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अवैध ऑटो पर खामोश है पुलिस-प्रशासन
ब्यूरो/अमर उजाला
Updated Wed, 24 Jan 2018 01:48 AM IST
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घंटाघ्ार के पास लगा जाम।
- फोटो : अमर उजाला
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अवैध ऑटो मुसीबत बनते जा रहे हैं। शहर के मुख्य चौराहों और मार्गों पर ये ई-रिक्शा के साथ जाम का सबसे बड़ा कारण हैं। ट्रैफिक पुलिस जहां सप्ताह में एक या दो दिन ही कार्रवाई करती है तो वहीं आरटीओ के अधिकारी भी चुप्पी साधे हुए हैं।
शहर में करीब चार हजार ऑटो अवैध तरीके से दौड़ रहे हैं। इनमें अधिकांश डीजल चलित ऑटो 10 से 20 साल तक पुराने हैं। एनजीटी के भी आदेश हैं कि ऐसे वाहनों पर तत्काल पाबंदी लगाई जाए। लेकिन इसके बावजूद धड़ल्ले से दौड़ रहे हैं। ट्रैफिक पुलिस ने पिछले पांच दिनों में 20 अवैध ऑटो पर ही कार्रवाई की है। अवैध आटो में न तो यात्री सुरक्षित हैं और न ही इनसे सड़क पर चलते लोग। पता नहीं क ब इन खटारा ऑटो से हादसा हो जाए। शहर में मोदीपुरम, रुड़की रोड, जीरो माइल चौराहा, बेगमपुल, कमिश्नरी आवास चौराहा, गंगानगर, जेल चुंगी चौराहा, तेजगढ़ी चौराहा, मेडिकल कॉलेज, एल ब्लॉक शास्त्रीनगर, हापुड़ रोड, हापुड़ अड्डा चौराहा, भूमिया का पुल, लिसाड़ी रोड, दिल्ली रोड, बागपत रोड और परतापुर में जाम लगता है।
सड़क पर बनीं अवैध पार्किंग
शहर में अधिकांश स्थानों पर सड़क पर ही अवैध तरीके से ऑटो खड़े होते हैं। जिससे जहां जाम लगता है, तो आए दिन यात्रियों और लोगों से अभद्रता के मामले सामने आते हैं। लेकिन कार्रवाई के नाम पर पुलिस कुछ नहीं करती। मुख्य चौराहों पर भी चालक मनमानी कर ऑटो को आड़े तिरछे खड़े कर देेते हैं।
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बच्चे भी असुरक्षित
ऑटो में स्कूल जाने वाले बच्चे भी असुरक्षित हैं। इन ऑटो में निर्धारित संख्या से ज्यादा बच्चों को बैठाया जाता है। चालक टाइम से स्कूल पहुंचने की जल्द में ऑटो दौड़ाते हैं। ऐसे में यदि ऑटो पलट जाए तो कौन जिम्मेदार होगा।
अवैध ऑटो के खिलाफ पुलिस कार्रवाई भी कर रही है। 26 जनवरी के बाद ट्रैफिक पुलिस फिर से अभियान चलाकर कार्रवाई करेगी। अवैध ऑटो को लेकर आरटीओ विभाग से भी जानकारी ली जा रही है।
संजीव बाजपेई, एसपी ट्रैफिक
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शहर में करीब चार हजार ऑटो अवैध तरीके से दौड़ रहे हैं। इनमें अधिकांश डीजल चलित ऑटो 10 से 20 साल तक पुराने हैं। एनजीटी के भी आदेश हैं कि ऐसे वाहनों पर तत्काल पाबंदी लगाई जाए। लेकिन इसके बावजूद धड़ल्ले से दौड़ रहे हैं। ट्रैफिक पुलिस ने पिछले पांच दिनों में 20 अवैध ऑटो पर ही कार्रवाई की है। अवैध आटो में न तो यात्री सुरक्षित हैं और न ही इनसे सड़क पर चलते लोग। पता नहीं क ब इन खटारा ऑटो से हादसा हो जाए। शहर में मोदीपुरम, रुड़की रोड, जीरो माइल चौराहा, बेगमपुल, कमिश्नरी आवास चौराहा, गंगानगर, जेल चुंगी चौराहा, तेजगढ़ी चौराहा, मेडिकल कॉलेज, एल ब्लॉक शास्त्रीनगर, हापुड़ रोड, हापुड़ अड्डा चौराहा, भूमिया का पुल, लिसाड़ी रोड, दिल्ली रोड, बागपत रोड और परतापुर में जाम लगता है।
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सड़क पर बनीं अवैध पार्किंग
शहर में अधिकांश स्थानों पर सड़क पर ही अवैध तरीके से ऑटो खड़े होते हैं। जिससे जहां जाम लगता है, तो आए दिन यात्रियों और लोगों से अभद्रता के मामले सामने आते हैं। लेकिन कार्रवाई के नाम पर पुलिस कुछ नहीं करती। मुख्य चौराहों पर भी चालक मनमानी कर ऑटो को आड़े तिरछे खड़े कर देेते हैं।
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बच्चे भी असुरक्षित
ऑटो में स्कूल जाने वाले बच्चे भी असुरक्षित हैं। इन ऑटो में निर्धारित संख्या से ज्यादा बच्चों को बैठाया जाता है। चालक टाइम से स्कूल पहुंचने की जल्द में ऑटो दौड़ाते हैं। ऐसे में यदि ऑटो पलट जाए तो कौन जिम्मेदार होगा।
अवैध ऑटो के खिलाफ पुलिस कार्रवाई भी कर रही है। 26 जनवरी के बाद ट्रैफिक पुलिस फिर से अभियान चलाकर कार्रवाई करेगी। अवैध ऑटो को लेकर आरटीओ विभाग से भी जानकारी ली जा रही है।
संजीव बाजपेई, एसपी ट्रैफिक