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चुनाव में प्रत्याशियों की मिठाई से रहें सावधान

Fri, 17 Nov 2017 11:10 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/ मेरठ
अमर उजाला ब्यूरो/ मेरठ Updated Fri, 17 Nov 2017 11:10 AM IST
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election me pratyaashi ki mitaai se saavdhaan
फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो

दीपावली के बाद सिंथेटिक मिठाई की मांग चुनाव में फिर बढ़ गई है। गांव जसड़ सुल्तानपुर, जैनपुर और डाहर में फिर से भट्ठियां धुआं उगलतीं नजर आ रही हैं। चुनाव में उतरे प्रत्याशी यहीं से मिठाई की आपूर्ति कराकर वोटरों को बांट रहे हैं। 

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जनपद के तीन गांव जसड़ सुल्तानपुर, जैनपुर और डाहर सिंथेटिक मिठाई बनाने के लिए दूसरे जनपदों में ही नहीं बल्कि आसपास के राज्यों में भी चर्चित हैं। दीपावली और होली पर यहां लगभग हर घर में मिठाई तैयार होती है। इसके बाद कुछ लोग ही इस धंधे से जुड़े रहते हैं। लेकिन अब निकाय चुनाव होने के कारण एक बार फिर से इस मिठाई के कुटीर उद्योग की चांदी हो आई है। 
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सफेद रसगुल्ले की सबसे ज्यादा मांग 
इन गांवों में सफेद रसगुल्ला, डोडा बर्फी और सोहन पापड़ी के साथ मिल्क केक तैयार होता है। लेकिन चुनाव में इस समय सफेद रसगुल्ले की मांग सबसे ज्यादा है। प्लास्टिक के पारदर्शी डिब्बों में इन रसगुल्लों की पैकिंग को पेटियों में पैक कर प्रत्याशियों तक पहुंचाया जा रहा है। 
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बाजार से है बहुत सस्ता 
बाजार में दुकानों पर तैयार होने वाला सफेद रसगुल्ला 200 रुपये से लेकर 400 रुपये किलो तक बिकता है। यदि किसी हलवाई से प्रत्याशी खुद रसगुल्ला तैयार कराएं तब भी यह 150 रुपये किलो से कम लागत पर नहीं बनता है। लेकिन इन गांवों में यही रसगुल्ला पैकिंग के साथ 80 रुपये किलो में मिल रहा है। 

जमकर आ रहे हैं ऑर्डर 
इस काम से जुड़े लोगों के अनुसार चुनाव के चलते मेरठ, मुजफ्फरनगर, बिजनौर, शामली, गाजियाबाद, गौतमबुद्धनगर, हापुड़, सहारनपुर, मुरादाबाद आदि जनपदों से ऑर्डर आए हुए हैं। मतदान की तिथि निकट आने के साथ मांग ज्यादा बढ़ रही है। 

चेयरमैन, पार्षद और सभासद प्रत्याशी ज्यादा 
मिठाई के ऑर्डर देने वालों में सभी राजनीतिक दलों के साथ निर्दलीय प्रत्याशी भी शामिल हैं। लेकिन इनमें नगर निगम महापौर के प्रत्याशियों के ऑर्डर बहुत कम हैं। जबकि नगर पालिका व नगर पंचायतों के चेयरमैन पद के प्रत्याशियों के साथ ही पार्षद प्रत्याशियों की संख्या बहुत ज्यादा है। कोई कोई प्रत्याशी तो एक-एक किलो के डिब्बे के 15 हजार तक की पैकिंग का ऑर्डर दे रहे हैं। 


मतदाता रहें सावधान 
वोटरों को लालच देना संज्ञेय अपराध है। लेकिन स्वास्थ्य की दृष्टि से भी मतदाता सावधान रहें। क्योंकि ये सुंदर दिखने वाला रसगुल्ला पूरी तरह सिंथेटिक है। इसमें शुद्धता का जहां किसी भी स्तर पर कोई मानक नहीं है तो स्वास्थ्य के लिए खतरनाक रसायन इसमें प्रयोग किये जाते हैं। जिससे पेट की कई बीमारियां हो सकती हैं।

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