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मुजफ्फरनगर: विवाहिता को आत्महत्या के लिए उकसाने वाले पति को पांच साल की सजा
Tue, 14 May 2019 01:06 PM IST
Dimple Sirohi
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुजफ्फरनगर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुजफ्फरनगर
Published by: Dimple Sirohi
Updated Tue, 14 May 2019 01:06 PM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : PTI
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यूपी के मुजफ्फरनगर में विवाहिता को आत्महत्या के लिए उकसाने वाले पति को अदालत ने पांच वर्ष के कारावास और पांच हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है।
जानसठ कोतवाली पर शिवराज सिंह पुत्र श्रीचंद राम निवासी लतीफपुर तिवडा, थाना मोदीनगर जनपद गाजियाबाद ने 31 जुलाई 2011 को यह मुकदमा दर्ज कराया था। बताया था कि उसकी बेटी पुष्पा की शादी 22 नवम्बर 1999 को अजय कुमार पुत्र बलवीर सिंह निवासी जानसठ के साथ हुई थी।
पुष्पा का पति अजय व ससुर बलबीर सिंह व सास निर्मला देवी शादी में दिए गए दहेज से संतुष्ट नहीं थे। शादी के बाद से ही पुष्पा को दहेज कम लाने के लिए प्रताडित करना शुरू कर दिया था। इससे परेशान होकर 31 जुलाई 2011 को पुष्पा ने फांसी लगा कर आत्महत्या कर ली।
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जानसठ कोतवाली पर शिवराज सिंह पुत्र श्रीचंद राम निवासी लतीफपुर तिवडा, थाना मोदीनगर जनपद गाजियाबाद ने 31 जुलाई 2011 को यह मुकदमा दर्ज कराया था। बताया था कि उसकी बेटी पुष्पा की शादी 22 नवम्बर 1999 को अजय कुमार पुत्र बलवीर सिंह निवासी जानसठ के साथ हुई थी।
पुष्पा का पति अजय व ससुर बलबीर सिंह व सास निर्मला देवी शादी में दिए गए दहेज से संतुष्ट नहीं थे। शादी के बाद से ही पुष्पा को दहेज कम लाने के लिए प्रताडित करना शुरू कर दिया था। इससे परेशान होकर 31 जुलाई 2011 को पुष्पा ने फांसी लगा कर आत्महत्या कर ली।
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इस घटना में पुष्पा के पति अजय कुमार, ससुर बलबीर सिंह , सास निर्मला देवी को आरोपी बनाया गया था। इस मुकदमे की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश बलराज सिंह की अदालत फास्ट ट्रैक कोर्ट संख्या-2 में हुई।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता नरेश कुमार शर्मा ने कोर्ट में आठ गवाह और सबूत पेश किए। न्यायाधीश ने दोनों पक्षों को सुनते हुए अभियुक्त अजय कुमार को धारा 306 के तहत दोषी करार देते हुए पांच वर्ष का कारावास और पांच हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है।
इसके साथ ही अदालत ने आदेश दिया है कि जेल में बिताई गयी अवधि समायोजित की जाएगी । कोर्ट ने सह अभियुक्त बलबीर सिंह व निर्मला देवी को साक्ष्यों के अभाव में बरी कर दिया।
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सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता नरेश कुमार शर्मा ने कोर्ट में आठ गवाह और सबूत पेश किए। न्यायाधीश ने दोनों पक्षों को सुनते हुए अभियुक्त अजय कुमार को धारा 306 के तहत दोषी करार देते हुए पांच वर्ष का कारावास और पांच हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है।
इसके साथ ही अदालत ने आदेश दिया है कि जेल में बिताई गयी अवधि समायोजित की जाएगी । कोर्ट ने सह अभियुक्त बलबीर सिंह व निर्मला देवी को साक्ष्यों के अभाव में बरी कर दिया।
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