएगी, लेकिन छात्र नहीं माने। इसलिए विवि ने कार्रवाई की।
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पंद्रह दिन पहले बीटेक के छात्र सतेंद्र वर्मा, तरुण पांडेय और बीएससी के छात्र शशांक ने लालबहादुर शास्त्री हॉस्टल के छात्र सूरज के साथ मारपीट की थी। छात्र हॉस्टल से फरार होकर जंगल में छिप गए थे। मामला अनुशासन समिति में पहुंचा तो छात्रों के बयान दर्ज किए और उन्हें विवि से निकाल दिया।
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इसके अलावा सुभाष भवन के सात छात्र वार्डन एसएस तोमर की बात नहीं मान रहे थे। जिन पर पूर्व में दो-दो सौ रुपये का जुर्माना लगा दिया गया था, इसके बावजूद भी छात्रों ने उनकी बात नहीं मानी। फिर से अनुशासन समिति की बैठक हुई तो इन छात्रों पर पांच-पांच हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया।
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बीएससी एजी प्रथम वर्ष की एक छात्रा नकल करते पकड़ी गई थी। अनुशासन समिति ने उसे दो सेमेस्टर के लिए ड्राप कर दिया। लाल बहादुर शास्त्री हॉस्टल के पांच छात्रों ने अभिषेक मिश्रा नाम के छात्र के साथ मारपीट कर दी। पांचों छात्रों पर पांच-पांच हजार रुपये का फाइन और हमेशा के लिए हॉस्टल से निष्कासित कर दिया गया। डीएसडब्ल्यू डॉ. अनिल सिरोही ने बताया कि पिछले कई दिनों से अनुशासन समिति द्वारा इन मामलों में जांच की जा रही थी। जांच के बाद रिपोर्ट कुलपति को भेजी गई। कुलपति के अनुमोदन के बाद कार्रवाई की गई है।
16 साल में पहली बार बड़ी कार्रवाई
कृषि विवि के 16 साल के इतिहास में पहली बार छात्रों पर बड़ी कार्रवाई की गई है। तीन छात्रों को विवि से बाहर कर दिया गया, जबकि पांच छात्रों को हमेशा के लिए हॉस्टल से बाहर का रास्ता दिखा दिया। अनुशासन समिति की कार्रवाई से विवि में हड़कंप मच गया।
छात्रों ने पहले भी की थी मारपीट
डीएसडब्ल्यू ने बताया कि सतेंद्र वर्मा, तरुण पांडेय, शशांक कुमार का रिकॉर्ड ठीक नहीं था। हॉस्टल में ये आए दिन मारपीट करते थे। इस घटना से पहले भी छात्रों पर फाइन लगा था और हिदायत दी गई थी कि अगर दोबारा ऐसा हुआ तो फिर कड़ी कार्रवाई की जाएगी, लेकिन छात्र नहीं माने। इसलिए विवि ने कार्रवाई की।