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Meerut News: कई गांवों के जंगल जलमग्न, फसलें बर्बाद होने की कगार पर
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तारापुर के जंगल भरा बारिश का पानी स्रोत संवाद
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- खादर में बारिश और गंगा के पानी से लगातार बढ़ रही परेशानी
संवाद न्यूज एजेंसी
हस्तिनापुर। पहाड़ी और मैदानी क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश से खादर क्षेत्र के लोगों की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। बारिश और गंगा के बढ़े जलस्तर के कारण खादर क्षेत्र के दर्जनों गांवों के जंगल पूरी तरह जलमग्न हैं। निचले इलाकों में खेतों में खड़ी फसलें भी पानी में डूबने से बर्बाद होने की कगार पर पहुंच गई हैं।
हालांकि बिजनौर बैराज से लगातार दूसरे दिन गंगा के जलस्तर में गिरावट दर्ज की गई है। बुधवार को बैराज से गंगा का जलस्तर 1.62 लाख क्यूसेक दर्ज किया गया था, जो बृहस्पतिवार को घटकर करीब 1.26 लाख क्यूसेक रह गया। जलस्तर में कमी आने से खादर क्षेत्र के लोगों ने कुछ राहत की सांस ली है।
जलस्तर घटने के बावजूद खादर क्षेत्र की स्थिति अभी सामान्य नहीं हुई है। दूसरे दिन भी कई गांवों के संपर्क मार्गों पर बारिश और गंगा का पानी भरा हुआ है। इससे ग्रामीणों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई स्थानों पर ग्रामीणों को पानी के बीच से होकर गुजरना पड़ रहा है।
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तारापुर, दूधली, बस्तौरा नारंग, लतीफपुर, किशनपुर, भीकुंड और हादीपुर गावड़ी समेत कई गांवों के रास्ते जलमग्न हैं। सुंदर सिंह, गुरप्रीत सिंह, जज सिंह, पंकज चौधरी आदि ग्रामीणों का कहना है कि लगातार बारिश के कारण खेतों में पानी भरा होने से फसलों को भी नुकसान हो रहा है। यदि बारिश का सिलसिला जारी रहा तो स्थिति और गंभीर हो सकती है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
हस्तिनापुर। पहाड़ी और मैदानी क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश से खादर क्षेत्र के लोगों की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। बारिश और गंगा के बढ़े जलस्तर के कारण खादर क्षेत्र के दर्जनों गांवों के जंगल पूरी तरह जलमग्न हैं। निचले इलाकों में खेतों में खड़ी फसलें भी पानी में डूबने से बर्बाद होने की कगार पर पहुंच गई हैं।
हालांकि बिजनौर बैराज से लगातार दूसरे दिन गंगा के जलस्तर में गिरावट दर्ज की गई है। बुधवार को बैराज से गंगा का जलस्तर 1.62 लाख क्यूसेक दर्ज किया गया था, जो बृहस्पतिवार को घटकर करीब 1.26 लाख क्यूसेक रह गया। जलस्तर में कमी आने से खादर क्षेत्र के लोगों ने कुछ राहत की सांस ली है।
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जलस्तर घटने के बावजूद खादर क्षेत्र की स्थिति अभी सामान्य नहीं हुई है। दूसरे दिन भी कई गांवों के संपर्क मार्गों पर बारिश और गंगा का पानी भरा हुआ है। इससे ग्रामीणों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई स्थानों पर ग्रामीणों को पानी के बीच से होकर गुजरना पड़ रहा है।
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तारापुर, दूधली, बस्तौरा नारंग, लतीफपुर, किशनपुर, भीकुंड और हादीपुर गावड़ी समेत कई गांवों के रास्ते जलमग्न हैं। सुंदर सिंह, गुरप्रीत सिंह, जज सिंह, पंकज चौधरी आदि ग्रामीणों का कहना है कि लगातार बारिश के कारण खेतों में पानी भरा होने से फसलों को भी नुकसान हो रहा है। यदि बारिश का सिलसिला जारी रहा तो स्थिति और गंभीर हो सकती है।

तारापुर के जंगल भरा बारिश का पानी स्रोत संवाद