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हादसे में भाजपा नेता के भतीजे की मौत
अमर उजाला ब्यूरों
Updated Sat, 23 Jul 2016 02:17 AM IST
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दुर्घटना
- फोटो : अमर उजाला
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भावनपुर में शुक्रवार शाम हादसे में भाजपा नेता के भतीजे की मौत हो गई। वह दोस्तों संग मेरठ शहर से सामान खरीदकर बाइक से लौट रहा था। युवक परिवार का इकलौता बेटा था। हादसे में गुस्साए भाजपाइयों ने साढ़े तीन घंटे किला परीक्षितगढ़ रोड पर जाम लगाया।
भावनपुर गांव निवासी स्व. ऋषिपाल का इकलौता बेटा रोहित अपने दोस्त रवि और कृष्ण संग बाइक से मेरठ शहर में कांवड़ का सामान खरीदने आया था। शाम करीब पांच बजे तीनों दोस्त सामान लेकर वापस जा रहे थे। तभी भावनपुर ईदगाह के पास एक अज्ञात वाहन ने बाइक में टक्कर मार दी। जिसमें रोहित की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि रवि और कृष्ण घायल हो गए। उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
रोहित के चाचा हरवीर पाल भाजपा के पूर्व जिला महामंत्री हैं। हादसे की जानकारी लगते भाजपा जिलाध्यक्ष शिवकुमार राणा, चरणसिंह लिसाड़ी, मनोज शर्मा, परीक्षितगढ़ चेयरमैन टीपू कार्यकर्ताओं के साथ मौके पर पहुंचे। भाजपाइयों ने ग्रामीणों के साथ शव को सड़कर पर रखकर परीक्षितगढ़ रोड पर करीब साढ़े तीन जाम लगाया। लोगों की मांग थी कि पीड़ित परिवार को पांच लाख रुपये का मुआवजा मिले।
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परिवार का इकलौता बेटा था रोहित
पिता ऋषिपाल की मौत के बाद रोहित ही परिवार का एकमात्र सहारा था। रोहित बीए की पढ़ाई के साथ साथ मजदूरी करता था। रोहित की दो बहन रीना और रीता की शादी हो चुकी है। रोहित की मौत की खबर मिलते ही छोटी बहन देवी और मां कमलेश बेहोश हो गई। ग्रामीणों ने बताया कि रोहित बहुत हंसमुख था।
शव से लिपटकर रोई मां बेटी
ग्रामीण मां कमलेश और बहन देवी को घटनास्थल पर ले आए। जहां रोहित का शव सड़क पर रखा था। मां बेटी रोहित के शव से लिपटकर रोने लगीं। मां बार बार कह रही थी रोहित हमें किस के सहारे पर छोड़कर चला गया। एक तू ही तो था, जिसके सहारे से मैं जिंदा थी। तेरा पिता छोड़ गया और अब तू। मुझे भी अपने साथ ले जा।
एसडीएम के आश्वासन पर खुला जाम
जाम लगने की सूचना पर भावनपुर, परीक्षितगढ़, गंगानगर समेत कई थानों की पुलिस पहुंची। पुलिस ने लोगों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन लोग नहीं माने। इसके बाद एसडीएम रितु पुनिया मौके पर पहुंचीं और पीड़ित परिवार को शासन से ज्यादा से ज्यादा आर्थिक मदद दिलाने की बात कहकर जाम खुलवाया। उसके बाद पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम हाउस भेजा।
हेलमेट नहीं पहना था
पुलिस ने बताया कि रोहित बाइक चला रहा था और उसके दोस्त रवि, कृष्ण पीछे बैठे थे। अज्ञात वाहन का पहिया रोहित के सिर के ऊपर से उतरा है। रोहित अगर हेलमेट पहने होता तो उसकी जान बच सकती थी। अन्य दोनों दोस्तों के पैरों पर पहिया उतरा है। किस गाड़ी से एक्सीडेंट हुआ, पुलिस पता नहीं लगा सकी। कोई डीसीएम बता रहा था तो कोई ट्रक।
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भावनपुर गांव निवासी स्व. ऋषिपाल का इकलौता बेटा रोहित अपने दोस्त रवि और कृष्ण संग बाइक से मेरठ शहर में कांवड़ का सामान खरीदने आया था। शाम करीब पांच बजे तीनों दोस्त सामान लेकर वापस जा रहे थे। तभी भावनपुर ईदगाह के पास एक अज्ञात वाहन ने बाइक में टक्कर मार दी। जिसमें रोहित की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि रवि और कृष्ण घायल हो गए। उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
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रोहित के चाचा हरवीर पाल भाजपा के पूर्व जिला महामंत्री हैं। हादसे की जानकारी लगते भाजपा जिलाध्यक्ष शिवकुमार राणा, चरणसिंह लिसाड़ी, मनोज शर्मा, परीक्षितगढ़ चेयरमैन टीपू कार्यकर्ताओं के साथ मौके पर पहुंचे। भाजपाइयों ने ग्रामीणों के साथ शव को सड़कर पर रखकर परीक्षितगढ़ रोड पर करीब साढ़े तीन जाम लगाया। लोगों की मांग थी कि पीड़ित परिवार को पांच लाख रुपये का मुआवजा मिले।
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परिवार का इकलौता बेटा था रोहित
पिता ऋषिपाल की मौत के बाद रोहित ही परिवार का एकमात्र सहारा था। रोहित बीए की पढ़ाई के साथ साथ मजदूरी करता था। रोहित की दो बहन रीना और रीता की शादी हो चुकी है। रोहित की मौत की खबर मिलते ही छोटी बहन देवी और मां कमलेश बेहोश हो गई। ग्रामीणों ने बताया कि रोहित बहुत हंसमुख था।
शव से लिपटकर रोई मां बेटी
ग्रामीण मां कमलेश और बहन देवी को घटनास्थल पर ले आए। जहां रोहित का शव सड़क पर रखा था। मां बेटी रोहित के शव से लिपटकर रोने लगीं। मां बार बार कह रही थी रोहित हमें किस के सहारे पर छोड़कर चला गया। एक तू ही तो था, जिसके सहारे से मैं जिंदा थी। तेरा पिता छोड़ गया और अब तू। मुझे भी अपने साथ ले जा।
एसडीएम के आश्वासन पर खुला जाम
जाम लगने की सूचना पर भावनपुर, परीक्षितगढ़, गंगानगर समेत कई थानों की पुलिस पहुंची। पुलिस ने लोगों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन लोग नहीं माने। इसके बाद एसडीएम रितु पुनिया मौके पर पहुंचीं और पीड़ित परिवार को शासन से ज्यादा से ज्यादा आर्थिक मदद दिलाने की बात कहकर जाम खुलवाया। उसके बाद पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम हाउस भेजा।
हेलमेट नहीं पहना था
पुलिस ने बताया कि रोहित बाइक चला रहा था और उसके दोस्त रवि, कृष्ण पीछे बैठे थे। अज्ञात वाहन का पहिया रोहित के सिर के ऊपर से उतरा है। रोहित अगर हेलमेट पहने होता तो उसकी जान बच सकती थी। अन्य दोनों दोस्तों के पैरों पर पहिया उतरा है। किस गाड़ी से एक्सीडेंट हुआ, पुलिस पता नहीं लगा सकी। कोई डीसीएम बता रहा था तो कोई ट्रक।