फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Meerut News ›   cruelty with animal in kanji house

कांजी हाउस में पशुओं से क्रूरता 

Sat, 29 Apr 2017 01:39 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो Updated Sat, 29 Apr 2017 01:39 AM IST
विज्ञापन
cruelty  with animal in kanji house
फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
 पशु क्रूरता को लेकर सुप्रीम कोर्ट और सरकार भले ही गंभीर हो, लेकिन निगम प्रशासन लापरवाह है। इसकी बानगी नगर निगम के कांजी हाउस में देखी जा सकती है। यहां पर पशुओं के लिए न तो कोई उचित स्थान है और न ही चारा और पानी का प्रबंध। ऐसे में वहां बंद पशुओं को छोड़े जाने तक भूखे ही रहना पड़ता है। जबकि नगर निगम से कांजी हाउस के लिए पांच लाख रुपये वार्षिक खर्च का इंतजाम है। 
विज्ञापन


बदहाल है कांजी हाउस 
अमर उजाला टीम ने सूरजकुंड स्थित कांजी हाउस का हाल देखा। यहां मुख्य गेट और पीने के पानी की टंकी टूटी मिली। पशुओं के रखने को टीन शेड भी थी, लेकिन गंदगी के कारण बदहाल हैं। परिसर में भूसा, चारा रखने का हॉल तो है, लेकिन खाली पड़ा है। कर्मचारी के लिए बने भवन भी जर्जर हैं। सिर्फ चौकीदार शौकीन तैनात दिखे।
विज्ञापन


भूल गए कान्हा पशु आश्रय योजना 
सुप्रीम कोर्ट ने बीते साल एक रिट के बाद पशु क्रूरता को खत्म कराने के लिए अत्याधुनिक कांजी हाउस निर्माण के निर्देश दिए थे। इसके बाद तत्कालीन प्रदेश सरकार ने कान्हा पशु आश्रय योजना संचालित की थी। लेकिन उसका आज तक क्रियांवयन नहीं हो सका। सुप्रीम कोर्ट के आदेश भी फाइलों में दबकर रह गए।  
विज्ञापन
विज्ञापन


कान्हा योजना के तहत ये होनी हैं सुविधाएं 
कांजी हाउस में पशुओं के रहने के लिए अलग-अलग शेड।
पीने के पानी की उचित व्यवस्था।
पशुओं के लिए भूसा यानी चारा रखने की व्यवस्था।
कांजी हाउस के भीतर ही बायो गैस प्लांट स्थापना। 
शेड के ऊपर सौर ऊर्जा प्लांट से पेयजल व प्रकाश व्यवस्था।
कर्मचारी के रहने के लिए आवास और एक ऑफिस।
पशुओं के उपचार के लिए पशु चिकित्सक की व्यवस्था। 

नगर निगम के जिम्मे चारे की व्यवस्था
कांजी हाउस में आने वाले प्रत्येक पशुओं के चारे की व्यवस्था करने की जिम्मेदारी नगर निगम की होती है। इसके लिए नगर निगम मूल बजट में ही व्यवस्था करता है। प्रत्येक वर्ष कांजी हाउस में पशुओं के चारे की व्यवस्था के लिए पांच लाख का बजट रखते हैं। जो नगर निगम की बोर्ड बैठक में पास होता है। 

कांजी हाउस से निगम को आय 
नगर निगम प्रशासन ने अपने मूल बजट में कांजी हाउस से अनुमानित आय 20 हजार रुपये वार्षिक दर्शायी है। यह आय उन पशुओं से होती है, जिनको महानगर की सड़कों पर घूमते समय पकड़कर कांजी हाउस में बंद किया जाता है। पशुपालक से प्रति पशु के हिसाब से 100 रुपये जुर्माना वसूला जाता है। 

कांजी हाउस नगर पालिका के समय का बना हुआ है। हम आवारा पशुओं को पकड़कर उसमें रखते हैं। पशुपालकों से जुर्माना भी वसूला जाता है। कान्हा आश्रय योजना की जानकारी नहीं है। पशुओं को हम चारा उपलब्ध कराते हैं। बाहर हूं, आने के बाद निरीक्षण किया जाएगा। 
 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed