होटल ब्लैक पेपर प्रकरण में सोमवार को दो चौंकाने वाले वीडियो और वायरल हो गए हैं। वीडियो से पुलिस के दावों पर सवाल खडे़ हो गये हैं। पुलिस की कार्यशैली और जांच भी सवालों के घेरे में आ गई है। वायरल वीडियो के मुताबिक दरोगा और महिला एक साथ कार से शाम 7:20 बजे होटल के सामने पहुंचे हैं। जबकि पुलिस ने दरोगा की रवानगी परतापुर थाने से रात्रि 8:05 बजे दर्शायी है। बड़ा सवाल उठता है कि दरोगा सुखपाल पंवार रवानगी से 45 मिनट पहले कैसे होटल पहुंच गए।
दरोगा पिटाई मामला: 2 और वीडियो वायरल, कहानी में आया नया मोड़, सवालों में पुलिस की कार्रवाई
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होटल की डीवीआर गायब
कंकरखेड़ा बाईपास स्थित होटल ब्लैक पेपर में शुक्रवार को हुए बखेड़े में होटल मालिक भाजपा पार्षद मनीष पंवार के जेल जाने के बाद उसके दोनों साले अरुण चौधरी और संदीप निवासी गांव सोहरका पुलिस के हत्थे नहीं चढ़े। सीओ दौराला पंकज सिंह ने बताया कि वह विवेचक के साथ होटल में जांच करने पहुंचे थे। जांच में सामने आया कि होटल में सीसीटीवी कैमरे लगे थे। घटना के बाद शुक्रवार रात करीब नौ बजे पुलिस मौके पर पहुंची तो सबसे पहले पुलिस ने कैमरे की डीवीआर देखी। लेकिन पुलिस के पहुंचने से पहले ही सीसीटीवी कैमरे की डीवीआर निकाल ली गई थी। सीओ का कहना है कि इस मामले में होटल मालिक के नाम से मैनेजर को नोटिस जारी किया गया है। पुलिस जांच में सामने आया कि वीडियो में होटल मालिक खुद कह रहा है कि मोबाइल से वीडियो बनाओ जिसके बाद कर्मचारी ने वीडियो बनाई और उसे वायरल किया। पुलिस के पास सात अलग-अलग वीडियो फुटेज हैं, जिनकी जांच की जा रही है। कर्मचारियों ने जो वीडियो बनाई, उनके मोबाइल फोन की फोरेंसिक एक्सपर्ट से जांच कराई जाएगी।
उलझ गई पुलिस की कहानी
इस बवाल के कंकरखेड़ा थाने में दो केस दर्ज कराए गए थे। इनमें एक मोहिउद्दीनपुर चौकी इंचार्ज सुखपाल सिंह पंवार की तरफ से होटल मालिक मनीष और छह अन्य के खिलाफ मारपीट करने, धमकी देने, बंधक बनाकर सरकारी पिस्टल छीनने व डकैती की धारा में केस दर्ज कराया था। अगले दिन दरोगा सुखपाल पंवार को लाइन हाजिर कर दिया गया था। दूसरा मुकदमा होटल में दरोगा के साथ मौजूद महिला की तरफ से होटल मालिक व अन्य के खिलाफ डकैती और छेड़छाड़ की धारा में दर्ज कराया था।
सत्ता के दबाव में पुलिस: महिला अधिवक्ता
पीड़िता महिला अधिवक्ता का इस पूरे प्रकरण पर आरोप लगाते हुए कहना है कि पुलिस सत्ताधारी नेताओं के दबाव में केस कमजोर करने में लगी है। साक्ष्य भी मिटाने का समय दिया जा रहा है। 164 सीआरपीसी के बयान तक नहीं कराए। होटल मालिक के साथ कई युवक और होटल में थे, जिन्होंने गुंडागर्दी की। दरोगा मेरे केस के विवेचक थे। होटल में खाना खाने या फिर कॉफी के लिए ऑर्डर देना अपराध नहीं था। वेटर से विवाद के बाद मेरा मोबाइल छीना गया। मैं गुस्से में आ गई थी तो होटल मालिक ने होटल के गेट बंद करा दिए। मेरे साथ लूटपाट, छेड़छाड़ की गई। एक महिला होने के नाते मैंने अपने बचाव में होटल में प्लेट फेंकी थी। पुलिस उन लोगों को भी गिरफ्तार करे, जिन्होंने मेरे व दरोगा के साथ होटल में गुंडागर्दी की है।
उलझी पुलिस की जांच
सवाल 1
दरोगा सुखपाल और महिला द्वारा दर्ज कराई एफआईआर में किए गए दावों को ये दोनों वीडियो झुठला रही हैं। उसके अनुसार थाना परतापुर पर रपट संख्या 39 समय 8.05 पर वास्ते तफ्तीश रवानगी दर्शायी गई है और होटल में घटना करीब 8.30 बजे के पास होना बताई गई। महिला की एफआईआर में घटना का समय 8.00 बजे के आसपास है। रवानगी से पहले दरोगा कैसे होटल पहुंच सकते हैं। दोनों के साथ घटना होने में आधा घंटे का फर्क कैसे आ गया।
सवाल 2
सोमवार को वायरल हुई एक वीडियो में दरोगा और महिला एक साथ कार से उतर रहे हैं जिसका समय शाम 7:19 बजे का है। दूसरी वीडियो का समय एक मिनट बाद का 7:20 का है जिसमें दरोगा और महिला एक साथ होटल में एंट्री कर रहे हैं। ये दोनों वीडियो फुटेज होटल के सीसीटीवी कैमरों की बताई गई है। सवाल है कि रवानगी 8:05 पर है तो 45 मिनट पहले दरोगा आैर महिला होटल में कैसे पहुंचे।
सवाल 3
घटना के बाद दरोगा सुखपाल ने बताया था कि वह और महिला अलग-अलग आए थे। दरोगा पहले से होटल में खाना खाने पहुंचे थे और महिला उन्हें कॉल कर होटल पहुंची थी। वीडियो में दोनों साथ साथ आते दिखाई दे रहे हैं। सवाल है कि परतापुर पुलिस ने घटना के समय दरोगा की रवानगी कैसे दर्शा दी है।
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