खालिस्तान आतंकियों को हथियार सप्लाई करने का मामला, आशीष और जावेद के बाद अरशद था टारगेट
- खालिस्तान आतंकियों के हथियार सप्लायर की गिरफ्तारी का मामला
- एक महीने में दो सप्लायर दबोच चुकी थी एटीएस, कई बार अरशद की तलाश में दी दबिश
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एटीएस और एनआईए ने एक माह पहले हथियार सप्लायर जावेद निवासी राधना किठौर और गांव टिकरी जानी निवासी आशीष को गिरफ्तार किया था। दोनों से पूछताछ में लिसाड़ीगेट के अरशद उर्फ मुंशी का नाम सामने आया था। यूपी एटीएस लगातार इसकी तलाश कर रही थी, लेकिन वह नहीं मिल पा रहा था।
लॉकडाउन में कई बार एटीएस ने लिसाड़ी गेट में उसकी तलाश में दबिश दी। लेकिन वह हत्थे नहीं चढ़ा। बृहस्पतिवार सुबह से ही एटीएस ने अरशद की गिरफ्तारी के लिए फील्डिंग लगा दी थी। मुखबिर की निशानदेही पर एटीएस ने अरशद को गिरफ्तार कर लिया।
एटीएस के अनुसार आरोपी अरशद ने खालिस्तान आतंकी को .32 बोर की पिस्टल दी थीं। पूछताछ में आरोपी हथियारों की सप्लाई से जुड़े लोगों के बारे में बताया। अरशद की निशानदेही पर एटीएस ने लिसाड़ी गेट में तीन जगह पर दबिश दी, लेकिन कोई हत्थे नहीं चढ़ा।
अब निशाने पर कौन
खालिस्तान आतंकियों को अवैध हथियार सप्लाई करने वालों का पश्चिम के जिलों में बड़ा नेटवर्क फैला हुआ है। जिनका पता लगाने के लिए एटीएस और एनआईए की टीमें लगातार प्रयास कर रही हैं।
आशीष और जावेद के बाद अरशद उर्फ मुंशी की गिरफ्तारी मेरठ से हुई है। एटीएस का अगला टारगेट कौन है, इसको लेकर चर्चाएं शुरू हो गई हैं। एटीएस का मेरठ, हापुड़, बुलंदशहर, बागपत, शामली व मुजफ्फरनगर समेत कई जनपदों में फोकस है।