यूपी: दुष्कर्म के मामले में अंतिम रिपोर्ट, दरोगा को क्लीनचिट, पुलिस कार्रवाई पर उठे सवाल
जबकि पीड़िता ने दरोगा की ऑडियो भी वायरल की थी। जिसको पुलिस ने मुकदमे के साथ शामिल करने की बात कही थी। किस आधार पर मुकदमे में एफआर लगाई, इसको लेकर अलग-अलग सवाल उठ रहे हैं।
पुलिस लाइन स्थित क्वार्टर में रहने वाले एक सिपाही की बहन ने जुलाई 2019 में सिविल लाइन थाने में तैनात दरोगा विजय कुमार के खिलाफ दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज कराया था।
पीड़िता और दरोगा का एक ऑडियो भी वायरल हुआ था, जिसमें दरोगा अश्लील बातें कर रहा था। यह मामला एसएसपी के सामने पहुंचा। कई बार महिला ने दरोगा से जान का खतरा बताकर सुरक्षा की गुहार लगाई थी।
एसएसपी ने दरोगा को सस्पेंड करके विभागीय जांच बैठा दी थी। सोमवार को दरोगा पुलिस ऑफिस में एक फाइल लेकर वर्दी में हस्ताक्षर कराने पहुंच गए। दरोगा को देखकर दुष्कर्म के मुकदमे की जानकारी ली गई, जिसमें पता चला कि दरोगा पर दर्ज मुकदमे में एफआर लग गई है। जिसके बाद उसको बहाल किया गया है।
महिला ने पक्ष में दिए बयान
महिला ने दरोगा के पक्ष में कोर्ट में बयान दिए हैं, जिसके बाद मुकदमे में एफआर लगी है। ऑडियो को भी महिला ने फर्जी बताया है। दरोगा के खिलाफ कोई सुबूत नहीं मिले हैं। - अजय साहनी, एसएसपी