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पुलिस की लापरवाही से सुलगीं तीन जिंदगियां
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 28 Jun 2016 02:29 AM IST
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फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
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शिवशक्ति नगर ब्रह्मपुरी में मकान पर कब्जे के विवाद की चिंगारी चार दिन पहले सुलग गई थी। पीड़ित प्रॉपर्टी डीलर रविशंकर परिवार के साथ ब्रह्मपुरी थाने गया था। लेकिन मकान के कागज दिखाने के बावजूद पुलिस सुलह के चक्कर में लगी रही। इस घटना की जिम्मेदार पुलिस की यही लापरवाही पूरे परिवार पर भारी पड़ गई।
पीड़ित रविशंकर के भाई अजय सिंहल ने सोमवार को बताया कि आरोपी उमेश उर्फ सोनू ने कुछ दिन पहले भी मकान पर कब्जे की कोशिश की थी। हमने इसकी शिकायत थाने पहुंचकर की थी। लेकिन पुलिस ने मौके पर आकर तक नहीं देखा। अजय के अनुसार चार दिन पहले उमेश ने वहां निर्माण शुरू किया तो रविशंकर अपने परिवार के साथ फिर ब्रह्मपुरी थाने गया था। पुलिस को इसकी जानकारी देते हुए मकान के कागज भी दिखाए थे। उन्होंने पुलिस से मौके पर चलकर निर्माण कार्य रुकवाने की गुहार लगायी थी। लेकिन पुलिस ने यह कहकर रविशंकर को घर भेज दिया कि उन्होंने उमेश को समझा दिया है। अब वह निर्माण नहीं करेगा।
उमेश ने रचा षड्यंत्र
अजय ने आरोप लगाते हुए बताया कि रविवार को उमेश ने षड्यंत्र रचकर इस खौफनाक मंजर को अंजाम दिया। सुबह निर्माण शुरू किया तो रविशंकर के पहुंचने पर समझौता कर लिया। फिर साजिश के तहत घर में काफी मात्रा में पेट्रोल लाकर रख लिया। अपने साथियों को वहां जमा कर लिया। फिर दोपहर को जबरन निर्माण शुरू करा दिया। रविशंकर फिर प्लॉट पर पहुंचे तो उन पर पेट्रोल उड़ेलकर आग लगा दी। उनका बेटा हिमांशु और भतीजा यश बचाने लगे तो उन पर जानलेवा हमला बोल दिया।
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ताक पर रखे जा रहे निर्देश
पुलिस प्रशासन के सख्त निर्देश हैं कि पेट्रोल पंप से किसी को बोतल, कैन आदि में पेट्रोल नहीं दिया जाएगा। लेकिन उमेश यह पेट्रोल कैन में लेकर आया। पेट्रोल पंपों पर प्रशासन के ये निर्देश ताक पर रखे जा रहे हैं।
रविशंकर की हालत गंभीर
पेट्रोल की आग से करीब 75 प्रतिशत तक झुलस चुके रविशंकर की हालत गंभीर बनी है। उसका दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में उपचार चल रहा है। वहीं, हिमांशु और यश का उपचार स्थानीय केएमसी अस्पताल में चल रहा है। उधर, पुलिस अभी तक इस घटना में शामिल आरोपियों की गिरफ्तारी तो दूर, उनकी पहचान तक नहीं कर पाई है। इस मामले में आरोपी उमेश और उसकी पत्नी पूनम को नामजद जबकि चार अन्य अज्ञात आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कराया गया था। एसओ ब्रह्मपुरी सतेंद्र यादव का कहना है कि आरोपी दंपति का जिला अस्पताल में उपचार चल रहा है। जिसके बाद दोनों को तुरंत गिरफ्तार कर लिया जाएगा। अन्य आरोपियों की पहचान कर गिरफ्तारी की जाएगी।
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पीड़ित रविशंकर के भाई अजय सिंहल ने सोमवार को बताया कि आरोपी उमेश उर्फ सोनू ने कुछ दिन पहले भी मकान पर कब्जे की कोशिश की थी। हमने इसकी शिकायत थाने पहुंचकर की थी। लेकिन पुलिस ने मौके पर आकर तक नहीं देखा। अजय के अनुसार चार दिन पहले उमेश ने वहां निर्माण शुरू किया तो रविशंकर अपने परिवार के साथ फिर ब्रह्मपुरी थाने गया था। पुलिस को इसकी जानकारी देते हुए मकान के कागज भी दिखाए थे। उन्होंने पुलिस से मौके पर चलकर निर्माण कार्य रुकवाने की गुहार लगायी थी। लेकिन पुलिस ने यह कहकर रविशंकर को घर भेज दिया कि उन्होंने उमेश को समझा दिया है। अब वह निर्माण नहीं करेगा।
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उमेश ने रचा षड्यंत्र
अजय ने आरोप लगाते हुए बताया कि रविवार को उमेश ने षड्यंत्र रचकर इस खौफनाक मंजर को अंजाम दिया। सुबह निर्माण शुरू किया तो रविशंकर के पहुंचने पर समझौता कर लिया। फिर साजिश के तहत घर में काफी मात्रा में पेट्रोल लाकर रख लिया। अपने साथियों को वहां जमा कर लिया। फिर दोपहर को जबरन निर्माण शुरू करा दिया। रविशंकर फिर प्लॉट पर पहुंचे तो उन पर पेट्रोल उड़ेलकर आग लगा दी। उनका बेटा हिमांशु और भतीजा यश बचाने लगे तो उन पर जानलेवा हमला बोल दिया।
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ताक पर रखे जा रहे निर्देश
पुलिस प्रशासन के सख्त निर्देश हैं कि पेट्रोल पंप से किसी को बोतल, कैन आदि में पेट्रोल नहीं दिया जाएगा। लेकिन उमेश यह पेट्रोल कैन में लेकर आया। पेट्रोल पंपों पर प्रशासन के ये निर्देश ताक पर रखे जा रहे हैं।
रविशंकर की हालत गंभीर
पेट्रोल की आग से करीब 75 प्रतिशत तक झुलस चुके रविशंकर की हालत गंभीर बनी है। उसका दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में उपचार चल रहा है। वहीं, हिमांशु और यश का उपचार स्थानीय केएमसी अस्पताल में चल रहा है। उधर, पुलिस अभी तक इस घटना में शामिल आरोपियों की गिरफ्तारी तो दूर, उनकी पहचान तक नहीं कर पाई है। इस मामले में आरोपी उमेश और उसकी पत्नी पूनम को नामजद जबकि चार अन्य अज्ञात आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कराया गया था। एसओ ब्रह्मपुरी सतेंद्र यादव का कहना है कि आरोपी दंपति का जिला अस्पताल में उपचार चल रहा है। जिसके बाद दोनों को तुरंत गिरफ्तार कर लिया जाएगा। अन्य आरोपियों की पहचान कर गिरफ्तारी की जाएगी।