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दलित आंदोलन: ग्रामीणों की रिहाई के बाद हुआ अमरेश का अंतिम संस्कार, जमकर हंगामा

Thu, 05 Apr 2018 11:45 AM IST
यूपी डेस्क, अमर उजाला, मुजफ्फरनगर
यूपी डेस्क, अमर उजाला, मुजफ्फरनगर Updated Thu, 05 Apr 2018 11:45 AM IST
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Dalit movement: Amresh's funeral happened after the release of villagers at muzaffarnagar
भारी पुलिसफोर्स के बीच हुआ अमरेश का अंतिम संस्कार - फोटो : अमर उजाला

मुजफ्फरनगर में भोपा से हिरासत में लिए गए 15 ग्रामीणों को छोड़ने की मांग को लेकर हिंसा में मारे गए अमरेश के अंतिम संस्कार के दौरान जमकर हंगामा हो गया। करीब पांच घंटे की जद्दोजहद के बाद प्रशासन ने ग्रामीणों को छोड़ने के लिए हामी भरी। इसके बाद, गमगीन माहौल में अमरेश की अंत्येष्टि की गई। सुरक्षा के मद्देनजर कई थानों की फोर्स गांव में पैनी नजर बनाए रखी।

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सोमवार को दलितों के विरोध-प्रदर्शन के दौरान हुए बवाल में भोपा क्षेत्र के गांव गादला निवासी अमरेश पुत्र सुरेश की मौत हो गई थी। इस घटना की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण जिला चिकित्सालय पहुंच गए थे। इस दौरान उपद्रवियों के खिलाफ कार्रवाई में जुटी पुलिस ने गादला के 15 ग्रामीणों को हिरासत में ले लिया था। पोस्टमार्टम के बाद सुबह छह बजे अमरेश का शव गांव में पहुंचते ही कोहराम मच गया। आसपास के कई गांव के लोग भी गादला पहुंच गए थे। भीड़ को देख कई थानों की फोर्स और पीएसी गांव में लगा दी गई। एडीएम प्रशासन हरीशचंद्र ने हालात को देखते हुए गादला के संपर्क मार्गों की नाकेबंदी करा दी। ग्रामीणों की मांग थी कि हिरासत में लिए गए लोगों को छोड़ने के बाद ही अमरेश का अंतिम संस्कार होगा। इस दौरान भीड़ ने पुलिस प्रशासन के विरोध में नारेबाजी शुरू कर दी। पुलिस और प्रशासन के अफसरों ने प्रदर्शनकारियों को समझाने की कोशिश की, लेकिन कामयाबी नहीं मिली। सभी प्रदर्शनकारी ग्रामीणों की रिहाई की मांग को लेकर अड़ गए। एडीएम और एसडीएम जानसठ गजल भारद्वाज ने डीएम राजीव शर्मा को स्थिति से अवगत कराया। आखिरकार प्रशासन को झुकना पड़ा। हिरासत में लिए गए सभी ग्रामीणों को छोड़ने के बाद ही अमरेश की अंत्येष्टि हो सकी।
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Dalit movement: Amresh's funeral happened after the release of villagers at muzaffarnagar
गादला गांव में हंगामा करते परिजनों को समझाती पुलिस - फोटो : अमर उजाला

पुलिस सुरक्षा के बीच शव यात्रा गांव के बाहर पहुंची, जहां दलित संगठनों के कार्यकर्ताओं की उपस्थिति में दाह संस्कार हुआ। इस दौरान एसपी देहात अजय सहदेव, सीओ खतौली डॉ राजीव कुमार, सीओ भोपा मोहम्मद रिजवान सहित कई थाना प्रभारी मौजूद रहे। 

उधर, नाकेबंदी की वजह से जब मृतक अमरेश के रिश्तेदार गांव में नहीं पहुंचे, तो ग्रामीणों ने आक्रोश जताया। एडीएम प्रशासन हरीश चंद्र से मृतक के परिवार को 20 लाख रुपये का मुआवजा दिलवाने, मृतका आश्रित के परिवार के एक सदस्य को नौकरी दिलाने, उपद्रव में निर्दोषों के खिलाफ कार्रवाई नहीं करने आदि की मांग रखी।

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