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अधिकारियों का खेल, गरीबों की योजना में बना डाले अमीरों के मकान
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 05 Dec 2016 01:01 PM IST
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फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
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गरीबों की आवासीय योजना में डूडा अधिकारियों की साठगांठ से बड़ा खेल हुआ है। राजीव गांधी आवासीय योजना में अपात्र लोगों ने फर्जी व्यक्तियों के नाम से अपने एक दो नहीं, बल्कि चार-पांच आवास तक बनवा डाले। विभागीय मिलीभगत ऐसी रही कि शिकायत के बावजूद कार्रवाई तो दूर, आनन-फानन में आवास तैयार कर कब्जा देते हुए ठेकेदारों को भी भुगतान कर दिया गया।
ये है आवासीय योजना
राजीव गांधी आवासीय योजना के तहत उन गरीबों का आवास के लिए चयन करना था, जिनके पास अपना 30-32 वर्ग मीटर का भूखंड है। ऐसे व्यक्तियों के लिए इस भूखंड में न्यूनतम आकार के दो कमरों के सेट का निर्माण 25 वर्गमीटर में होना था। इसके लिए एक आवास के लिए चार लाख का बजट तय हुआ था। जिसकी संपूर्ण हिस्सेदारी सरकार की थी। योजना में चार सौ लोगों का चयन कर आवास निर्माण की जिम्मेदारी जल निगम और सी एंड डीएस को सौंपी गई थी।
ऐसे हुआ खेल
आवेदन आमंत्रित करने के दौरान डूडा में पूर्व से सक्रिय दलालों के माध्यम से ऐसे लोगों ने भी आवेदन कर दिया, जिनके पास अपना कोई प्लाट या कच्चा मकान नहीं था। यही नहीं, कुछ ऐसे लोग भी रहे जिनके पास पहले से पक्का मकान था। लेकिन सेटिंग के खेल में सबका चयन हो गया। जिनके पास भूखंड नहीं था, उनके साथ मिलकर बड़े लोगों ने खेल खेला। इन लोगों ने अपने 100 मीटर के भूखंड को तीन लोगों के नाम अलग-अलग हिस्सों में नोटरी पर बेचा हुआ दिखा दिया और डूडा ने इसे स्वीकार भी कर लिया। इसी नोटरी पर तैयार प्लाट के बिक्री पत्र के आधार पर एक ही व्यक्ति के प्लाट पर आवास की तीन इकाईयां खड़ी कर दी गयी। जिन लोगों के पास पहले से पक्का मकान था, उनका दोमंजिला मकान तैयार कर दिया गया।
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फर्जीवाड़े में सामने आए ये लोग
इस आवासीय योजना में जिन लोगों ने फर्जी ढंग से अपने आवास तैयार कराए, उनमें इत्तेफाकनगर निवासी बालिस्टर ने तीन, शौकत ने दो, साबिर ने दो, शान मोहम्मद ने तीन, कय्यूम ने तीन, अशरफ ठाकुर ने पांच, अल्ला मेहर ने चार, वकील ने दो मकान बनवाये। जबकि इमरान, इंशाअल्लाह, माशा अल्लाह, जाहिद, इमरान, इरफान, फरमूद और इमरान ने भी फर्जी ढंग से मकान तैयार करा लिए।
शिकायत पर नहीं दिया ध्यान
इस मामले में डूडा अधिकारियों को कई बार शिकायत की गयी, लेकिन साठगांठ कर फर्जीवाड़ा किए बैठे अफसरों ने कोई ध्यान नहीं दिया। इसके बाद जिलाधिकारी से भी पूर्व में की गई शिकायत विभागीय फाइलाें में दबकर रह गयी। इस बीच डूडा ने मकान पूर्ण कर ठेकेदाराें को भुगतान कर करोड़ों रुपये ठिकाने लगा दिए।
शिकायत पर बैठी जांच
इस मामले में अल खिदमत फाउंडेशन के अध्यक्ष तनशीर अहमद ने चार दिन पूर्व डीएम बी. चंद्रकला से शिकायत कर फर्जीवाड़े की जानकारी दी। जिस पर डीएम ने इस मामले की जांच एडीएम सिटी को सौंपते हुए रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए।
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ये है आवासीय योजना
राजीव गांधी आवासीय योजना के तहत उन गरीबों का आवास के लिए चयन करना था, जिनके पास अपना 30-32 वर्ग मीटर का भूखंड है। ऐसे व्यक्तियों के लिए इस भूखंड में न्यूनतम आकार के दो कमरों के सेट का निर्माण 25 वर्गमीटर में होना था। इसके लिए एक आवास के लिए चार लाख का बजट तय हुआ था। जिसकी संपूर्ण हिस्सेदारी सरकार की थी। योजना में चार सौ लोगों का चयन कर आवास निर्माण की जिम्मेदारी जल निगम और सी एंड डीएस को सौंपी गई थी।
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ऐसे हुआ खेल
आवेदन आमंत्रित करने के दौरान डूडा में पूर्व से सक्रिय दलालों के माध्यम से ऐसे लोगों ने भी आवेदन कर दिया, जिनके पास अपना कोई प्लाट या कच्चा मकान नहीं था। यही नहीं, कुछ ऐसे लोग भी रहे जिनके पास पहले से पक्का मकान था। लेकिन सेटिंग के खेल में सबका चयन हो गया। जिनके पास भूखंड नहीं था, उनके साथ मिलकर बड़े लोगों ने खेल खेला। इन लोगों ने अपने 100 मीटर के भूखंड को तीन लोगों के नाम अलग-अलग हिस्सों में नोटरी पर बेचा हुआ दिखा दिया और डूडा ने इसे स्वीकार भी कर लिया। इसी नोटरी पर तैयार प्लाट के बिक्री पत्र के आधार पर एक ही व्यक्ति के प्लाट पर आवास की तीन इकाईयां खड़ी कर दी गयी। जिन लोगों के पास पहले से पक्का मकान था, उनका दोमंजिला मकान तैयार कर दिया गया।
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फर्जीवाड़े में सामने आए ये लोग
इस आवासीय योजना में जिन लोगों ने फर्जी ढंग से अपने आवास तैयार कराए, उनमें इत्तेफाकनगर निवासी बालिस्टर ने तीन, शौकत ने दो, साबिर ने दो, शान मोहम्मद ने तीन, कय्यूम ने तीन, अशरफ ठाकुर ने पांच, अल्ला मेहर ने चार, वकील ने दो मकान बनवाये। जबकि इमरान, इंशाअल्लाह, माशा अल्लाह, जाहिद, इमरान, इरफान, फरमूद और इमरान ने भी फर्जी ढंग से मकान तैयार करा लिए।
शिकायत पर नहीं दिया ध्यान
इस मामले में डूडा अधिकारियों को कई बार शिकायत की गयी, लेकिन साठगांठ कर फर्जीवाड़ा किए बैठे अफसरों ने कोई ध्यान नहीं दिया। इसके बाद जिलाधिकारी से भी पूर्व में की गई शिकायत विभागीय फाइलाें में दबकर रह गयी। इस बीच डूडा ने मकान पूर्ण कर ठेकेदाराें को भुगतान कर करोड़ों रुपये ठिकाने लगा दिए।
शिकायत पर बैठी जांच
इस मामले में अल खिदमत फाउंडेशन के अध्यक्ष तनशीर अहमद ने चार दिन पूर्व डीएम बी. चंद्रकला से शिकायत कर फर्जीवाड़े की जानकारी दी। जिस पर डीएम ने इस मामले की जांच एडीएम सिटी को सौंपते हुए रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए।