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हस्तिनापुर: विदेशी पक्षियों के लिए गहराया भोजन का संकट, ये रही बड़ी वजह
Sat, 21 Nov 2020 06:57 PM IST
कपिल kapil
रविंद्र चौहान, अमर उजाला, मेरठ
रविंद्र चौहान, अमर उजाला, मेरठ
Published by: कपिल kapil
Updated Sat, 21 Nov 2020 06:57 PM IST
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हस्तिनापुर अभ्यारण्य क्षेत्र की झील में पानी कम भरा होने के कारण भोजन के लिए भटकते विदेशी पक्षी और सूखी पड़ी झील। संवाद
- फोटो : अमर उजाला
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हस्तिनापुर अभ्यारण्य में विदेशी पक्षियों की संख्या में इजाफा हो गया है। भोजन की तलाश में सैकड़ों प्रजाति के प्रवासी पक्षी यहां पहुंच गए हैं। वहीं अभ्यारण्य की झीलों में इस बार पानी कम होने से भोजन का संकट गहरा गया है। खेतों में भी पानी न होने के कारण किसानों ने जुताई शुरू कर दी है।
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हस्तिनापुर की अभ्यारण्य क्षेत्र में हर साल 60 से अधिक प्रजाति के हजारों प्रवासी पक्षी हजारों मील की यात्रा कर यहां आते हैं और सर्दी खत्म होने पर लौट जाते हैं।
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मखदूमपुर, भीकुंड और खेड़ी घाट समेत आसपास की झीलों में विदेशी पक्षियों की अठखेलियां खासा आकर्षित करती हैं। हर साल बारिश होने के बाद झीलों में पानी भर जाता है, लेकिन इस साल बारिश कम होने से यहां की झीलों में पर्याप्त पानी नहीं भरा।
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पर्याप्त छिछला पानी न होने से विदेशी प्रवासी पक्षियों के लिए भोजन का संकट गहरा रहा है। भीमकुंड की झील में बड़े पैमाने पर किसानों की लगानी भूमि है। इनमें इस वर्ष पानी न भरा होने के कारण किसानों ने भूमि को कृषि योग्य बना लिया है। यहां भी विदेशी प्रवासी पक्षियों को भोजन नहीं मिल पा रहा है।
भीमकुंड गंगा पुल पर जाने वाली सड़क के आसपास बड़े पैमाने पर छोटे-छोटे पानी के स्रोत बचे हुए हैं। इनमें हजारों पक्षी बैठे दिखाई दे रहे हैं। अब गंगा की धारा ही इन प्रवासी पक्षियों के भोजन का स्रोत है।
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