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किसानों न रुकवाया एनएच का चौड़ीकरण, मांगा चार गुना मुआवजा
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 21 May 2016 02:09 AM IST
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जिलाधिकारी कार्यालय पर प्रदर्शन करते किसान
- फोटो : अमर उजाला
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मेरठ-बुलंदशहर हाईवे 235 के चौड़ीकरण के लिए भूमि अधिग्रहण की है। जिसमें शुक्रवार को कंपनी ने प्रोजेक्ट मैनेजर के नेतृत्व में खरखौदा में बाईपास पर काम शुरू किया गया। इसकी जानकारी खरखौदा निवासी किसानों को जानकारी हुई तो वे मशीन के आगे बैठ गए तथा काम रुकवा दिया।
वहीं, गांव कैली निवासी सैकड़ों ग्रामीणों ने एडीएम के समक्ष अधिग्रहण की गई भूमि का चार गुना मुआवजा नहीं मिलने तक कब्जा देने से इनकार कर दिया। जिसको लेकर हाईवे से संबंधित किसान इकट्ठा हो रहे हैं।
मेरठ-बुलंदशहर हाईवे 235 से कई जगह बाईपास निकाला गया है। वहीं, हाईवे का चौड़ीकरण किया जाना है। जिसमें निर्माण और हाईवे के चौड़ीकरण के लिए अर्जन हेतु घोषणा हो चुकी है। नेशनल हाईवे एक्ट में बाजार दर से मुआवजा देना तय हुआ था।
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इसके बावजूद 2011 में अर्जित जमीन के लिए चार गुना मुआवजा नहीं दिया जा रहा है। वहीं, 2013 में अधिग्रहित जमीन का चार गुना मुआवजा दिया जा रहा है। जिसमें गांव नालपुर, खरखौदा, धीरखेड़ा और भगवानपुर में चार गुना मुआवजा तय हो गया है।
वहीं, कैली, पांची, बिजौली, फफूंडा, ढिकौली, शकरपुर, हाजीपुर और जाहिदपुर सभी को चार गुना मुआवजा नहीं दिया जा रहा है। जिसको लेकर इन सभी गांवों के किसान संघर्ष कर रहे हैं। शुक्रवार को प्रोजेक्ट मैनेजर आरके चौहान के नेतृत्व में खरखौदा में विनोद त्यागी पुत्र धनप्रकाश त्यागी के खेत से काम शुरू किया गया। इसकी जानकारी पाकर किसान पहुंच गए तथा विरोध कर दिया।
उन्होंने बताया कि खरखौदा का चार गुना मुआवजा तय हो गया है, लेकिन पैसा अभी तक नहीं मिल पाया है। किसान विनीत त्यागी, मुनेश, अतुल त्यागी, मूलचंद, संदीप कुमार, मनोज, प्रमोद और मोहित त्यागी ने बताया कि उनका मुआवजा नहीं दिया जा रहा है। पूरा मुआवजा नहीं मिलने तक काम नहीं होने देंगे। वहीं, किसान मशीन के आगे बैठ गये।
एडीएम कार्यालय पहुंचे किसान
गांव कैली निवासी किसान अपर जिलाधिकारी एलए कार्यालय पहुंचे। उन्होंने बताया कि चौड़ीकरण के चलते गांव कैली को 800 रुपये प्रति वर्ग मीटर का अवार्ड घोषित हुआ है। किसानों को चार गुना मुआवजा नहीं मिल पा रहा है। खरखौदा सहित अन्य गांवों की तरह उनको भी चार गुना मुआवजा मिलना चाहिये। वे मुआवजा नहीं मिलने तक कब्जा नहीं देंगे।
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वहीं, गांव कैली निवासी सैकड़ों ग्रामीणों ने एडीएम के समक्ष अधिग्रहण की गई भूमि का चार गुना मुआवजा नहीं मिलने तक कब्जा देने से इनकार कर दिया। जिसको लेकर हाईवे से संबंधित किसान इकट्ठा हो रहे हैं।
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मेरठ-बुलंदशहर हाईवे 235 से कई जगह बाईपास निकाला गया है। वहीं, हाईवे का चौड़ीकरण किया जाना है। जिसमें निर्माण और हाईवे के चौड़ीकरण के लिए अर्जन हेतु घोषणा हो चुकी है। नेशनल हाईवे एक्ट में बाजार दर से मुआवजा देना तय हुआ था।
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इसके बावजूद 2011 में अर्जित जमीन के लिए चार गुना मुआवजा नहीं दिया जा रहा है। वहीं, 2013 में अधिग्रहित जमीन का चार गुना मुआवजा दिया जा रहा है। जिसमें गांव नालपुर, खरखौदा, धीरखेड़ा और भगवानपुर में चार गुना मुआवजा तय हो गया है।
वहीं, कैली, पांची, बिजौली, फफूंडा, ढिकौली, शकरपुर, हाजीपुर और जाहिदपुर सभी को चार गुना मुआवजा नहीं दिया जा रहा है। जिसको लेकर इन सभी गांवों के किसान संघर्ष कर रहे हैं। शुक्रवार को प्रोजेक्ट मैनेजर आरके चौहान के नेतृत्व में खरखौदा में विनोद त्यागी पुत्र धनप्रकाश त्यागी के खेत से काम शुरू किया गया। इसकी जानकारी पाकर किसान पहुंच गए तथा विरोध कर दिया।
उन्होंने बताया कि खरखौदा का चार गुना मुआवजा तय हो गया है, लेकिन पैसा अभी तक नहीं मिल पाया है। किसान विनीत त्यागी, मुनेश, अतुल त्यागी, मूलचंद, संदीप कुमार, मनोज, प्रमोद और मोहित त्यागी ने बताया कि उनका मुआवजा नहीं दिया जा रहा है। पूरा मुआवजा नहीं मिलने तक काम नहीं होने देंगे। वहीं, किसान मशीन के आगे बैठ गये।
एडीएम कार्यालय पहुंचे किसान
गांव कैली निवासी किसान अपर जिलाधिकारी एलए कार्यालय पहुंचे। उन्होंने बताया कि चौड़ीकरण के चलते गांव कैली को 800 रुपये प्रति वर्ग मीटर का अवार्ड घोषित हुआ है। किसानों को चार गुना मुआवजा नहीं मिल पा रहा है। खरखौदा सहित अन्य गांवों की तरह उनको भी चार गुना मुआवजा मिलना चाहिये। वे मुआवजा नहीं मिलने तक कब्जा नहीं देंगे।