फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Meerut News ›   ghaziabad news

मोदीनगर में बिल्डिंग तोड़ने पर हंगामा, दुकानदारों ने मजदूरों को दौड़ाया

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Sat, 16 Jan 2021 01:26 AM IST
विज्ञापन
ghaziabad news
मोदीनगर में बिल्डिंग तोड़ने पर हंगामा, दुकानदारों ने मजदूरों को दौड़ाया
विज्ञापन

मोदीनगर। दिल्ली-मेरठ हाईवे स्थित कपड़ा मिल नाले के पास बनी श्यामसिंह बिल्डिंग के एक हिस्से के ध्वस्तीकरण के दौरान शुक्रवार को दुकानदार भड़क गए और महिलाओं ने जमकर हंगामा किया। विरोध के बावजूद ध्वस्तीकरण करने पर लोगां ने पत्थरबाजी कर मजदूरों को दौड़ा लिया। इस दौरान शहर के तमाम व्यापारी और राजनीतिक संगठन जमा हो गए। व्यापारियों और पुलिस के बीच नोकझोंक हुई। गुस्साई महिलाएं दरोगा पर भड़क गईं। व्यापारी और दुकानदारों ने थाने से लेकर तहसील तक प्रदर्शन किया। हालत बिगड़ते देख ध्वस्तीकरण रोक दिया गया। दुकानदारों ने अनिश्तिकालीन धरना शुरू कर दिया। पूरे प्रकरण में चौकी पुलिस की भूमिका पर सवाल उठ रहें है। वहीं, नगर पालिका को भी कठघरे में खड़ा किया गया है।
कपड़ा मिल नाले के पास श्यामसिंह बिल्डिंग है। बिल्डिंग का कुछ हिस्सा अंकुर नेहरा का है। अंकुर ने बिल्डिंग की जर्जर हालत का हवाला देते हुए तकनीकी जांच कराई थी। नगर पालिका की ओर से बिल्ंिडग को तोड़ने के लिए 15 जनवरी का समय दिया गया था। इसी के चलते अंकुर इस बिल्डिंग के एक हिस्से को तुड़वा रहा था। बिल्डिंग में काफी समय से व्यापारियों ने दुकानें किराए पर ले रखी हैं। शुक्रवार को एक ठेकेदार के करीब दो दर्जन मजदूर बिल्डिंग का एक हिस्सा तोड़ने लगे। दुकानदारों ने विरोध शुरू कर दिया। दोनों पक्षों में पहले कहासुनी हुई और हाथापाई की नौबत आ गई। महिलाओं और दुकानदारों ने पथराव कर मजदूरों को खदेड़ दिया। भाजपा जिलाध्यक्ष दिनेश सिंहल, नगरध्यक्ष रोहित अग्रवाल के अलावा अमित गोयल, महेश तायल, अमित अग्रवाल, सचिन खटाना, प्रवीन मित्तल, अरविंद अग्रवाल, पूर्व चेयरमैन पं. रामआसरे शर्मा, प्रदीप बोस, मयंक शर्मा, पवन चौधरी आदि पहुंच गए और घटना का विरोध किया। पुलिस के साथ तीखी झड़प भी हुई। घंटों बवाल होता रहा। गंभीरता को देखते हुए ध्वस्तीकरण रोक दिया गया।
विज्ञापन

जिलाध्यक्ष ने चौकी प्रभारी को लिया आड़े हाथों
पूरे प्रकरण पर व्यापारियों ने पुलिस की भूमिका पर सवाल उठाया है। ध्वस्तीकरण के दौरान लोगों ने अधिकारियों पर फोन न उठाने का भी आरोप लगाया। मौके पर पहुंचे गोविंदपुरी चौकी प्रभारी को महिलाओं के गुस्से का शिकार होना पड़ा। महिलाओं ने दरोगा को खरीखोटी सुनाई। भाजपा जिलाध्यक्ष दिनेश सिंहल ने चौकी प्रभारी को आड़े हाथ लेते हुए कार्यप्रणाली में सुधार लाने की हिदायत दी।
विज्ञापन
विज्ञापन

बेरोजगार हो जाएंगे दुकानदार
बिल्डिंग में दशकों से कई लोग किराए पर दुकान लेकर परिवार का पालनपोषण कर रहे हैं। दुकानदार राजेश अग्रवाल, पंकज गुप्ता, डॉ. ओमपाल सिंह आदि ने आरोप लगाया कि उनसे दुकान खाली कराने के लिए ध्वस्तीकरण की साजिश रची। कहा कि वह यहां करीब 50 साल से दुकान कर रहें हैं। बिल्डिंग टूटने से वह बेरोजगार हो जाएंगे, जिससे उनके सामने रोजीरोटी का संकट पैदा हो जाएगा।
नगर पालिका को कठघरे में किया खड़ा
व्यापारियों ने नगर पालिका की मंशा पर सवाल लगाते हुए कठघरे में खड़ा किया। लोगों का आरोप है कि शहर में सैकड़ों साल पुरानी कई बिल्डिंग है। ऐसे में एक मजबूत बिल्डिंग के ध्वस्तीकरण के आदेश देना भ्रष्टाचार नहीं तो क्या है। बताया गया कि शहर में अब तक यह पहला मामला है, जब नगर पालिका की ओर से किसी बिल्डिंग के ध्वस्तीकरण के आदेश दिए हैं। वहीं, ईओ शिवराज सिंह का कहना है कि आईआईटी रुड़की की जांच रिपोर्ट के बाद ही पालिका की ओर से आदेश दिया गया है।

बिल्डिंग जर्जर और पुरानी है। आईआईटी रुड़की ने अपनी रिपोर्ट में यह साफ कर दिया है। इसलिए नगर पालिका से नियमानुसार अनुमित लेकर ही ध्वस्तीकरण कराया जा रहा था।
अंकुर नेहरा, भवन मालिक
नियमानुसार कार्रवाई में हमें कोई आपत्ति नहीं है। मगर किसी भी कीमत पर व्यापारियों का उत्पीड़न नहीं होने दिया जाएगा।
दिनेश सिंहल, भाजपा जिलाध्यक्ष
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed