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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Meerut News ›   Fight over ticket in SP: Yogesh and Akil also took nomination Apart from Atul, picture will be clear today

सपा में टिकट को लेकर घमासान: मेरठ में आज साफ होगी तस्वीर, AIMIM के प्रत्याशी पर टिकीं निगाहें

Wed, 03 Apr 2024 12:12 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ Published by: Dimple Sirohi Updated Wed, 03 Apr 2024 12:12 PM IST
सार

लोकसभा चुनाव के बीच विधायक अतुल प्रधान के मेरठ-हापुड़ लोकसभा सीट से प्रत्याशी बनाए जाने के बाद भी टिकट को लेकर घमासान जारी है। सपा से अतुल प्रधान के अलावा योगेश वर्मा और उनकी पत्नी व आकिल ने भी नामांकन पत्र खरीदा है। वहीं भानु प्रताप सिंह व रफीक अंसारी समेत कई दावेदार लखनऊ में डटे हैं। वहीं AIMIM के प्रत्याशी पर भी निगाहें टिकीं हैं।

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Fight over ticket in SP:  Yogesh and Akil also took nomination Apart from Atul, picture will be clear today
अखिलेश यादव - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

मेरठ के सरधना से विधायक अतुल प्रधान के मेरठ-हापुड़ लोकसभा सीट से प्रत्याशी बनाए जाने के बाद भी सपा में टिकट का घमासान जारी है। मंगलवार को अतुल प्रधान के अलावा योगेश वर्मा, उनकी पत्नी सुनीता वर्मा और आकिल मुर्तजा ने भी  नामांकन पत्र लिया। सबसे पहले सपा से पर्चा ले चुके भानु प्रताप समेत सभी दावेदार टिकट के लिए लखनऊ में डटे हैं।  

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सपा में टिकट को लेकर खींचतान का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि अब तक सात लोग नामांकन ले चुके हैं। भानु प्रताप सिंह और रफीक अंसारी ने पहले ही पर्चा ले लिया था, जबकि पांच ने मंगलवार को लिया है।
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पूर्व सांसद हरीश पाल के बेटे नीरज पाल भी दावेदारों में हैं। टिकट को लेकर लखनऊ में दो बार बैठक हुई। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता भानु प्रताप सिंह को टिकट दिया गया,  लेकिन तभी से सपा में उनका विरोध शुरू हो गया।
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भानु प्रताप दावा करते रहे कि वे ही प्रत्याशी हैं, लेकिन आखिरकार उनका टिकट काट दिया और सोमवार को अतुल प्रधान का टिकट घोषित कर दिया गया। लग रहा था कि खींचतान पर विराम लगेगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। टिकट होते ही बयानबाजी शुरू हो गई। 

योगेश वर्मा ने कहा कि यह दलितों के साथ धोखा है। यहां दलित समीकरण है। टिकट दलित का कटा है तो दलित को ही टिकट दिया जाना चाहिए था। इसके बाद से फिर हलचल शुरू हो गई है। नामांकन करने के सिर्फ दो दिन बचे हैं और सपा में टिकट को लेकर घमासान जारी है।

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तीसरे दिन 16 उम्मीदवारों ने नामांकन पत्र लिए 
सहायक रिटर्निंग ऑफिसर सिटी मजिस्ट्रेट अनिल कुमार ने बताया कि मंगलवार को पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष सीमा प्रधान ने निर्दलीय, राष्ट्रवादी जन लोक पार्टी से भूपेंद्र सिंह, भारतीय समाजवादी पार्टी से अतहर सईद, नकी भारतीय एकता पार्टी से जर्रार अहमद, राष्ट्रीय जनसंचार दल से सोनू कुमार, निर्दलीय में मयंक कुमार, कमरूद्दीन, रिजवान, ब्रिजेश कुमार गुप्ता, दिनेश कुमार सोम, फरमान अली, दिलशाद अली ने नामांकन पत्र लिए। कलक्ट्रेट स्थित नामांकन स्थल पर पहुंचकर अभी तक कुल 51 उम्मीदवारों ने नामांकन पत्र लिया है, जिनमें से भाजपा से अरुण गोविल सहित तीन उम्मीदवारों ने ही नामांकन पत्र जमा किए हैं।

टिकट को लेकर अभी कुछ कहा नहीं जा सकता 
सपा जिलाध्यक्ष विपिन चौधरी का कहना है कि टिकट को लेकर फिर से उथलपुथल है। कुछ कहा नहीं जा सकता। ये टिकट रहेगा या फिर बदलाव होगा। राष्ट्रीय नेतृत्व को तय करना है। आज शाम तक स्थिति साफ हो जाएगी।

सोशल मीडिया पर शायरी हो रही वायरल
दुनिया मुझे फकत कागज का एक टुकड़ा समझती है, पतंग में ढल गए तो आसमां छू लेंगे...। मेरठ के अलग-अलग व्हाट्सएप ग्रुप में यह शायरी खूब वायरल हो रही है। इसे अलग-अलग नेताओं के साथ जोड़कर भेजा जा रहा है।

समाजवादी पार्टी में मेरठ-हापुड़ लोकसभा सीट पर टिकट को लेकर हो रही रस्साकशी के बीच यह काफी वायरल हो रहा है। लोग इसे नेताओं के पाला बदलने और आल इंडिया मजलिस इत्तेहादुल मुस्लेमीन एआईएमआईएम के टिकट पर चुनाव लड़ने को लेकर देख रहे हैं क्योंकि एमआईएम का चुनाव निशान पतंग है। 

एआईएमआईएम के प्रत्याशी पर टिकीं निगाहें
एआईएमआईएम का मेरठ में प्रत्याशी कौन होगा, इसे लेकर खामोशी है। चर्चा यह भी शुरू हो गई है कि क्या पहले चरण की तरह दूसरे चरण में भी एमआईएम अपना कोई प्रत्याशी नहीं उतारेगी? वहीं सूत्रों का कहना है कि पार्टी अभी समाजवादी पार्टी के बागियों पर निगाह गड़ाए हुए है। पार्टी का मानना है कि अगर कोई बागी आ गया तो वह पार्टी कार्यकर्ता के मुकाबले एआईएमआईएम के लिए ज्यादा मुफीद होगा।

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