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ट्यूशन पढ़ाने पर होगी सख्त कार्रवाई
अमर उजाला ब्यूरों
Updated Mon, 03 Oct 2016 02:48 AM IST
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फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
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केंद्रीय विद्यालय संगठन के सख्त निर्देशों के बाद भी केंद्रीय विद्यालयों में शिक्षकों द्वारा ट्यूशन पढ़ाए जाने के मामले थम नहीं रहे हैं। एक बार फिर संगठन ने शिक्षकों क ो निजी ट्यूशन न पढ़ाने के लिए आगाह किया है।
संगठन के सहायक आयुक्त एकेडमिक्स यूएन खावरे ने पत्र जारी कर सभी प्रिंसिपल को ट्यूशन पढ़ाने वाले शिक्षकों पर सख्त कार्रवाई के आदेश दिए हैं। साथ ही कहा कि केंद्रीय विद्यालयों के शिक्षकों पर सरकारी नियम लागू होते हैं। उनके लिए ट्यूशन पढ़ाना सख्त मना है। अगर कोई शिक्षक ट्यूशन पढ़ाते मिला तो उसके खिलाफ कार्रवाई होगी। इसके लिए प्रिंसिपल और वाइस प्रिंसिपल भी जिम्मेदार होंगे।
इन नियमों का करना होगा पालन
अगर किसी शिक्षक द्वारा ट्यूशन पढ़ाने की शिकायत मिलती है प्रिंसिपल उस पर तुरंत कार्रवाई कर संगठन को सूचित करेंगे।
प्रिंसिपल, वाइस प्रिंसिपल कक्षा में जाकर छात्रों से ट्यूशन की जानकारी लेंगे।
शिक्षक अभिभावक बैठक में अभिभावकों से भी इसकी जानकारी ली जाएगी।
सेमेटिव असेसमेंट की परीक्षा के मूल्यांकन में प्रिंसिपल स्वयं मूल्यांकन प्रक्रिया की निगरानी करेंगे ताकि ट्यूशन पढ़ाने वाले शिक्षक अपने छात्रों को योग्यता से अधिक नंबर न दें।
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प्रैक्टिकल व इंटरनल परीक्षाओं क ा मूल्यांकन भी पारदर्शी तरीके से पूरा किया जाए।
पेपर सेट करते वक्त पूरी गोपनीयता व संवेदनशीलता का ध्यान रखा जाए।
स्कूल में नियुक्त कॅरियर काउंसलर और मनोचिकित्सक छात्रों को गाइडेंस देंगे।
शिक्षक छात्रों से भेदभाव भरा व्यवहार करें तो उसकी जांच की जाए।
छात्रों की होमवर्क और क्लास की कॉपियां नियमित तौर पर चेक होंगी।
ट्यूशन है निजी व्यापार
केंद्रीय विद्यालय संगठन शिक्षक द्वारा ट्यूशन, कोचिंग पढ़ाने को निजी व्यापार मानता है। संगठन की ओर से नियम है कि केवी का कोई भी शिक्षक न ट्यूशन पढ़ाएगा न अपनी कोचिंग चलाएगा। यह निजी व्यापार है जो शिक्षक की गरिमा को शोभा नहीं देता।
दो साल पहले मेरठ में मिला था मामला
शहर के एक केंद्रीय विद्यालय में दो साल पहले शिक्षक द्वारा प्राइवेट ट्यूशन पढ़ाए जाने का मामला सामने आया था। इस पर केंद्रीय विद्यालय संगठन ने सख्ती बरतते हुए कड़ा रुख अख्तियार किया था। उसके बाद से कोई मामला प्रकाश में नहीं आया है।
कठोर दंड का है प्रावधान
केवी के शिक्षकों द्वारा ट्यूशन पढ़ाने को केंद्रीय विद्यालय संगठन में घोर अनुशासनहीनता माना जाता है। ऐसे शिक्षकों पर तुरंत अनुशासनात्मक कार्रवाई के तहत तबादला किया जाता है। अन्य दंड के भी प्रावधान किए हैं।
ये है स्थिति
शहर में केंद्रीय विद्यालय - 3
शिक्षकों की संख्या - 250
छात्रों की संख्या - लगभग 10 हजार
दिल्ली रीजन में केंद्रीय विद्यालय - 65
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संगठन के सहायक आयुक्त एकेडमिक्स यूएन खावरे ने पत्र जारी कर सभी प्रिंसिपल को ट्यूशन पढ़ाने वाले शिक्षकों पर सख्त कार्रवाई के आदेश दिए हैं। साथ ही कहा कि केंद्रीय विद्यालयों के शिक्षकों पर सरकारी नियम लागू होते हैं। उनके लिए ट्यूशन पढ़ाना सख्त मना है। अगर कोई शिक्षक ट्यूशन पढ़ाते मिला तो उसके खिलाफ कार्रवाई होगी। इसके लिए प्रिंसिपल और वाइस प्रिंसिपल भी जिम्मेदार होंगे।
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इन नियमों का करना होगा पालन
अगर किसी शिक्षक द्वारा ट्यूशन पढ़ाने की शिकायत मिलती है प्रिंसिपल उस पर तुरंत कार्रवाई कर संगठन को सूचित करेंगे।
प्रिंसिपल, वाइस प्रिंसिपल कक्षा में जाकर छात्रों से ट्यूशन की जानकारी लेंगे।
शिक्षक अभिभावक बैठक में अभिभावकों से भी इसकी जानकारी ली जाएगी।
सेमेटिव असेसमेंट की परीक्षा के मूल्यांकन में प्रिंसिपल स्वयं मूल्यांकन प्रक्रिया की निगरानी करेंगे ताकि ट्यूशन पढ़ाने वाले शिक्षक अपने छात्रों को योग्यता से अधिक नंबर न दें।
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प्रैक्टिकल व इंटरनल परीक्षाओं क ा मूल्यांकन भी पारदर्शी तरीके से पूरा किया जाए।
पेपर सेट करते वक्त पूरी गोपनीयता व संवेदनशीलता का ध्यान रखा जाए।
स्कूल में नियुक्त कॅरियर काउंसलर और मनोचिकित्सक छात्रों को गाइडेंस देंगे।
शिक्षक छात्रों से भेदभाव भरा व्यवहार करें तो उसकी जांच की जाए।
छात्रों की होमवर्क और क्लास की कॉपियां नियमित तौर पर चेक होंगी।
ट्यूशन है निजी व्यापार
केंद्रीय विद्यालय संगठन शिक्षक द्वारा ट्यूशन, कोचिंग पढ़ाने को निजी व्यापार मानता है। संगठन की ओर से नियम है कि केवी का कोई भी शिक्षक न ट्यूशन पढ़ाएगा न अपनी कोचिंग चलाएगा। यह निजी व्यापार है जो शिक्षक की गरिमा को शोभा नहीं देता।
दो साल पहले मेरठ में मिला था मामला
शहर के एक केंद्रीय विद्यालय में दो साल पहले शिक्षक द्वारा प्राइवेट ट्यूशन पढ़ाए जाने का मामला सामने आया था। इस पर केंद्रीय विद्यालय संगठन ने सख्ती बरतते हुए कड़ा रुख अख्तियार किया था। उसके बाद से कोई मामला प्रकाश में नहीं आया है।
कठोर दंड का है प्रावधान
केवी के शिक्षकों द्वारा ट्यूशन पढ़ाने को केंद्रीय विद्यालय संगठन में घोर अनुशासनहीनता माना जाता है। ऐसे शिक्षकों पर तुरंत अनुशासनात्मक कार्रवाई के तहत तबादला किया जाता है। अन्य दंड के भी प्रावधान किए हैं।
ये है स्थिति
शहर में केंद्रीय विद्यालय - 3
शिक्षकों की संख्या - 250
छात्रों की संख्या - लगभग 10 हजार
दिल्ली रीजन में केंद्रीय विद्यालय - 65