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डेंगू और चिकनगुनिया बना जान की आफत
अमर उजाला ब्यूरो/मेरठ
Updated Mon, 19 Sep 2016 02:15 AM IST
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जिला अस्पताल में भर्ती बुखार के मरीज।
- फोटो : अमर उजाला
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बुखार से अभी राहत मिलती नजर नहीं आ रही। डेंगू और चिकनगुनिया के नए केस लगातार सामने आ रहे हैं। रविवार को चिकनगुनिया के 27 और डेंगू के 5 नए केस सामने आए। मेडिकल कॉलेज लैब रिपोर्ट के अनुसार मरीजों की संख्या बढ़ रही है। वहीं बीमारी कम न होने का कारण मौसम भी है। मच्छरों के प्रकोप से बचने के लिए शहर में फॉगिंग का काम तेज हुआ है, फिर भी कई इलाके ऐसे हैं जहां अभी तक फॉगिंग पहुंची ही नहीं है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक जिले में अब तक चिकनगुनिया के 270 और डेंगू के 93 मरीज हो गए हैं।
लोग बुखार और असहनीय दर्द से परेशान हैं। डॉक्टरों का कहना है, परेशान होने की जरूरत नहीं है। सामान्य बुखार सही होने में भी एक सप्ताह या उससे अधिक वक्त लग रहा है। वायरल के केस काफी हैं। तापमान 35 डिग्री से ऊपर होने से मच्छरों पर मार पड़ रही है। उमस और गर्मी से लोग पूरी आस्तीन के कपड़े पहनने से परहेज कर रहे हैं। जिससे मच्छर के काटने का खतरा बढ़ जाता है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है मौसम में तब्दीली अक्तूबर में आएगी। इसलिए अभी सतर्क रहने की आवश्यकता है।
जिले में बुखार से 3 की मौत
जिले में रविवार को बुुखार से किशोर समेत तीन लोगों की मौत हो गई। इससे लोगों में दहशत है।
इंचौली थाना क्षेत्र के नंगलाशेखू गांव में पप्पू (35) पुत्र सोमनाथ पेंटर था। परिजनों के मुताबिक पप्पू तीन दिन से बुखार से पीड़ित था। रात अचानक उसकी तबीयत बिगड़ गई। परिजनों ने आनन फानन में उसे मेरठ के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां उपचार के दौरान युवक ने दम तोड़ दिया। परिजनों ने प्रशासन से आर्थिक मदद की गुहार लगाई है। वहीं ग्राम प्रधान प्रदीप मलिक ने गांव में चिकित्सा कैंप लगवाने की मांग की है। उधर, सरूरपुर के गांव हर्रा में बुखार से मौत का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। गांव निवासी सद्दाम (12) पुत्र उमर मोहम्मद की बुखार के चलते मौत हो गई। परिजनों ने बताया कि मंगलवार को बुखार होने पर किशोर को अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
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वहीं बहसूमा कस्बे में वायरल बुखार ने रविवार को एक और व्यक्ति की जान ले ली। कस्बे में आधा दर्जन से अधिक लोगों की बुखार बुखार से मौत हो चुकी है। लेकिन स्वास्थ्य विभाग ने अभी तक सुध नहीं ली है। क्षेत्र में वायरल बुखार बढ़ता ही जा रहा है। इसके चलते दर्जन भर से अधिक लोग बुखार की चपेट में है। कस्बे के लोग वायरल, चिकनगुनिया, डेंगू तथा डायरिया जैसी बीमारियों से जूझ रहे हैं। कस्बे के मोहल्ला चेनपुरा निवासी बबलू ने बताया कि उसके पिता अब्दुल गफूर उर्फ गफूरा (55) तीन से दिन से बुखार से ग्रस्त थे। तबियत बिगड़ने से रविवार को उनकी मौत हो गई। मौत से परिवार में कोहराम मचा हुआ है। इससे पहले कस्बे में आशीष वाल्मीकि, दिलशाद सैफी, किरणचंद शर्मा, विवाहिता सोनी, इस्तियाक सैफी, नसरीन, रामराज निवासी अंजली और संजय धीमान की मौत हो चुकी है। इससे अन्य रोगियों में दहशत बनी हुई है। वहीं स्वास्थ्य विभाग की ओर से अभी तक कोई शिविर भी नहीं लगाया गया।
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लोग बुखार और असहनीय दर्द से परेशान हैं। डॉक्टरों का कहना है, परेशान होने की जरूरत नहीं है। सामान्य बुखार सही होने में भी एक सप्ताह या उससे अधिक वक्त लग रहा है। वायरल के केस काफी हैं। तापमान 35 डिग्री से ऊपर होने से मच्छरों पर मार पड़ रही है। उमस और गर्मी से लोग पूरी आस्तीन के कपड़े पहनने से परहेज कर रहे हैं। जिससे मच्छर के काटने का खतरा बढ़ जाता है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है मौसम में तब्दीली अक्तूबर में आएगी। इसलिए अभी सतर्क रहने की आवश्यकता है।
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जिले में बुखार से 3 की मौत
जिले में रविवार को बुुखार से किशोर समेत तीन लोगों की मौत हो गई। इससे लोगों में दहशत है।
इंचौली थाना क्षेत्र के नंगलाशेखू गांव में पप्पू (35) पुत्र सोमनाथ पेंटर था। परिजनों के मुताबिक पप्पू तीन दिन से बुखार से पीड़ित था। रात अचानक उसकी तबीयत बिगड़ गई। परिजनों ने आनन फानन में उसे मेरठ के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां उपचार के दौरान युवक ने दम तोड़ दिया। परिजनों ने प्रशासन से आर्थिक मदद की गुहार लगाई है। वहीं ग्राम प्रधान प्रदीप मलिक ने गांव में चिकित्सा कैंप लगवाने की मांग की है। उधर, सरूरपुर के गांव हर्रा में बुखार से मौत का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। गांव निवासी सद्दाम (12) पुत्र उमर मोहम्मद की बुखार के चलते मौत हो गई। परिजनों ने बताया कि मंगलवार को बुखार होने पर किशोर को अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
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वहीं बहसूमा कस्बे में वायरल बुखार ने रविवार को एक और व्यक्ति की जान ले ली। कस्बे में आधा दर्जन से अधिक लोगों की बुखार बुखार से मौत हो चुकी है। लेकिन स्वास्थ्य विभाग ने अभी तक सुध नहीं ली है। क्षेत्र में वायरल बुखार बढ़ता ही जा रहा है। इसके चलते दर्जन भर से अधिक लोग बुखार की चपेट में है। कस्बे के लोग वायरल, चिकनगुनिया, डेंगू तथा डायरिया जैसी बीमारियों से जूझ रहे हैं। कस्बे के मोहल्ला चेनपुरा निवासी बबलू ने बताया कि उसके पिता अब्दुल गफूर उर्फ गफूरा (55) तीन से दिन से बुखार से ग्रस्त थे। तबियत बिगड़ने से रविवार को उनकी मौत हो गई। मौत से परिवार में कोहराम मचा हुआ है। इससे पहले कस्बे में आशीष वाल्मीकि, दिलशाद सैफी, किरणचंद शर्मा, विवाहिता सोनी, इस्तियाक सैफी, नसरीन, रामराज निवासी अंजली और संजय धीमान की मौत हो चुकी है। इससे अन्य रोगियों में दहशत बनी हुई है। वहीं स्वास्थ्य विभाग की ओर से अभी तक कोई शिविर भी नहीं लगाया गया।