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पैसों की किल्लत से लोग परेशान, कहीं कम कैश तो कहीं नो कैश
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 15 Dec 2016 12:49 PM IST
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फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
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कैश की किल्लत को लेकर बुधवार दोपहर 12 बजे ही बैंकों में नो कैश के बोर्ड लगने शुरू हो गए। यह देख घंटों से लाइन में लगे लोग ठगे रह गए। वेतन और पेंशन न मिलने से नाराज लोगों ने कई जगहों पर हंगामा काटा। कहीं कैश था भी तो लंबी लाइनों के कारण लोगों को चार या छह हजार रुपये ही मिल सके।
बता दें कि बुधवार सुबह 7:00 बजे से ही बैंकों के बाहर लोगों की भीड़ लगनी शुरू हो गई थी। बैंकों में कैश कम था। बैंकों ने सुबह लाइन में लगे लोगों को टोकन देने के बाद बैंक बंद कर दिया। इसके बाद आए लोग बिना टोकन के ही रह गए। उन्होंने हंगामा किया। इसके बाद जिन बैंकों में कैश की व्यवस्था हो गई, उनमें लोगों को बाद में टोकन नंबर दिए गए।
वहीं कचहरी स्थित सिंडिकेट बैंक में दोपहर 12:30 बजे कैश खत्म होने पर लोगों ने हंगामा किया। वेस्टर्न कचहरी रोड एसबीआई की भी यही स्थिति रही। मलियाना स्थित जिला सहकारी बैंक में भी कैश न मिलने से किसान लौट रहे थे। दिल्ली रोड यूनियन बैंक, सिंडिकेट बैंक मेट्रो प्लाजा, एसबीआई स्पोर्ट्स कांपलेक्स, यूनियन बैंक आरजीपीजी कालेज, पीएनबी बागपत रोड में भी लोगों को घंटों लाइन में लगने के बावजूद चार से छह हजार रुपये तक ही मिल सके।
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जिला सहकारी बैंक में हंगामा
सरधना क्षेत्र के नानू गांव के जिला सहकारी बैंक में कैश न मिलने से गुस्साए ग्रामीणों ने हंगामा किया। बाद में मुख्यालय से कैश भेजा गया, लेकिन भीड़ और हंगामे की वजह से बैंक स्टाफ गाड़ी से कैश भी नहीं उतार सका। कैश कम था और मांग ज्यादा। ग्रामीणों को समझाकर शांत किया गया।
आज भी सुधार के आसार नहीं
बैंकों में आज भी हालात सुधरने के आसार नहीं है। बैंकों को डिमांड से 25 फीसदी कैश भी नहीं मिल पा रहा। एसबीआई को छोड़ दें तो लीड बैंक होने के बावजूद सिंडिकेट बैंक की हालत सबसे ज्यादा कमजोर है। पीएनबी ने किसी तरह मंगलवार को कैश की व्यवस्था की। लेकिन बाकी बैंकों में अभी भी कैश की जबरदस्त कमी है। एसबीआई के आरएम प्रथम मौ. आरिफ ने बताया कि एक दो दिन में स्थिति सुधरने की उम्मीद है।
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बता दें कि बुधवार सुबह 7:00 बजे से ही बैंकों के बाहर लोगों की भीड़ लगनी शुरू हो गई थी। बैंकों में कैश कम था। बैंकों ने सुबह लाइन में लगे लोगों को टोकन देने के बाद बैंक बंद कर दिया। इसके बाद आए लोग बिना टोकन के ही रह गए। उन्होंने हंगामा किया। इसके बाद जिन बैंकों में कैश की व्यवस्था हो गई, उनमें लोगों को बाद में टोकन नंबर दिए गए।
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वहीं कचहरी स्थित सिंडिकेट बैंक में दोपहर 12:30 बजे कैश खत्म होने पर लोगों ने हंगामा किया। वेस्टर्न कचहरी रोड एसबीआई की भी यही स्थिति रही। मलियाना स्थित जिला सहकारी बैंक में भी कैश न मिलने से किसान लौट रहे थे। दिल्ली रोड यूनियन बैंक, सिंडिकेट बैंक मेट्रो प्लाजा, एसबीआई स्पोर्ट्स कांपलेक्स, यूनियन बैंक आरजीपीजी कालेज, पीएनबी बागपत रोड में भी लोगों को घंटों लाइन में लगने के बावजूद चार से छह हजार रुपये तक ही मिल सके।
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जिला सहकारी बैंक में हंगामा
सरधना क्षेत्र के नानू गांव के जिला सहकारी बैंक में कैश न मिलने से गुस्साए ग्रामीणों ने हंगामा किया। बाद में मुख्यालय से कैश भेजा गया, लेकिन भीड़ और हंगामे की वजह से बैंक स्टाफ गाड़ी से कैश भी नहीं उतार सका। कैश कम था और मांग ज्यादा। ग्रामीणों को समझाकर शांत किया गया।
आज भी सुधार के आसार नहीं
बैंकों में आज भी हालात सुधरने के आसार नहीं है। बैंकों को डिमांड से 25 फीसदी कैश भी नहीं मिल पा रहा। एसबीआई को छोड़ दें तो लीड बैंक होने के बावजूद सिंडिकेट बैंक की हालत सबसे ज्यादा कमजोर है। पीएनबी ने किसी तरह मंगलवार को कैश की व्यवस्था की। लेकिन बाकी बैंकों में अभी भी कैश की जबरदस्त कमी है। एसबीआई के आरएम प्रथम मौ. आरिफ ने बताया कि एक दो दिन में स्थिति सुधरने की उम्मीद है।