मेरठ-दिल्ली एक्सप्रेस वे: आम के बाग ने निर्माण कार्य रोका, 250 फलदार पेड़ नहीं हो पा रहे शिफ्ट
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मेरठ दिल्ली एक्सप्रेस वे की जद में आ रहे व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की एनएचएआई ने निशानदेही कर दी है। किसी प्रतिष्ठान का काफी हिस्सा टूटेगा, किसी का कम। जल्द ही एनएचएआई इस पर काम शुरू करेगा। इन सभी केप्रतिकर की वेल्युएशन भी एडीएम भू अध्याप्ति कार्यालय को भेजी जा चुकी है। वहीं एक्सप्रेस वे की राह मेें आए आम के बाग ने काम पर ब्रेक लगा दिया है-
डासना से मेरठ के लिए इस एक्सप्रेस वे का निर्माण तेजी से चल रहा है। पहले बारिश, फिर प्रदूषण के कारण कई बार काम प्रभावित हुआ। अब टीमें शेड्यूल में काम कर रही हैं और रात में भी काम चल रहा है। जोर इस पर है कि जल्दी काम पूरा हो जाए। हालांकि सरकार कह रही है कि मई तक इसका काम पूरा करो। लेकिन माना जा रहा है कि यह अभी लेट होगा। यही कारण है कि इसकी कार्ययोजना पर विशेष काम हो रहा है।
इंटरचेंज से जुड़ रहे सारे एलाइनमेंट : डासना से आ रहा है एक्सप्रेस वे सांकरपुर में मिलेगा, जो वहां से दो पार्ट में विभक्त होगा। एक पार्ट हापुड़ रोड पर जाएगा तो दूसरा मेरठ दिल्ली मार्ग पर परतापुर में आकर मिलेगा। यहीं परतापुर में ही इंटरचेंज बनाया जा रहा। साथ ही रेलवे ओवरब्रिज भी बन रहा है।
उधर भूड़बराल पार करने के बाद भी फ्लाई ओवर बनाया जाएगा। ये सारे मार्ग इंटरचेंज पर जाकर कनेक्ट होंगे। दूसरी तरफ हापुड़ रोड पर मिलने वाले हिस्से का अभी टेंडर नहीं हो पाया। उसी मशक्कत की जा रही है। सांसद राजेंद्र अग्रवाल ने इस बाबत केंद्रीय राज्यमार्ग मंत्री नितिन गडकरी से भी बात की है।
डेढ़ किमी परिधि को करना होगा खाली
एनसीआरटीसी ने मेरठ पुलिस को पत्र भेजकर कहा है कि इंटरचेंज की लगभग डेढ़ किमी की परिधि को खाली करना होगा। एलाइनमेंट के बीच कोई निर्माण न हो। दरअसल इस परिधि में कई ढाबे, रेस्टोरेंट, दुकानें, पेट्रोप पंप, धर्मकांटा आदि आ रहे हैं। छोटे छोटे प्रतिष्ठान भी हैं। इन सभी को हटाना होगा। इसके लिए एनएचएआई ने सभी प्रतिष्ठानों पर निशान लगा दिए हैं।
ऊपर रैपिड ट्रेन
दिल्ली से मेरठ के बीच इसी रूट पर रैपिड ट्रेन भी आनी है। इसी के चलते इसे ऊंचा बनाया जा रहा है। इस पर जगह कम पड़ रही थी, लेकिन ले आउट में बदलाव के बाद इंटरचेंज की ऊंचाई सेंटर में लगभग दस से 12 मीटर रहेगी।
चूंकि मेरठ से दिल्ली के बीच प्रस्तावित रैपिड ट्रेन का एलाइमेंट भी यहीं है तो उसकी भी प्लानिंग है। यहां रैपिड का एलानमेंट एलीवेटिड है। इंटरचेंज के लगभग सात मीटर ऊपर रैपिड ट्रेन चलेगी। यानी जमीन से लगभग 17 से 20 मीटर ऊंचाई पर रैपिड ट्रेन फर्राटा भरेगी। परतापुर के बाद रैपिड अंडरग्राउंड हो जाएगी।
हमारा रेस्टोरेंट भी जद में
हमारा रेस्टारेंट भी इसकी जद में आ रहा है, इसका थोड़ा भाग ही टूटेगा। हमने कहा है कि इसका ध्यान रखा जाए कि किसी भी व्यापारी की रोजी रोटी का जरिया इससे न छिन जाए। वेल्युएशन भी सही की जाए - भावेश शर्मा, सचिव दक्षिण पउप्र संयुक्त व्यापार मंडल
समय से काम करेंगे
तेजी से काम हो रहा है। हम चाहते हैं कि समय से काम हो। जो निर्माण आड़े आ रहे हैं उनकी प्रतिकर की गणना भेजी जा चुकी है। साथ ही बाग या अन्य पेड़ों पर भी काम हो। कोशिश है कि कम से कम कुछ पेड़ तो शिफ्ट हो जाएं। - किशोर कान्याल, पीडी एनएचएआई
250 फलदार पेड़ नहीं हो पा रहे शिफ्ट
एक्सप्रेस वे की राह पर आम के बाग ने ब्रेक लगा दिया है। दरअसल यहां फलदार पेड़ों को शिफ्ट करने की बात कही जा रही है पर यह हो नहीं पा रहा है। उधर निर्माण बाग के सामने आकर रुक गया है। हालांकि यह तकनीक भी बहुत महंगी है और भारत में बहुत कारगर नहीं है।
फिर भी पर्यावरण के लिए इस एक्सप्रेस वे पर प्रयोग किया गया। पेड़ों को जड़ से मशीन के जरिए उखाड़कर दूसरी जगह शिफ्ट करने की कोशिश हुई पर बात नहीं बनी। अधिकारी कह रहे हैं कि एक प्रयास और किया जाएगा।
शहर से लेकर देश तक की ताजा खबरें व वीडियो देखने लिए हमारे इस फेसबुक पेज को लाइक करें
https://www.facebook.com/AuNewsMeerut/