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मकान मिला न सरकारी नौकरी, 20 दिन से खुले आसमान के नीचे पीड़ित

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Sun, 19 Dec 2021 01:00 AM IST
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मकान मिला न सरकारी नौकरी, 20 दिन से खुले आसमान के नीचे पीड़ित
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मुरादनगर। मुरादनगर श्मशान घाट हादसे को 11 महीने से अधिक बीत चुका है लेकिन अभी तक मृतकों के आश्रितों से किए गए वायदे पूरे नहीं किए गए हैं। वायदे पूरे नहीं होने पर 20 दिनों ने पीड़ित परिवार धरने पर बैठे हैं। प्रशसन के कानों में जूं तक नहीं रेंगने पर पिछले तीन दिनों से कड़कड़ाती सर्दी में खुले आसमान के नीचे पीड़ितों ने आमरण अनशन शुरू कर दिया है।
नगर पालिका परिषद परिसर में कड़ाके सर्दी में महिलाएं खुले आसमान के नीचे अपनी मांगों पर अड़ी हुई हैं। पीड़ितों का कहना है कि न तो किसी को सरकारी नौकरी मिली और न ही मकान का वादा पूरा किया गया। पीड़ितों का आरोप है कि सरकारी अस्पताल से आने वाली डॉक्टरों की टीम ने तीन दिन से आमरण अनशन पर बैठी महिलाओं का चेकअप किया। टीम तबीयत पूछकर चली जाती है।
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हादसे में अपने पति को खो चुकी मंजू निवासी गुप्ता मार्केट पुर्सी को बुखार है, डॉक्टर्स की टीम तबीयत पूछकर दवा देकर चली जाती है। महिलाओं का कहना है कि जब तक सरकारी नौकरी व मकान की मांग पूरी नहीं होगी धरना जारी रहेगा। शनिवार को निधि सोनी, पुष्पलता, पिंकी अनशन पर बैठीं।
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सरकार हमारी मदद करना चाहती तो मान लेती मांगें
हादसे में किसी ने अपना बेटा खोया तो किसी ने पति तो किसी ने पिता खोया, इतना ही नहीं पिता पुत्र तक की हादसे में मौत हो गई थी। हादसे के पीड़ित परिवारों में निधि सोनी, पुष्पलता, मंजू, अंजू, पिंकी, कविता, ममता, रजनी, मोनिका, रवि, पवन, नीलम आदि का कहना है कि सरकार हमारी मदद करना चाहती तो अब तक हमारी मांगें मान लेती। इस तरह पीड़ित परिवारों को कड़ाके की सर्दी में धरने पर बैठना नहीं पड़ता।
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मुआवजे व सरकारी नौकरी की मांग को लेकर किया था हाईवे जाम
इसी साल 03 जनवरी दिन रविवार को उखलारसी बंबा रोड स्थित श्मशान घाट के गलियारे की छत गिरने से मलबे में दबकर 25 लोगों की मौत हो गई थी, जबकि 18 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हो गए थे। मुआवजे व सरकारी नौकरी की मांग को लेकर पीड़ित परिवारों ने छह शव दिल्ली- मेरठ हाईवे पर रखकर जाम लगाया था। करीब 7 घंटे से अधिक लगे जाम के कारण 20 किमी वाहनों की लंबी कतार लग गई थी। मुआवजे व सरकारी नौकरी की मांग मान जाने के बाद शवों को सड़क से हटाया गया था। मौके पर आईजी प्रवीन कुमार, कमिश्नर अनीता सी मेश्राम, एसएसपी कलानिधि, डीएम अजय शंकर पांडे आदि मौके पर पहुंचे थे। चार दौर की वार्ता के बाद बात बनी थी।
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जयराम सैन के अंतिम संस्कार में आए थे लोग
बालाजी नगर कॉलोनी निवासी जयराम सैन(62) की बीमारी के चलते मौत हो गई थी। 3 जनवरी दिन रविवार को परिजन, रिश्तेदार, आसपास के लोग अंतिम संस्कार में बंबा रोड स्थित श्मशान घाट में पहुंचे थे।
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इनके खिलाफ हुई थी रिपोर्ट दर्ज
मामले में नगर पालिका परिषद की अधिशासी अधिकारी निहारिका चौहान, जेई चंद्रपाल सिंह, ठेकेदार अजय त्यागी समेत पांच लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। मामले में शासन ने जेई चंद्रपाल सिंह सहित चार लोगों पर रासुका लगाई थी। हादसे के तीन माह बाद निहारिका चौहान को जमानत मिल गई थी। हादसे की जांच एसआईटी की टीम कर रही थी।

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अलाव के सहारे कड़ाके सर्दी में खुले आसमान के नीचे जारी है धरना
मुरादनगर। नगर पालिका परिषद परिसर में लगातार 20 दिन से श्मशान घाट हादसे की पीड़ित महिलाएं अनिश्चितकालीन धरना दे रही हैं। इतना ही नहीं तीन दिन से कभी दो तो कभी तीन महिलाएं अनशन कर रही हैं। कड़ाके की सर्दी में खुले आसमान के नीचे महिलाएं धरना दे रही है। धरना दे रही महिलाओं के लिए टेंट लगाया गया था, जिससे बंदरों ने फाड़ दिया, इसके बाद से महिलाएं खुले आसमान के नीचे धरना दे रही हैं। किसी प्रशासनिक अधिकारी ने धरने पर बैठी महिलाओं की सुध नहीं ली है।
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