Happy New Year 2020: नए साल में नई उम्मीदें... हवाई अड्डे सहित मिलेंगी कई बड़ी सौगातें
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नया साल 2020 आज से शुरू हो रहा है। इस साल से जिले के बाशिंदों को विकास की कई परियोजनाओं के पूरा होने की उम्मीद है। इन योजनाओं के पूरा होने से अपना सहारनपुर अलग ही चमकेगा। प्रस्तुत है ऐसे ही कुछ प्रोजेक्ट पर चंद्रशेखर शर्मा की रिपोर्ट...
केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना के अनुसार कम जनसंख्या वाले लेकिन भविष्य में महत्वपूर्ण साबित होने वाले क्षेत्रों को हवाई मार्ग से जोड़ने की कवायद चल रही है। इसी के तहत सहारनपुर जिले में हवाई अड्डे के प्रोजेक्ट पर काम शुरू हो गया है।
जिला मुख्यालय से 20 किलोमीटर और सरसावा ब्लॉक मुख्यालय से करीब ढाई किलोमीटर दूर बुढेड़ा और लकीपुर शेरपुर गांव में 350 बीघा जमीन का चयन टर्मिनल सहित अन्य भवनों, परिसरों और सर्विस स्थलों के लिए किया गया है। इसके साथ ही हवाई पट्टी के लिए कुछ ही दूरी पर सरसावा के सौराना स्थित वायुसेना स्थल की हवाई पट्टी का प्रयोग प्रस्तावित है। इस प्रोजेक्ट की निगरानी कर रहे एसडीएम पीएस राणा और तहसीलदार अजब सिंह राणा का कहना है कि जमीन का चयन और बैनामे की प्रक्रिया पूरी हो गई है। अब इस जमीन को भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण को हस्तांतरित किया जाना है। नये साल में इस हवाई अड्डे की शुरू होने की पूरी उम्मीद है।
सहारनपुर से जुड़ेगा रेलवे फ्रेट कारीडोर
नववर्ष में लुधियाना से लेकर कोलकाता तक बनाया जा रहा विशेष मालवाहक गलियारा भी सहारनपुर से जुड़ जाएगा। यह जिले में सरसावा क्षेत्र तक पहुंचेगा। इस ट्रैक को पुराने रेलवे ट्रैक के बराबर में बिछाया जा रहा है, जिस पर केवल मालगाड़ी ही चलेंगी। इससे प्रत्यक्ष रूप से दो फायदे होंगे। पहला यह कि अलग ट्रैक मिलने के बाद मालगाड़ी सरपट दौड़ेगी। इससे माल की ढुलाई की गति बढ़ जाएगी और समय घट जाएगा। दूसरा फायदा ये होगा कि मालगाड़ी के अलग ट्रैक पर चलने के कारण यात्री सवारी गाड़ियों की गति और संख्या भी बढ़ जाएगी। पहले चरण में लुधियाना से मेरठ तक डीएफसी का काफी काम हो चुका है। उम्मीद है कि नए साल में यह कारीडोर जिले से जुड़ जाएगा।
राष्ट्रीय राजमार्ग पर वाहनों का दबाव कम होगा
जिले के लोगों को जाम से राहत की उम्मीद नए साल में जगी है। रुड़की से पंचकुला तक जाने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग-73 पर समय के साथ वाहनों का दबाव काफी बढ़ गया था। सहारनपुर शहर के बीच से गुजर रहे एनएच-73 को पार करना यात्रियों के लिए मुश्किल भरा हो गया था। अब राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण द्वारा एक बाईपास का निर्माण कराया जा रहा है, जो लगभग अंतिम चरण में है। राजमार्ग से संबद्ध बाईपास यमुनानगर शहर से बाहर होते हुए सरसावा पहुंचता है और सरसावा नगर, सहारनपुर की सड़कों से पहले से ही घूमकर गांवों के रास्ते सीधे रुड़की रोड़ छुटमलपुर में जाकर खुलता है। इससे सीधे हरिद्वार जाने वाले यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी। वहीं राजमार्ग पर स्थित गांवों, कस्बों और अन्य क्षेत्रों से आने वाले ट्रैफिक का लोड कम होगा। माना जा रहा है कि बाईपास बनने से सड़क दुर्घटनाओं में कमी आएगी। क्योंकि शहरों के बीच से भारी वाहन गुजरने के कारण अनेक बार बड़ी दुर्घटनाएं घट चुकी हैं।
राज्य विश्वविद्यालय से हजारों छात्रों को मिलेगी राहत
कई सालों से चल रही मांग के बाद जिले में राज्य विश्वविद्यालय की मंजूरी मिल चुकी है। यह पुवांरका में बनेगा। राजकीय विश्वविद्यालय पुवांरका शहर से मात्र 12 किलोमीटर दूर है। यहां तक पहुंचने के लिए डामर रोड बनी है।
इस विश्वविद्यालय का कुल क्षेत्रफल 2.033 हेक्टेयर है। 0.800 हेक्टेयर भूमि पर इसका भवन है। भवन के किनारे भी 2.033 हेक्टेयर भूमि खाली पड़ी है। इसके प्रयोग के लिए अब शासन स्तर पर काम चल रहा है। विश्वविद्यालय के लिए शासन जूनियर हाई स्कूल पुवांरका और राजकीय महाविद्यालय पुवांरका के नाम दर्ज कुल 10.93 एकड़ भूमि को हस्तांतरित करेगा। यह सारी प्रक्रिया नए वर्ष में पूरी होगी। सहारनपुर स्टेट यूनिवर्सिटी को-आर्डिनेशन कमेटी से के कनवीनर डॉ. केके शर्मा कहते हैं कि नए साल में यह सौगात मिलने की पूरी उम्मीद है। इससे सहारनपुर, शामली सहित अन्य जिलों के छात्रों को लाभ मिलेगा।
सहारनपुर तक रेलवे डबल लाइन का भी पूरा होगा काम
लंबे समय से चली आ रही मांग को पूरा करते हुए रेलवे मंत्रालय की ओर से मेरठ से सहारनपुर तक रेलवे डबल लाइन पर काम शुरू हो चुका है। डबल लाइन का यह काम मुजफ्फरनगर तक पूरा हो चुका है और सहारनपुर में देवबंद से आगे टपरी तक लगभग पूरा होने वाला है। अब टपरी से सहारनपुर तक का प्रोजेक्ट नए साल में पूरा होने की उम्मीद है। यह प्रोजेक्ट अब तक पूरा भी हो गया होता, यदि खतौली के पास उत्कल एक्सप्रेस वाला हादसा न होता। इस हादसे के बावजूद इस प्रोजेक्ट पर बाद में काफी तेजी से काम हुआ है। यह रेलवे डबल लाइन मिलने के बाद सहारनपुर से मेरठ और आगे दिल्ली तक का सफर आसान हो जाएगा। इतना ही नहीं, इस लाइन पर कुछ और ट्रेनों को बढ़ाने की स्थिति बन सकेगी। वरिष्ठ रेलवे स्टेशन अधीक्षक कपिल शर्मा कहते हैं कि नए साल में इस डबल लाइन से बड़ी राहत की उम्मीद है।
रोडवेज के बेड़े में बढ़ेंगी वातानुकूलित बसें
रोडवेज ने आगरा लखनऊ सहित अन्य शहरों को जाने वाली दो वातानुकूलित बस सेवाएं शुरू कर दी हैं। कमिश्नर संजय कुमार ने इसकी शुरुआत की थी। इसके बाद रोडवेज के बेड़े में और वातानुकूलित बसों को बढ़ाने की तैयारी शुरू हो गई है। नए साल में ज्यादा यात्री एसी बस सेवाओं का लाभ उठा पाएंगे। सहारनपुर मंडल में शामली, मुजफ्फरनगर के डिपो से भी संचालित अन्य बसों की संख्या बढ़ाई जाएंगी। रोडवेज के क्षेत्रीय प्रबंधक मनोज कुमार बताते हैं कि नए साल में शामली के कैराना बस अड्डे का भी पूजन हो जाएगा। इसके लिए करीब 17 लाख रुपये का बजट पास हो चुका है। इसके अलावा शहर में यातायात व्यवस्था को सुचारु करने के लिए ई-रिक्शाओं के रूटों का भी निर्धारण किया गया है। जल्द ही नए रूट सिस्टम से ई-रिक्शाओं का संचालन किया जाएगा।
मेडिकल कॉलेज में मिलेगी पीजी की मंजूरी
जिले के सरसावा क्षेत्र में अंबाला रोड पर स्थित राजकीय मेडिकल कॉलेज में भी युवाओं के लिए पीजी श्रेणी की पढ़ाई नए साल से शुरू होने की उम्मीद है। कालेज प्रशासन ने पोस्ट ग्रेजुएट कोर्स संचालित करने का खाका तैयार कर लिया है। इस कालेज में वर्ष 2015 से ही एमबीबीएस की कक्षाएं संचालित हो रही हैं। इस समय 500 विद्यार्थी एमबीबीएस की शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। अब कॉलेज प्रशासन इससे आगे पीजी लेवल की कक्षाओं का प्लान बना रहा है। इसके लिए फरवरी माह में मेडिकल काउंसिल आफ इंडिया का दौरा प्रस्तावित है। इसके निरीक्षण के बाद ही नए प्लान के अनुरूप पीजी लेवल कोर्स संचालित करने की प्रक्रिया शुरू होगी।
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