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Meerut News: मैंने तुमको देखा था प्यार की निगाहों से...बात सिर्फ इतनी थी उड़ गई जमाने में

Thu, 18 Jun 2026 05:34 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Thu, 18 Jun 2026 05:34 PM IST
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I looked at you with eyes full of love... that was all there was to it, yet the story spread far and wide.
काव्य गोष्ठी में मंचासीन शायर। (स्त्रोत आयोजक) फलावदा।
- ईर्तिका ए अदब उर्दू के तत्वावधान में डॉ. बशीर बद्र की स्मृति में काव्य गोष्ठी का आयोजन
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संवाद न्यूज एजेंसी
फलावदा। मदरसा दरबार में साहित्यिक संस्था ईर्तिका ए अदब उर्दू के तत्वावधान में डॉक्टर बशीर बद्र की स्मृति में काव्य गोष्ठी का आयोजन हुआ। अध्यक्षता पूर्व चेयरमैन सैयद मेराजुद्दीन व संचालन बुजुर्ग कवि अनवार उल हक शादां ने किया।
काव्य गोष्ठी में मरहूम शायर डॉ. बशीर बद्र के जीवन पर विचार व्यक्त करते हुए भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई। काव्य गोष्ठी के अध्यक्ष एवं पूर्व चेयरमैन सैयद मेराजुद्दीन ने विस्तार से चर्चा की। शुभारंभ ईश्वर वंदना से हुआ। कविताओं का दौर देर रात 2 बजे तक चला। बुजुर्ग शायर अनवार उल हक शादां ने कहा कि ज़ात ए बारी पर मेरा हुस्न ए यकीं तो देखिए। मैंने तूफानों की ज़द पर फूस का घर रख लिया। सैयद नायाबुद्दीन नायाब ने पढ़ा मैंने तुमको देखा था प्यार की निगाहों से। बात सिर्फ इतनी थी उड़ गई जमाने में।
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मेहमान शायर फैसल मेरठी ने कहा कि जब उनका दीदार हो तो खुद पर जरा सा काबू जरूर रखना। हम एक मुद्दत से अपने दिल को ही सलीका सिखा रहे हैं। मिर्जा हसीमुद्दीन हमदम ने पढ़ा जिंदगी ने मौत की दहलीज पर पहुंचा दिया। मिलने वाले मेरे जीने की दुआ करते रहे। मास्टर फैयाज अली नादिर ने कहा जब बुजुर्गों की घर में इज्जत ना रही। एक बूढ़ा कहीं लापता हो गया। डॉ. सलीम खान सलीम ने पढ़ा इलाही मेरे मुझको कुछ तो अता कर। समंदर से निकला गुहर चाहता हूं।
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पूर्व अध्यक्ष अब्दुस समद साहिर ने पढ़ा वो आज तख्त ए हुकूमत पे हो गए काबिज। बिसात ए दहर पे जिनका शुमार था ही नहीं। जफर अब्बास रिजवी ने पढ़ा बे यकीनी की छाप है दिल पर। और रसमन दुआ भी करते हो हाफिज मोहम्मद दानिश ने कहा हर घड़ी ऑफिस हर घड़ी हादसे। शेर गोई हो क्या ऐसे हालात में। श्रोताओं में कारी मोहम्मद आरिफ, मौज रिजवी, मिर्ज़ा समीउद्दीन, मिर्जा मिनहाजुद्दीन, इमरान सैफी, तनसीफ रिज़वी, फरहान अंसारी, हाफिज अय्यूब कुरैशी, यासीन कुरैशी, गय्यूर कुरैशी आदि श्रोता मौजूद रहे।
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