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बेटे का दोस्त निकला त्रिलोक का कातिल

Thu, 15 Oct 2015 02:19 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, मेरठ
ब्यूरो/अमर उजाला, मेरठ Updated Thu, 15 Oct 2015 02:19 AM IST
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murder in meerut

त्रिलोक कौर के कत्ल के मामले में पुलिस ने उसके इकलौते बेटे के दोस्त को गिरफ्तार किया है। आरोपी ने लूट के विरोध में महिला का कत्ल करना कबूल किया है। पुलिस ने उसके कब्जे से 45 हजार रुपये और लूटे गए जेवर भी बरामद कर लिए। वहीं, महिला के बेटे को पुलिस ने क्लीन चिट दे दी है।

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सुभाषपुरी, कंकरखेड़ा निवासी बिजली विभाग से रिटायर क्लर्क त्रिलोक कौर पत्नी स्व. जसपाल सिंह का सोमवार सुबह गला रेतकर कत्ल होने से सनसनी फैल गई थी। पुलिस शुरूआत से ही किसी करीबी पर शक जताकर जांच पड़ताल में जुटी थी। एसपी सिटी ओपी सिंह और सीओ दौराला डॉ. अरविंद कुमार ने बुधवार को इस कत्ल के केस का खुलासा किया। इस मामले में पुलिस ने त्रिलोक के इकलौते बेटे हरदीप सिंह के गहरे दोस्त संदीप त्यागी उर्फ  जूही निवासी शाक्यपुरी, कंकरखेड़ा को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी संदीप सीडीए में क्लर्क है।
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यह बोला कत्ल का आरोपी
पुलिस के मुताबिक आरोपी संदीप ने बताया कि सोमवार सुबह 7:30 बजे वह कमेटी के 15 हजार रुपये देने हरदीप के घर आया था। हरदीप मकान की दूसरी मंजिल पर सोया हुआ था। जिसके चलते उसकी मां त्रिलोक कौर ने मुझसे पैसा लिया और सेफ में रखने पहुंच गई। सेफ में काफी नगदी और जेवर रखे थे।
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मैं त्रिलोक के पीछे-पीछे कमरे में पहुंच गया। मैंने त्रिलोक को धक्का देकर सेफ से नकदी और जेवरात निकालने शुरू कर दिए। त्रिलोक कौर ने इसका विरोध किया तो मैंने चाकू से उसकी गर्दन रेत दी। वारदात को अंजाम देकर मैं नकदी और जेवरात समेटकर वहां से निकल गया।

हड़बड़ाहट में हुआ शक
कत्ल की वारदात के बाद मौके पर पहुंचे पुलिस अफसरों ने जब हरदीप से पूछताछ की थी तो उसने बताया था कि जब संदीप आया था तो उसकी मां ने उसे नीचे बुलाया था। संदीप से कमेटी के 15 हजार रुपये लेने के बाद मैं वापस ऊपर अपने कमरे में जाकर सो गया था।

इसके बाद करीब 8:30 बजे जब दूधिया आया था तो शोर मचने पर उसे इस कत्ल की जानकारी हुई। मां की मौत का गम और पुलिस के सवालों से हरदीप हड़बड़ा गया। उसके बयानों में विरोधाभास से पुलिस का शक उसी पर गहरा गया था। हालांकि वारदात के तीसरे दिन पुलिस ने संदीप की निशानदेही पर लूटे गए जेवर और नकदी बरामद की तो केस का खुलासा हो गया।

जिंदगी भर रहेगा मलाल

हरदीप ने बताया कि सोमवार सुबह उसकी मां ने उसे ऊपर आकर जगाने के बजाए मोबाइल फोन पर कॉल की थी। संदीप त्यागी के घर पर आने और कमेटी के 15 हजार रुपये देने की बात कही थी। मां उसको नीचे बुला रही थी, लेकिन नींद के चलते उसने मां से रुपये लेकर सेफ में रखने को कह दिया था।


हरदीप का कहना है कि वह नीचे आ जाता तो शायद उनकी जान बच जाती। हरदीप के अनुसार उसे इस बात का जिंदगी भर मलाल रहेगा कि यदि वह मां की बात मानकर तभी नीचे आ जाता तो शायद उसकी मां की जान बच जाती।

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