बागपत: कड़ी सुरक्षा के बीच सीजेएम कोर्ट में हुई सुनील राठी की पेशी, बदरखा खनन पर कही ये बात
पूर्वांचल के डॉन मुन्ना बजरंगी के हत्यारोपी सुनील राठी को कड़ी सुरक्षा के साथ बागपत की सीजेएम कोर्ट में पेशी पर लाया गया। बताया गया कि राठी को साल 2015 के एक मामले में पेशी पर लाया गया है। यहां पेशी के बाद सुनील राठी ने बदरखा खनन पट्टे पर विधायक योगेश धामा की शिकायत को लेकर भी बयान दिया। इस दौरान कोर्ट परिसर में भारी पुलिसबल तैनात रहा।
पेशी क बाद कुख्यात राठी ने पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए बयान दिया कि पट्टा रिश्तेदारों का है। विधायक अपनी राजनीति करें और रेत से दूर रहें। राठी ने कहा कि जब विधायक राजनीति की एबीसीडी नहीं जानते थे तब से उनका परिवार राजनीति में है। पट्टे की दोबारा जांच कराएंगे और हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे। प्रशासन ने गलत जुर्माना लगाया है।
विधायक धामा ने खोला डीएम के खिलाफ मोर्चा
भाजपा विधायक योगेश धामा ने अवैध खनन को लेकर डीएम शकुंतला गौतम के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने सीएम योगी आदित्यनाथ को पत्र भेजकर आरोप लगाया है कि डीएम मनमाने तरीके से कार्य कर रही हैं। बदरखा खनन पट्टे पर पट्टा धारक को डरा धमकाकर कुछ अपराधी और माफिया डीएम की सहमति से खनन कर रहे हैं। पट्टे के लिए आवंटित भूमि से चार गुणा क्षेत्रफल पर खनन किया जा रहा है।
योगेश धामा ने आरोप लगाया है कि डीएम के मनमाने तरीके से कार्य करने के कारण जनता में सरकार की छवि नकारात्मक बन रही है। ग्रामीण, जनप्रतिनिधि और भाजपा कार्यकर्ता लगातार शिकायत कर रहे हैं, लेकिन डीएम की सहमति से लगातार अवैध खनन चल रहा है। बदरखा और ककौर गांव के लोगों का जीवन नरक बन गया है। यहां से गुजरने वाले बालू खनन के ओवरलोड वाहनों से गांव के रास्ते टूट चुके हैं।
हलालपुर-बदरखा मार्ग, बदरखा-ककौर संपर्क मार्ग, ककौर-नंगला संपर्क मार्ग की स्थिति खराब है। किसानों को खेतों तक जाना मुश्किल हो गया है। सांकरौद में रात के समय अवैध खनन की शिकायतें मिल रही हैं। डीएम से शिकायत करने पर भी कोई समाधान नहीं हुआ। धामा ने सीएम से अवैध खनन और अन्य योजनाओं की जांच के लिए उच्च स्तरीय कमेटी के गठन की मांग की है।
लगातार कर रहे अवैध खनन पर कार्रवाई : डीएम
इस संबंध में बात करने पर डीएम शकुंतला गौतम ने कहा कि विधायक की ओर से सीएम योगी आदित्यनाथ को भेजे गए ऐसे किसी पत्र की उन्हें जानकारी नहीं है। जहां तक अवैध खनन पर कार्रवाई की बात है, तो प्रशासन लगातार ओवरलोड वाहनों के खिलाफ कार्रवाई कर रहा है।