बढ़ी मुश्किलें: भ्रष्टाचार में फंसे इंस्पेक्टर का पक्ष लेने वाले एएसपी हापुड़ की जांच होगी, इमरान के दर्ज हुए बयान
इंस्पेक्टर और हेड कांस्टेबल के खिलाफ भ्रष्टाचार का मुकदमा दर्ज कराने वाले वकार के कोर्ट में 164 के बयान दर्ज हो गए। वकार ने मुकदमे का समर्थन करते हुए बयान दिया है। वहीं इस मामले में आरोपी इंस्पेक्टर के बचाव में आने वाले एएसपी हापुड़् के खिलाफ जांच बैठा दी गई है।
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भ्रष्टाचार में फंसे इंस्पेक्टर बिजेंद्र सिंह राणा का बचाव करने वाले एएसपी हापुड़ की जांच होगी। एएसपी पर आरोप लगाने वाले इमरान से भी पूछताछ होगी। पुलिस के अधिकारी कहते हैं कि साजिश के तहत एएसपी हापुड़ के खिलाफ शिकायती पत्र मुख्यमंत्री, गृह मंत्री और डीजीपी को भेजा गया है।
31 अगस्त को 30 हजार की रिश्वत लेते सदर थाने के हेड कांस्टेबल मनमोहन सिंह को गिरफ्तार किया गया था। पूछताछ में कांस्टेबल ने बताया था कि इंस्पेक्टर सदर बिजेंद्र सिंह राणा के कहने पर रिश्वत ली है। इसके बाद दोनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था।
मामले में सोमवार को पुलिस अधिकारियों के पास आए ट्रक मालिक इमरान के शिकायती पत्र ने खलबली मचा दी। पत्र में बताया गया है कि एएसपी हापुड़ इंस्पेक्टर बिजेंद्र को बचा रहे हैं। इंस्पेक्टर के पक्ष में उससे जबरन शपथ पत्र भी लिया हे। यह चिट्ठी एसएसपी मेरठ और सदर बाजार थाने में भी भेजी गई है। एसएसपी प्रभाकर चौधरी का कहना कि मैंने अभी डाक से आने वाला पत्र नहीं देखा है। पत्र के साथ एएसपी की भी जांच होगी।
मेरे वकील ने लिखा एएसपी का नाम : इमरान
इमरान का कहना है कि मेरा ट्रक चार फरवरी को चोरी हुआ था। इंस्पेक्टर बिजेंद्र ने मुझे दो दिन थाने की हवालात में बंद करके बहुत पीटा और मुझसे जबरन बुलवाया कि ट्रक चोरी का फर्जी मुकदमा दर्ज कराया है। उसने वीडियो भी बनाई।
पुलिस अधिकारियों को दो सितंबर को मैंने ही चिट्ठी भेजी। एएसपी हापुड़ का नाम मेरे वकील ने लिख दिया। मैं अनपढ़ हूं, मुझे नहीं पता चला कि एएसपी का नाम कैसे लिखा है। रिश्वत लेने और शपथ पत्र की बात इंस्पेक्टर बिजेंद्र के बारे में लिखने को कहा था।
कोर्ट में वकार के बयान
इंस्पेक्टर और हेड कांस्टेबल के खिलाफ भ्रष्टाचार का मुकदमा दर्ज कराने वाले वकार के मंगलवार को कोर्ट में 164 के बयान दर्ज हो गए। वकार ने मुकदमे का समर्थन करते हुए बयान दिया है। उसने कहा कि इंस्पेक्टर सदर ने उसको पीटा, अवैध तरीके से हिरासत में रखा और रिश्वत ली है।
मुझ पर लगाए आरोप निराधार हैं। इमरान या उसके रिश्तेेदार से मेरा कोई भी लेनादेना नहीं है। मैं इंस्पेक्टर बिजेंद्र राणा को भी नहीं जानता। यह चिट्ठी किसने ओर किस उद्देश्य से भेजी है, इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। इमरान से पूछताछ होगी और उसके बयान भी दर्ज होंगे। उच्च अधिकारी मामले की जांच कराएं। - सर्वेश कुमार मिश्रा, एएसपी हापुड़