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दिवाली पर बाजार गुलजार
अमर उजाला ब्यूरों
Updated Sun, 30 Oct 2016 02:00 AM IST
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फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
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दिवाली पर बाजार पूरी तरह से गुलजार हो गए। दिवाली की पूर्व संध्या यानी नरक चतुर्दशी पर बाजारों में जमकर सेल हुई। सजावट के सामान, गिफ्ट आयटम, पूजन सामग्री आदि की जबरदस्त बिक्री हुई। शहर के सभी मुख्य बाजारों में भारी भीड़ उमड़ी। पटाखों की खरीदारी के लिए दुकानों पर भीड़ रही। सुबह से देर रात तक लोगों ने खरीदारी की।
दिवाली पर बाजार को मानो संजीवनी मिल गई। शनिवार को बाजरों में जबरदस्त रौनक रही। आबूलेन पर लोगों ने जमकर खरीददारी की। इसके अलावा सेंट्रल मार्केट, भगत सिंह मार्केट, लाला का बाजार, कोटला, वैली बाजार, शारदा रोड समेत तमाम बाजारों में सबसे ज्यादा गिफ्ट आयटम बिके। सजावट का सामान धनतेरस और उससे एक दिन पूर्व भी खूब बिका था। खरीदारी का दौरान शनिवार को भी जारी रहा। मिट्टी के दीपक, बिजली के झालर आदि की जमकर बिक्री हुई। गली मोहल्लों में भी लगने वाली दुकानों पर काफी भीड़ रही। वहीं मिठाई की दुकानों पर खूब बिक्री हुई। शाम को बच्चों ने आतिशबाजी की। फुलझड़ियां आदि जलाई।
दूध से बने उत्पादों की बिक्री हुई सीमित
खाद्य पदार्थों में मिलावट के बीच अब लोग अपनी सेहत के प्रति जागरूक हो रहे हैं। इस बार लोगों का दूध से बने उत्पादों की तरफ रुझान कम है, जबकि रेवड़ी गजक और ड्राई फ्रूट की जमकर खरीदारी कर रहे हैं। खाद्य सुरक्षा विभाग भी मान रहा है कि इस बार दूध से बनी मिठाइयों का कारोबार काफी हद तक सीमित हो गया है।
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दरअसल त्योहाराें के मौके पर खाद्य पदार्थों में सबसे ज्यादा मिलावट की गुंजाइश रहती है। खासकर दूध व उससे बने उत्पादों में मिलावट की संभावना ज्यादा रहती है। बीते सालों में भी खाद्य एवं औषधि सुरक्षा विभाग की टीम द्वारा त्योहारों पर सैंपलिंग की गई थी।उसमें सबसे ज्यादा सैंपल दूध व उससे बनने उत्पादों की मिठाइयों के रहे। मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी जेपी सिंह का मानना है कि सैंपलिंग का जनता पर भी असर पड़ रहा है। इसलिए अब लोग ड्राई फ्रूट और अन्य मिठाइयां खरीद रहे हैं। वहीं विभाग का मानना है कि ड्राई फ्रूट के साथ रेवड़ी गजक व सोनपापड़ी जैसी मिठाइयां स्वास्थ्य के लिए ज्यादा अच्छी मानी जाती हैं।
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दिवाली पर बाजार को मानो संजीवनी मिल गई। शनिवार को बाजरों में जबरदस्त रौनक रही। आबूलेन पर लोगों ने जमकर खरीददारी की। इसके अलावा सेंट्रल मार्केट, भगत सिंह मार्केट, लाला का बाजार, कोटला, वैली बाजार, शारदा रोड समेत तमाम बाजारों में सबसे ज्यादा गिफ्ट आयटम बिके। सजावट का सामान धनतेरस और उससे एक दिन पूर्व भी खूब बिका था। खरीदारी का दौरान शनिवार को भी जारी रहा। मिट्टी के दीपक, बिजली के झालर आदि की जमकर बिक्री हुई। गली मोहल्लों में भी लगने वाली दुकानों पर काफी भीड़ रही। वहीं मिठाई की दुकानों पर खूब बिक्री हुई। शाम को बच्चों ने आतिशबाजी की। फुलझड़ियां आदि जलाई।
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दूध से बने उत्पादों की बिक्री हुई सीमित
खाद्य पदार्थों में मिलावट के बीच अब लोग अपनी सेहत के प्रति जागरूक हो रहे हैं। इस बार लोगों का दूध से बने उत्पादों की तरफ रुझान कम है, जबकि रेवड़ी गजक और ड्राई फ्रूट की जमकर खरीदारी कर रहे हैं। खाद्य सुरक्षा विभाग भी मान रहा है कि इस बार दूध से बनी मिठाइयों का कारोबार काफी हद तक सीमित हो गया है।
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दरअसल त्योहाराें के मौके पर खाद्य पदार्थों में सबसे ज्यादा मिलावट की गुंजाइश रहती है। खासकर दूध व उससे बने उत्पादों में मिलावट की संभावना ज्यादा रहती है। बीते सालों में भी खाद्य एवं औषधि सुरक्षा विभाग की टीम द्वारा त्योहारों पर सैंपलिंग की गई थी।उसमें सबसे ज्यादा सैंपल दूध व उससे बनने उत्पादों की मिठाइयों के रहे। मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी जेपी सिंह का मानना है कि सैंपलिंग का जनता पर भी असर पड़ रहा है। इसलिए अब लोग ड्राई फ्रूट और अन्य मिठाइयां खरीद रहे हैं। वहीं विभाग का मानना है कि ड्राई फ्रूट के साथ रेवड़ी गजक व सोनपापड़ी जैसी मिठाइयां स्वास्थ्य के लिए ज्यादा अच्छी मानी जाती हैं।