खतौली ट्रेन हादसे में मरे इस युवक को कंधा भी नहीं हुआ नसीब, हाथ पर गुदा था ये नाम...
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कलिंग उत्कल एक्सप्रेस हादसे में मरे रामप्रकाश को अपनों का कंधा नसीब नहीं हो सका। 72 घंटे बीतने के बाद भी उसकी तलाश में कोई नहीं पहुंचा। खतौली में शनिवार को हादसे का शिकार हुई कलिंग-उत्कल एक्सप्रेस ट्रेन में 23 लोगों को अपनी जान से हाथ धोना पड़ा है। जिनमें से 22 लोगों की पहचान हो चुकी है, जिनके शवों को परिजनों ने खुद अंतिम संस्कार किया। एक व्यक्ति अज्ञात में दर्ज है, जिसकी पहचान के लिए प्रशासन ने 72 घंटे का समय रखा था। मेडिकल कॉलेज में रखे गए इस शव का समय बीतने के बाद भी कोई वारिस नहीं पहुंच सका। उसके के दाहिने हाथ पर रामप्रकाश गुदा हुआ था, उसकी वेशभूषा साधुओं की है। डीएम के निर्देश पर बृहस्पतिवार को जीआरपी ने उसका अज्ञात में अंतिम संस्कार कर दिया। अब सवाल है कि इसे किस्मत कहें या क्रूर सिस्टम, एक जिंदगी अपनों से दूर होकर गुमनामी के साथ दुनिया से विदा हो गई। भोपा रोड पर एक ट्रस्ट के सहयोग से जीआरपी ने शव का अंतिम संस्कार किया है। जीआरपी एसओ किशन अवतार ने बताया कि शव की पहचान कराने के लिए अथक प्रयास किए गए, लेकिन समय पूरा होने के बाद कोई भी वारिस नहीं आ सका, जिसके चलते अज्ञात में शव का अंतिम संस्कार करना पड़ा।
हुलिए से साधु की तरह दिखता था
जीआरपी एसओ के अनुसार मृतक व्यक्ति की उम्र 50 साल से अधिक है। उसकी वेशभूषा और हुलिया साधु की तरह लगता है। दाहिने हाथ पर रामप्रकाश नाम गुदा हुआ है। इसी के आधार पर उसे हिंदू धर्म से माना गया। उसकी के अनुसार उसका अंतिम संस्कार हुआ। उसके कपड़ों आदि को सबूत के तौर पर सुरक्षित रखा है। जांच-पड़ताल में मृतक के पास कोई टिकट या अन्य वस्तु बरामद नहीं हो सकी है। नतीजतन उसकी पहचान कराने में जीआरपी और प्रशासन को मुश्किल हुई।
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