फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Meerut News ›   father-daughter death of the road accident

स्कॉर्पियो की टक्कर से पिता-पुत्री की मौत 

Fri, 22 Apr 2016 02:25 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/मेरठ
अमर उजाला ब्यूरो/मेरठ Updated Fri, 22 Apr 2016 02:25 AM IST
विज्ञापन
father-daughter  death of the road accident
हादसे के बाद विलाप करते परिजन। - फोटो : अमर उजाला
हापुड़-किठौर मार्ग स्थित ग्राम अतराड़ा के निकट बृहस्पतिवार को स्कार्पियो ने किठौर की ओर से आ रही बाइक को टक्कर मार दी। इसमें बाइक सवार दंपति और दो बच्चे घायल हो गए। लोग घायलों को हापुड़ के अस्पताल ले जाने लगे, लेकिन रास्ते में पिता-पुत्री ने दम तोड़ दिया। वहीं, मां-बेटे की हालत गंभीर है। अस्पताल पहुंची हापुड़ पुलिस ने मृतकों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
विज्ञापन

हापुड़ के थाना बाबूगढ़ क्षेत्र के गांव आरिफपुर सरावनी निवासी रहीस (45) पुत्र मुस्तकीम की हापुड़ में सिकंदर गेट मोती कॉलोनी निवासी बहनोई आस मोहम्मद की मौत हो गई थी। रहीस अपनी पत्नी नसीम (42), बेटा मुसीर (11) और बेटी इसरा (8) के साथ बाइक पर सवार होकर बहन को दुपट्टा ओढ़ाने की रस्म निभाने जा रहा था। हापुड़-किठौर रोड पर गांव अतराड़ा स्थित रंजीत देवता के निकट सामने से तेज गति से आ रही स्कार्पियो ने टक्कर उन्हें टक्कर मार दी। राहगीरों ने हादसे की जानकारी पुलिस कंट्रोल रूम को दी। इसके बावजूद पुलिस काफी देर तक नहीं पहुंची तो राहगीर घायलों को निजी वाहन से हापुड़ ले जाने लगे। रास्ते में रहीस और बेटी इसरा की मौत हो गई। वहीं, नसीम और पुत्र मुसीर को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया। वहीं, कार्यवाहक थानाध्यक्ष शिवदत्त सिंह का कहना है कि पुलिस जानकारी मिलते ही घटनास्थल पर पहुंची परंतु राहगीर घायलों को अस्पताल ले जा चुके थे। उन्होंने बताया कि तहरीर मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन



छोटे भाई की भी सड़क हादसे में हुई थी मौत
मुस्तकीम
के दो बेटे और छह बेटियां थीं। रहीस से छोटे भाई की करीब दस वर्ष पहले सड़क हादसे में मौत हो गई थी। वहीं रहीस राज मिस्त्री का काम करके परिवार का पालन पोषण करता था। हापुड़ निवासी बहनोई की 40 दिन पहले मौत हो जाने से उसकी बहन सीदन इद्दत में बैठी थी। रहीस बृहस्पतिवार को इद्दत से उठने पर बहन को दुपट्टा ओढ़ाने की रस्म अदायगी के लिए परिवार के साथ हापुड़ जा रहा था।  
विज्ञापन
विज्ञापन


हेलमेट होता तो शायद बच जाती जान
बाइक
सवार रहीस ने हेलमेट भी नहीं लगाया था। अगर हेलमेट पहना होना तो शायद उसकी जान बच जाती। वहीं रहीस और उसकी बेटी इसरा की मौत से परिजनों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। उनका रो-रोकर बुरा हाल था।


पुलिस नहीं पहुंची
घटनास्थल
से अतराड़ा पुलिस चौकी करीब 500 मीटर दूर है। यहां केवल एक सिपाही तैनात था। राहगीरों ने हादसे की जानकारी तुरंत पुलिस को दी परंतु वह एक घंटे तक नहीं पहुंची।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed