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डेंगू का हमला जारी, तीन और मरीज मिले
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डेंगू का हमला जारी, तीन और मरीज मिले
मेरठ। डेंगू के तीन और मरीज मिले हैं। इनमें दो मलियाना के हैं और एक रजबन का रहने वाला है। 18 अगस्त से लेकर अब तक डेंगू के 10 मरीज मिल चुके हैं। डेंगू के बढ़ते मामलों के कारण अलर्ट किया हुआ है। यह तीनों कई दिन से बुखार से पीड़ित थे। जब निजी लैब में जांच कराई तो डेंगू की पुष्टि हुई। मलेरिया विभाग ने मरीज का जहां पर निवास स्थान था उसके आसपास लार्वा की तलाश कराई और दवा का छिड़काव करा दिया है।
बारिश में जलभराव हुआ है। घरों में कूलर, फ्लोवर पाट, पानी की टंकी, छत पर रखा कबाड़ में पानी जमा होने से डेंगू का लार्वा पनपता है। जब लार्वा से तैयार हुआ मच्छर किसी व्यक्ति का काटता है तो उस व्यक्ति में डेंगू का संक्रमण पहुंच जाता है, जिससे वह बीमार पड़ जाता है। फिरोजाबाद और कासगंज में वायरल बुखार और डेंगू में कोहराम मचाया हुआ। कई लोगों की जान भी जा चुकी है। इसके बाद से प्रदेश में अलर्ट किया गया है।
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ब्लैक फंगस मुक्त हुआ मेरठ, अब कोई मरीज भर्ती नहीं
मेरठ। करीब चार महीने बाद ब्लैक फंगस का कोई भी सक्रिय मरीज स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों में नहीं हैं। कोई नया मरीज नहीं मिला है। अब तक कुल 348 मरीज मिल चुके हैं। 321 लोगों की छुट्टी हो चुकी है। कोई सक्रिय केस नहीं है। 27 की मौत हो चुकी है।
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ब्लैक फंगस ने भी कोरोना के साथ-साथ कोहराम मचाया था। जिन मरीजों को कोरोना हुआ, उनमें से कुछ लोगों को ब्लैक फंगस की भी शिकायत हुई। इनमें अधिकांश वे मरीज थे जिन्हें शुगर थी। मेडिकल कॉलेज में दो सौ से अधिक मरीजों पर शोध भी हुआ। कई लोगों की आंख की रोशनी चली गई, जबकि कुछ की रोशनी को ऑपरेशन करके बचाया गया। हालांकि जिस तरह कोरोना एक दूसरे से फैलता है, इसमें गनीमत यह है कि यह एक को दूसरे से नहीं फैलता है।
बुधवार को 5101 सैंपल की जांच हुई। इनमें कोरोना का कोई मरीज नहीं मिला। सक्रिय केस 7 हैं। इनमें से तीन अस्पताल में भर्ती हैं, जबकि दो होम आइसोलेशन में हैं। दो लापता है। अब तक 66007 लोगों को कोरोना की पुष्टि हो चुकी है, जबकि 65159 की छुट्टी हो चुकी है।
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मेरठ। डेंगू के तीन और मरीज मिले हैं। इनमें दो मलियाना के हैं और एक रजबन का रहने वाला है। 18 अगस्त से लेकर अब तक डेंगू के 10 मरीज मिल चुके हैं। डेंगू के बढ़ते मामलों के कारण अलर्ट किया हुआ है। यह तीनों कई दिन से बुखार से पीड़ित थे। जब निजी लैब में जांच कराई तो डेंगू की पुष्टि हुई। मलेरिया विभाग ने मरीज का जहां पर निवास स्थान था उसके आसपास लार्वा की तलाश कराई और दवा का छिड़काव करा दिया है।
बारिश में जलभराव हुआ है। घरों में कूलर, फ्लोवर पाट, पानी की टंकी, छत पर रखा कबाड़ में पानी जमा होने से डेंगू का लार्वा पनपता है। जब लार्वा से तैयार हुआ मच्छर किसी व्यक्ति का काटता है तो उस व्यक्ति में डेंगू का संक्रमण पहुंच जाता है, जिससे वह बीमार पड़ जाता है। फिरोजाबाद और कासगंज में वायरल बुखार और डेंगू में कोहराम मचाया हुआ। कई लोगों की जान भी जा चुकी है। इसके बाद से प्रदेश में अलर्ट किया गया है।
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ब्लैक फंगस मुक्त हुआ मेरठ, अब कोई मरीज भर्ती नहीं
मेरठ। करीब चार महीने बाद ब्लैक फंगस का कोई भी सक्रिय मरीज स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों में नहीं हैं। कोई नया मरीज नहीं मिला है। अब तक कुल 348 मरीज मिल चुके हैं। 321 लोगों की छुट्टी हो चुकी है। कोई सक्रिय केस नहीं है। 27 की मौत हो चुकी है।
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ब्लैक फंगस ने भी कोरोना के साथ-साथ कोहराम मचाया था। जिन मरीजों को कोरोना हुआ, उनमें से कुछ लोगों को ब्लैक फंगस की भी शिकायत हुई। इनमें अधिकांश वे मरीज थे जिन्हें शुगर थी। मेडिकल कॉलेज में दो सौ से अधिक मरीजों पर शोध भी हुआ। कई लोगों की आंख की रोशनी चली गई, जबकि कुछ की रोशनी को ऑपरेशन करके बचाया गया। हालांकि जिस तरह कोरोना एक दूसरे से फैलता है, इसमें गनीमत यह है कि यह एक को दूसरे से नहीं फैलता है।
बुधवार को 5101 सैंपल की जांच हुई। इनमें कोरोना का कोई मरीज नहीं मिला। सक्रिय केस 7 हैं। इनमें से तीन अस्पताल में भर्ती हैं, जबकि दो होम आइसोलेशन में हैं। दो लापता है। अब तक 66007 लोगों को कोरोना की पुष्टि हो चुकी है, जबकि 65159 की छुट्टी हो चुकी है।