बेटी... पिता जी अब बर्दाश्त नहीं होगा, सुपारी देकर Facebook फ्रेंड से करा दिया कत्ल
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मेरठ में परिवार की महिला से पिता के संबंधों को लेकर घर में रोजाना का क्लेश। काफी समझाने के बाद भी पिता का न मानना और करोड़ों की प्रॉपर्टी इस महिला के नाम करने की धमकी देना। इसके बाद बेटी ने कहा कि पिता जी मान जाओ अब बात हद से पार जा रही और बर्दाश्त नहीं होगा लेकिन, कलयुगी पिता नहीं माना। इस पारिवारिक झगड़े का अंजाम यह हुआ कि अपने छोटे भाई की संपत्ति बचाने के लिए 23 साल की अविवाहित बेटी ने 12 लाख की सुपारी देकर पिता को शूटरों से मौत के घाट उतरवा दिया। मामला परतापुर के किसान मनोज हत्याकांड से जुड़ा है। जिसका सनसनीखेज खुलासा सोमवार को एसपी सिटी मानसिंह चौहान व सीओ ब्रह्मपुरी अखिलेश भदौरिया ने प्रेसवार्ता में किया।
गलत निकली नामजदगी
एसपी सिटी के अनुसार विगत एक सितंबर को मोहिउद्दीनपुर गांव में किसान मनोज कुमार की हत्या हुई थी। मनोज के भाई ने अपने ए क रिश्तेदार के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई थी। जो जांच में गलत निकली थी। पुलिस ने सर्विलांस और मुखबिर तंत्र की सूचना पर मनोज की बड़ी बेटी शिखा को हिरासत में ले लिया।
क्या बोली शिखा
एसपी सिटी के अनुसार हत्यारोपी शिखा ने बताया कि उसके पिता के परिवार की ही एक महिला से करीब 24 साल से संबंध थे। इसको लेकर कई बार घर में झगड़ा भी हुआ। एक साल से वह अपने पिता से इस महिला से संबंध तोड़ने के लिए कह रही थी। लेकिन उसका पिता उल्टे धमकी देता था कि वह अपनी करोड़ों की संपत्ति में से किसी को कुछ नहीं देगा। सारी प्रॉपर्टी उस महिला के नाम ही करेगा। काफी समझाने के बाद भी न मानने पर उसने पिता की हत्या कराने की प्लानिंग बना ली थी।
एफबी के जरिए ढूंढे शूटर, 12 लाख में पिता की मौत का सौदा
एसपी सिटी ने बताया कि शिखा राजस्थान के एक डिग्री कालेज से बीकॉम कर रही है। उसकी परतापुर के अधेड़ा गांव के निवासी हिमांशु सिवाच से फेसबुक पर दोस्ती थी। शिखा ने हिमांशु से घर की सारी बातें बताकर शूटर उपलब्ध कराने को कहा। हिमांशु ने वारदात से चार दिन पहले शिखा की मुलाकात शूटर लोकेंद्र उर्फ लौकी निवासी बिसोखर मोदीनगर और हिमांशु जाट निवासी करनावल सरूरपुर से मोहिउद्दीनपुर में कराई थी। शूटरों ने हत्या करने की एवज में 20 लाख रुपये मांगे। लेकिन बाद में 12 लाख की सुपारी तय हुई थी।
दरवाजा खुला मिलेगा
एक सितंबर की रात शिखा ने हिमांशु को कॉल कर कहा कि घर का दरवाजा खुला मिलेगा, चुपचाप आ जाना। तीनों आरोपियों ने घर में घुसे तो मनोज और उसका भाई आस पास सो रहे थे। गफलत होने पर उन्होंने शिखा को कॉल कर बुलाया। शिखा आई और बोली कि इस चारपाई पर पिता मनोज सोया है, जिसे गोली मारनी है। शिखा के जाते ही हिमांशु ने मनोज का मुंह दबा लिया और लोकेंद्र ने मनोज को गोली मार दी।
ऊधम सिंह का शूटर
बकौल एसपी सिटी हिमांशु जाट जेल में बंद कुख्यात ऊधम सिंह का शूटर है। हिमांशु अपने साथियों के साथ कई वारदात कर चुका है। आरोपी शिखा का मोबाइल फोन और टैब भी कब्जे में है।
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