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इस्लाम में जबरन धर्म परिवर्तन की कोई जगह नहीं: शहरकाजी
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इस्लाम में जबरन धर्म परिवर्तन की कोई जगह नहीं : शहरकाजी
मेरठ। शहरकाजी प्रोफेसर जैनुस साजिद्दीन सिद्दीकी ने धर्मांतरण मामले को लेकर अपनी राय बयां की है। उन्होंने कहा कि इस्लाम में जबरदस्ती धर्म परिवर्तन की कोई जगह नहीं है। उन्होंने कहा कि धर्मांतरण कराने का लालच देकर धर्म की अच्छाई बताना भी जायज नहीं है। अपने धर्म का प्रचार करने का अधिकार संविधान हमें देता है। इसमें सभी धर्म के गुरु अपने अपने धर्म की अच्छाई बताते हुए उपदेश देते हैं। ऐसे में किसी भी धर्म का आदमी किसी धर्म को पसंद करने लगे तो कौन सा गलत काम है। संविधान हर बालिग को अपने धर्म को बदलने और स्वतंत्रता से जीने का अधिकार देता है। चाहे इसमें हिंदू, मुस्लिम, सिख, ईसाई समाज के लोग हों।
उन्होंने कहा कि आज मुस्लिम लोग हिंदू धर्म अपना लें तो उनका स्वागत होता है, लेकिन जब हिंदू लोग मुस्लिम धर्म अपना लें तो धर्मांतरण हो जाता है। देश में धर्मांतरण कानून सिर्फ एक ही समाज के लिए बना है। ये सभी धर्म के लोगों पर लागू होना चाहिए। एक देश तो एक कानून होना चाहिए। मौलाना कलीम सिद्दीकी को लेकर कहा कि कानून का जवाब कानून से ही दिया जा रहा है। उन्होंने न्यायालय पर पूरा भरोसा है।
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मेरठ। शहरकाजी प्रोफेसर जैनुस साजिद्दीन सिद्दीकी ने धर्मांतरण मामले को लेकर अपनी राय बयां की है। उन्होंने कहा कि इस्लाम में जबरदस्ती धर्म परिवर्तन की कोई जगह नहीं है। उन्होंने कहा कि धर्मांतरण कराने का लालच देकर धर्म की अच्छाई बताना भी जायज नहीं है। अपने धर्म का प्रचार करने का अधिकार संविधान हमें देता है। इसमें सभी धर्म के गुरु अपने अपने धर्म की अच्छाई बताते हुए उपदेश देते हैं। ऐसे में किसी भी धर्म का आदमी किसी धर्म को पसंद करने लगे तो कौन सा गलत काम है। संविधान हर बालिग को अपने धर्म को बदलने और स्वतंत्रता से जीने का अधिकार देता है। चाहे इसमें हिंदू, मुस्लिम, सिख, ईसाई समाज के लोग हों।
उन्होंने कहा कि आज मुस्लिम लोग हिंदू धर्म अपना लें तो उनका स्वागत होता है, लेकिन जब हिंदू लोग मुस्लिम धर्म अपना लें तो धर्मांतरण हो जाता है। देश में धर्मांतरण कानून सिर्फ एक ही समाज के लिए बना है। ये सभी धर्म के लोगों पर लागू होना चाहिए। एक देश तो एक कानून होना चाहिए। मौलाना कलीम सिद्दीकी को लेकर कहा कि कानून का जवाब कानून से ही दिया जा रहा है। उन्होंने न्यायालय पर पूरा भरोसा है।
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