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चुनाव अधिकारी खुद मैदान में, चिकित्सकों में घमासान
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 28 Mar 2017 02:12 AM IST
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फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
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प्रांतीय चिकित्सा सेवा संघ के चुनाव में चुनाव अधिकारी डॉ. बीपीएस कल्याणी के खुद अध्यक्ष पद पर ताल ठोकने से घमासान शुरू हो गया है। आरोप लग रहे हैं कि यह निर्णय आम सभा में नहीं लिया गया और न ही इस फैसले के खिलाफ संघ के केंद्रीय पर्यवेक्षक और चुनाव अधिकारी प्रथम ने आपत्ति दर्ज कराई। कई सीनियर चिकित्सकों ने चुनाव की निष्पक्षता पर ही सवाल उठा दिए हैं।
लंबे समय बाद प्रांतीय चिकित्सा सेवा संघ की जिला इकाई के चुनाव कराने के लिए 9 मार्च को सीएमओ ऑफिस सभागार में आम सभा बुलाई गई थी। जिसमें सर्वसम्मति से डॉ. शरद त्यागी एसीएमओ को चुनाव अधिकारी प्रथम और जिला अस्पताल के चिकित्सक डॉ. बीपीएस कल्याणी को चुनाव अधिकारी द्वितीय नामित किया गया। राज्य चुनाव अधिकारी ने समस्त कार्रवाई के लिए संघ के मंडलीय सचिव डॉ. एमएम भदौरिया को केंद्रीय पर्यवेक्षक नियुक्त किया। उसके बाद डॉ. विश्वास चौधरी व डॉ. धीरेंद्र कुमार ने अध्यक्ष पद के लिए नामांकन दाखिल किया।
अचानक ही यू टर्न
20 मार्च को अचानक से यू टर्न लेते हुए डॉ. विश्वास चौधरी ने महासचिव पद पर पर्चा भर दिया। उधर, डॉ. कल्याणी की जगह पर डॉ. रजत त्यागी को चुनावी अधिकारी द्वितीय नियुक्त किया गया, तो डॉ. कल्याणी ने अध्यक्ष पद के लिए नामांकन दाखिल कर दिया। यह सारा निर्णय बिना आम सभा के लिए गया और न ही इस पर कोई आपत्ति नहीं मांगी गई, जिसका विरोध शुरू हो गया है।
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ऐसा तो कभी नहीं देखा
मैंने भी तमाम चुनाव लड़े। लेकिन ऐसा कभी नहीं देखा कि चुनाव अधिकारी ही चुनाव में खड़ा हो जाए। अगर डॉ. कल्याणी को ही खड़ा होना था तो नोटिस देकर आम सभा बुलाते और सभी से आपत्ति मांगते। लेकिन यहां पर ऐसा कुछ भी नहीं हुआ। उलटे चुनाव अधिकारी बदलने का भी कोई नोटिफिकेशन जारी नहीं हुआ। -डॉ. सुधीर अग्रवाल एसीएमओ
इस पर बात करेंगे
मुझसे सिर्फ इतना कहा था कि डॉ. कल्याणी चुनाव अधिकारी नहीं रहना चाहते। उनकी जगह डॉ. रजत को चुनाव अधिकारी बनाया जाए। ऐसा पत्र मिलने पर मैंने स्वीकृति दे दी थी। इस पर आम सभा होनी चाहिए थी, जिस पर बात की जाएगी। -डॉ. एमएम भदौरिया केंद्रीय पर्यवेक्षक
केवल स्वीकृति ही काफी
हमने केंद्रीय पर्यवेक्षक को अवगत कराने के बाद ही यह कदम उठाया। हां, यह बात सही है कि उसके लिए कोई आम सभा नहीं की गई थी। लेकिन हमारे लिए स्वीकृति लेना ही काफी था। -डॉ. शरद त्यागी, चुनाव अधिकारी
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लंबे समय बाद प्रांतीय चिकित्सा सेवा संघ की जिला इकाई के चुनाव कराने के लिए 9 मार्च को सीएमओ ऑफिस सभागार में आम सभा बुलाई गई थी। जिसमें सर्वसम्मति से डॉ. शरद त्यागी एसीएमओ को चुनाव अधिकारी प्रथम और जिला अस्पताल के चिकित्सक डॉ. बीपीएस कल्याणी को चुनाव अधिकारी द्वितीय नामित किया गया। राज्य चुनाव अधिकारी ने समस्त कार्रवाई के लिए संघ के मंडलीय सचिव डॉ. एमएम भदौरिया को केंद्रीय पर्यवेक्षक नियुक्त किया। उसके बाद डॉ. विश्वास चौधरी व डॉ. धीरेंद्र कुमार ने अध्यक्ष पद के लिए नामांकन दाखिल किया।
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अचानक ही यू टर्न
20 मार्च को अचानक से यू टर्न लेते हुए डॉ. विश्वास चौधरी ने महासचिव पद पर पर्चा भर दिया। उधर, डॉ. कल्याणी की जगह पर डॉ. रजत त्यागी को चुनावी अधिकारी द्वितीय नियुक्त किया गया, तो डॉ. कल्याणी ने अध्यक्ष पद के लिए नामांकन दाखिल कर दिया। यह सारा निर्णय बिना आम सभा के लिए गया और न ही इस पर कोई आपत्ति नहीं मांगी गई, जिसका विरोध शुरू हो गया है।
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ऐसा तो कभी नहीं देखा
मैंने भी तमाम चुनाव लड़े। लेकिन ऐसा कभी नहीं देखा कि चुनाव अधिकारी ही चुनाव में खड़ा हो जाए। अगर डॉ. कल्याणी को ही खड़ा होना था तो नोटिस देकर आम सभा बुलाते और सभी से आपत्ति मांगते। लेकिन यहां पर ऐसा कुछ भी नहीं हुआ। उलटे चुनाव अधिकारी बदलने का भी कोई नोटिफिकेशन जारी नहीं हुआ। -डॉ. सुधीर अग्रवाल एसीएमओ
इस पर बात करेंगे
मुझसे सिर्फ इतना कहा था कि डॉ. कल्याणी चुनाव अधिकारी नहीं रहना चाहते। उनकी जगह डॉ. रजत को चुनाव अधिकारी बनाया जाए। ऐसा पत्र मिलने पर मैंने स्वीकृति दे दी थी। इस पर आम सभा होनी चाहिए थी, जिस पर बात की जाएगी। -डॉ. एमएम भदौरिया केंद्रीय पर्यवेक्षक
केवल स्वीकृति ही काफी
हमने केंद्रीय पर्यवेक्षक को अवगत कराने के बाद ही यह कदम उठाया। हां, यह बात सही है कि उसके लिए कोई आम सभा नहीं की गई थी। लेकिन हमारे लिए स्वीकृति लेना ही काफी था। -डॉ. शरद त्यागी, चुनाव अधिकारी