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शहर में जाम लगने के ये हैं प्रमुख कारण, हो सकता है जाम मुक्त शहर
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 29 Jul 2017 10:43 AM IST
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फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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चौराहे होमगार्डों के हवाले होंगे, ऑटो- ई रिक्शा चालक मनमर्जी के अड्डे बनाएंगे, पुलिस कहीं और व्यस्त होगी तो जाम तो लगेगा ही। चौराहे छोड़कर आखिर कहां चली जाती मेरठ पुलिस। जाम का कारण बनने वाली ई रिक्शा और ऑटो चालकों पर क्यों नहीं होती कार्रवाई। शहर की ट्रैफिक व्यवस्स्था को सुधारने के लिए पुलिस अफसरों के दावे तो बड़े बड़े किये जाते हैं। लेकिन सड़क पर अफसरों के यह दावे होमगार्डों के हवाले रहते हैं। होमगार्ड जब चाहे जब वाहनों को रोककर कागज चेक करते दिखाई पड़ेंगे।
अमर उजाला टीम ने शुक्रवार को शहर के हालात का जायजा लिया तो सामने आया कि पुलिस तो सड़कों पर होती ही नहीं। सारा ट्रैफिक होमगार्डों के हवाले है। होमगार्ड या बातों में मशगूल रहते हैं या बाहर से आने वाले वाहनों से वसूली में। बागपत अड्डा, जीरो माइल, हापुड़ अड्डा, भूमिया पुल, लिसाड़ी गेट मार्ग, नौचंदी मार्ग पर अवैध रूप से ऑटो और ई रिक्शा के स्टैंड बना लिये गये हैं, जो जाम लगने का सबसे बड़ा कारण है।
बागपत अड्डा
दिल्ली रोड पर बागपत अड्डा और मेट्रो प्लाजा के पास जाम से सबसे अधिक वाहन चालकों को जूझना पड़ता है। बागपत अड्डे के पास सड़क पर जाम लगा था और सभी होमगार्ड एक ही स्थान पर खड़े होकर जाम न खुलवाकर सिर्फ आने जाने वाले वाहनों को रोक रहे थे। बीच सड़क पर वाहन रोके जाने से वाहन चालकों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा। जिन होमगार्डो पर ट्रैफिक की जिम्मेदारी थी उन्हीं के सामने लोग जाम से जूझते रहे। यहां ऑटो का अवैध स्टैंड जाम का सबसे बड़ा कारण है। ऑटो ट्रैफिक को बाधित करते हैं, जिससे बार बार जाम लगता है।
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हापुड़ अड्डा
हापुड़ अड्डा चौराहे से भूमिया पुल की तरफ जाने वाले रोड पर हररोज जाम लगता है। जाम का कारण बीच सड़क पर चालकों ने ऑटो का स्टैंड बना लिया है। सड़क पर मिड लाइन तक चालक अपनी मनमर्जी से ऑटो खड़े करके उनमें यात्रियों को बैठाते हैं। ऑटो के सड़क पर खड़े होने से यहां भीषण जाम लगता है। नौचंदी मार्ग पर करीब डेढ सौ ऑटो सड़क पर हर समय खडे़ रहते हैं। गढ़ रोड पर ई रिक्शा और ऑटो का अवैध स्टैंड जाम का सबसे बड़ा कारण है। यहां करीब आधा दर्जन होमगार्ड नजर आए, लेकिन इन लोगों ने न तो जाम खुलवाने का प्रयास किया और न ही अवैध स्टैंड हटाने का। भूमिया पुल, लिसाड़ी गेट रोड पर पुलिस अपने ही कामों में व्यस्त थी। नो टेंपो जोन बस पुलिस के प्लान में है, असलियत में पुलिस ने कभी टेंपो को रोका ही नहीं।
ईव्ज चौराहा
यह चौराहा भी होमगार्ड के हवाले था। ऐसे में वाहन चारों तरफ से जाम में फंसे हुए थे। होमगार्ड जाम खुलवाने के स्थानों पर वाहनों की चेकिंग के लिए बीच सड़क पर वाहनों को रोक रहा था। ईव्ज चौराहे से इंदिरा चौक तक सड़क पर अवैध तरीके से वाहन सड़क पर ही खड़े होने से जाम की समस्या बनी हुई थी। ईव्ज चौराहे से लेकर इंदिरा चौक और गुलमर्ग के पास भी आधी सड़क तक ई रिक्शा ही खड़े थे।
बच्चा पार्क चौराहा
शहर के सबसे भीड़भाड़ वाला स्थान बच्चा पार्क चौराहे पर पर होमगार्ड तैनात थे। चौराहे पर आड़े तिरछे वाहन चारों तरफ से निकल रहे थे, ऐसे में जाम की समस्या बनी हुई थी। होमगार्ड चौराहे की व्यवस्था छोड़कर आने जाने वाले दो पहिया और चार पहिया वाहनों को रोककर उनसे चेकिंग के नाम पर कागजात मांगता है। चौराहे पर ट्रैफिक सिपाही दूर तक भी नहीं दिखाई पड़ा।
इंदिरा चौक
कांवड़ यात्रा को समाप्त हुए करीब एक सप्ताह हो चुका है। लेकिन कट बंद करने के लिए पुलिस ने लोहे के जो ड्रम रखे थे शहर की सड़कों पर अभी भी ऐसे ही रखे हैँ। इंदिरा चौक के पास बीच सड़क पर ड्रम रखे हुए थे। ऐसे में यही लगता है कि हादसे के इंतजार में यह ड्रम रखे हुए हैं। दो पहिया या अन्य कोई भी वाहन इनसे टकरा सकता है। ट्रैफिक पुलिस का इन ड्रमों की तरफ कोई ध्यान नहीं था।
घंटाघर
दुकानों के सामने आधी सड़क तक पार्किंग की जाती है, जो यहां जाम का सबसे बड़ा कारण है। एसपी सिटी का आफिस यहीं पर है, लेकिन व्यवस्था फिर भी सही नहीं है।
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अमर उजाला टीम ने शुक्रवार को शहर के हालात का जायजा लिया तो सामने आया कि पुलिस तो सड़कों पर होती ही नहीं। सारा ट्रैफिक होमगार्डों के हवाले है। होमगार्ड या बातों में मशगूल रहते हैं या बाहर से आने वाले वाहनों से वसूली में। बागपत अड्डा, जीरो माइल, हापुड़ अड्डा, भूमिया पुल, लिसाड़ी गेट मार्ग, नौचंदी मार्ग पर अवैध रूप से ऑटो और ई रिक्शा के स्टैंड बना लिये गये हैं, जो जाम लगने का सबसे बड़ा कारण है।
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बागपत अड्डा
दिल्ली रोड पर बागपत अड्डा और मेट्रो प्लाजा के पास जाम से सबसे अधिक वाहन चालकों को जूझना पड़ता है। बागपत अड्डे के पास सड़क पर जाम लगा था और सभी होमगार्ड एक ही स्थान पर खड़े होकर जाम न खुलवाकर सिर्फ आने जाने वाले वाहनों को रोक रहे थे। बीच सड़क पर वाहन रोके जाने से वाहन चालकों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा। जिन होमगार्डो पर ट्रैफिक की जिम्मेदारी थी उन्हीं के सामने लोग जाम से जूझते रहे। यहां ऑटो का अवैध स्टैंड जाम का सबसे बड़ा कारण है। ऑटो ट्रैफिक को बाधित करते हैं, जिससे बार बार जाम लगता है।
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हापुड़ अड्डा
हापुड़ अड्डा चौराहे से भूमिया पुल की तरफ जाने वाले रोड पर हररोज जाम लगता है। जाम का कारण बीच सड़क पर चालकों ने ऑटो का स्टैंड बना लिया है। सड़क पर मिड लाइन तक चालक अपनी मनमर्जी से ऑटो खड़े करके उनमें यात्रियों को बैठाते हैं। ऑटो के सड़क पर खड़े होने से यहां भीषण जाम लगता है। नौचंदी मार्ग पर करीब डेढ सौ ऑटो सड़क पर हर समय खडे़ रहते हैं। गढ़ रोड पर ई रिक्शा और ऑटो का अवैध स्टैंड जाम का सबसे बड़ा कारण है। यहां करीब आधा दर्जन होमगार्ड नजर आए, लेकिन इन लोगों ने न तो जाम खुलवाने का प्रयास किया और न ही अवैध स्टैंड हटाने का। भूमिया पुल, लिसाड़ी गेट रोड पर पुलिस अपने ही कामों में व्यस्त थी। नो टेंपो जोन बस पुलिस के प्लान में है, असलियत में पुलिस ने कभी टेंपो को रोका ही नहीं।
ईव्ज चौराहा
यह चौराहा भी होमगार्ड के हवाले था। ऐसे में वाहन चारों तरफ से जाम में फंसे हुए थे। होमगार्ड जाम खुलवाने के स्थानों पर वाहनों की चेकिंग के लिए बीच सड़क पर वाहनों को रोक रहा था। ईव्ज चौराहे से इंदिरा चौक तक सड़क पर अवैध तरीके से वाहन सड़क पर ही खड़े होने से जाम की समस्या बनी हुई थी। ईव्ज चौराहे से लेकर इंदिरा चौक और गुलमर्ग के पास भी आधी सड़क तक ई रिक्शा ही खड़े थे।
बच्चा पार्क चौराहा
शहर के सबसे भीड़भाड़ वाला स्थान बच्चा पार्क चौराहे पर पर होमगार्ड तैनात थे। चौराहे पर आड़े तिरछे वाहन चारों तरफ से निकल रहे थे, ऐसे में जाम की समस्या बनी हुई थी। होमगार्ड चौराहे की व्यवस्था छोड़कर आने जाने वाले दो पहिया और चार पहिया वाहनों को रोककर उनसे चेकिंग के नाम पर कागजात मांगता है। चौराहे पर ट्रैफिक सिपाही दूर तक भी नहीं दिखाई पड़ा।
इंदिरा चौक
कांवड़ यात्रा को समाप्त हुए करीब एक सप्ताह हो चुका है। लेकिन कट बंद करने के लिए पुलिस ने लोहे के जो ड्रम रखे थे शहर की सड़कों पर अभी भी ऐसे ही रखे हैँ। इंदिरा चौक के पास बीच सड़क पर ड्रम रखे हुए थे। ऐसे में यही लगता है कि हादसे के इंतजार में यह ड्रम रखे हुए हैं। दो पहिया या अन्य कोई भी वाहन इनसे टकरा सकता है। ट्रैफिक पुलिस का इन ड्रमों की तरफ कोई ध्यान नहीं था।
घंटाघर
दुकानों के सामने आधी सड़क तक पार्किंग की जाती है, जो यहां जाम का सबसे बड़ा कारण है। एसपी सिटी का आफिस यहीं पर है, लेकिन व्यवस्था फिर भी सही नहीं है।