बागपत नाव हादसे में खोली आंखें, सरकारी तंत्र की साठगांठ... धड़ल्ले से यमुना में हो रहा रेत खनन
- खनन माफिया को बागपत प्रशासन ने दे रखा है संरक्षण
- पुलिस-प्रशासन की साठगांठ से धड़ल्ले से दौड़ रहे रेत के ट्रक
- मेरठ में बागपत रोड पर रेत से भरे ट्रक-ट्रैक्टर हो रहे हैं खड़े
विस्तार
मुख्यमंत्री और एनजीटी दोनों के आदेशों को खनन माफिया सरकारी तंत्र की साठगांठ से हवा में उड़ा रहे हैं। यमुना से बागपत और शामली क्षेत्र में जमकर रेत खनन हो रहा है। जिसकी सप्लाई पश्चिमी उत्तर प्रदेश सहित दिल्ली तक हो रही है। लेकिन न तो खनन ही रुक रहा है और न ही रेत लाने वाले वाहनों की धरपकड़ हो रही है।
नदियों से रेत खनन पर पूरी तरह रोक है। गंगा में तो खनन काफी हद तक रुका है, लेकिन यमुना में धड़ल्ले से चल रहा है। यह खनन मुख्य रूप से बागपत और शामली जनपद क्षेत्र में हो रहा है। रात होते ही जेसीबी मशीनों से खनन होने लगता है।
इस अवैध खनन को करने वालों की सेटिंग पुलिस और प्रशासन में होती है। रात में रेत खनन होकर ट्रकों और बड़े ट्रैक्टर ट्रालियों में भरकर मुजफ्फरनगर, मेरठ, गाजियाबाद, हापुड़, और गौतमबुद्धनगर आदि जनपदों के साथ दिल्ली में भवन निर्माण सामग्री की दुकानों और बिल्डरों की साइट पर पहुंचना शुरू हो जाता है।
बागपत रोड पर लग जाती है ट्रकों की लाइन
एनएच-58 से मेरठ की तरफ आने वाली बागपत रोड पर सड़क किनारे ट्रकाें की लाइन लगी रहती है। इसमें आधे ट्रक रेत से भरे होते हैं। अल सुबह ही रेत भरे ट्रक बागपत रोड पर आ जाते हैं। यहां से दुकानदार और बिल्डर व ठेकेदार इन ट्रकों में भरे रेत का सौदा कर ले जाते हैं। ट्रांसपोर्ट नगर के साथ ही शहर भर में भवन निर्माण सामग्री की दुकानों पर यमुना का रेत सप्लाई होता है।
डीएम बागपत को कार्रवाई के निर्देश
बागपत में खनन पट्टे में बड़े पैमाने पर अनियमितताओं पर पट्टाधारक के खिलाफ कार्रवाई के आदेश दिए गए हैं। भूतत्व व खनिकर्म निदेशक डॅा. रोशन जैकब ने डीएम बागपत को मामले की जांच रिपोर्ट देने और दोषी के खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा है।
यहां अनियमितता की शिकायत पर निदेशक ने निदेशालय स्तर द्वारा गठित जांच दल से स्थलीय निरीक्षण कराया था जिसमें आरोपों का पुष्टि हुई थी। निदेशक ने बताया कि स्वीकृत क्षेत्र के बाहर तीन पिट्स अवैध खनन पाया गया।
उक्त पिट्स की पैमाइश के अनुसार 98483 घन मीटर अवैध बालू का खनन किया गया। खनन योजना एवं पर्यावरण स्वच्छता प्रमाण पत्र की शर्तों का पालन भी नहीं किया गया है। इसकी नियमावली के अंतर्गत प्रत्येक चूक के लिए प्रति अवसर 50 हजार रुपए की दर से जुर्माना देय है।
न खनन पर रोक.. और न वाहनों पर
बागपत और शामली प्रशासन खनन पर प्रतिबंध नहीं लगा पाया, तो दूसरे जिलों में रेत की अवैध सप्लाई नहीं रुक पाई। पुलिस की साठगांठ से ये वाहन दूसरे जिलों व राज्यों में भी रेत सप्लाई धड़ल्ले से कर रहे हैं।
खनन के कारण हो रहे हादसे
बागपत में दो दिन पूर्व ही यमुना नदी में नाव पलटने से तीन महिलाओं की मौत हो गई। जिस जगह नाव पलटी थी, वहां पर पानी काफी गहरा था और भंवर जैसा बना था। यह गहराई अवैध खनन के कारण बनी थी। अवैध खनन के कारण यमुना में बने गहरे कुओं के बीच कई बार दुघर्टनाएं हो चुकी हैं।
टीम गठित कर होगी कार्रवाई
अवैध खनन का रेत लेकर आने वाले ट्रक और ट्रैक्टर ट्रालियों पर कार्रवाई होगी। टीम गठित कर अभियान चलाते हुए वाहन सीज किए जाएंगे। - अनिल ढींगरा, जिलाधिकारी