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गगन का होगा नार्को टेस्ट
अमर उजाला ब्यूरो/मेरठ
Updated Tue, 12 Apr 2016 02:25 AM IST
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अंकित की शादी में गगन(
- फोटो : फाइल फोटो
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सॉफ्टवेयर इंजीनियर अंकित चौहान की हत्या का मामला एक फिर चर्चाओं में है। हत्या के चश्मदीद गवाह अंकित के दोस्त गगन का अब नार्को टेस्ट होगा। नार्को टेस्ट की कोर्ट ने मंजूरी दे दी। उधर, पीड़ित परिवार का कहना है कि गगन के बाद अंकित की पत्नी का भी नार्को टेस्ट होना चाहिए। उसके बाद खुलासा होगा कि अंकित की हत्या किसने की है।
आईजी जोन सुजीत पांडेय ने बताया कि इंजीनियर अंकित चौहान मर्डर केस का खुलासा करना पुलिस के लिए चुनौती बना है।
अंकित नोएडा स्थित पीसीएस कंपनी में सॉफ्टवेयर इंजीनियर था। वारदात के दौरान अंकित की फॉरच्यूनर गाड़ी में उसका दोस्त गगन निवासी नोएडा भी साथ था। पुलिस ने चश्मदीद गगन से पूछताछ की, लेकिन कुछ भी पता नहीं चला। पुलिस ने नोएडा और आसपास के जिलों के गैंग पकड़े, लेकिन अंकित की हत्या का खुलासा नहीं हुआ। पीड़ित परिवार का दावा है कि अंकित की हत्या का राज अंकित की पत्नी अमीषा और उसके दोस्त गगन के जेहन में छिपा है। आईजी के निर्देश पर नोएडा पुलिस ने गगन का नार्को टेस्ट कराने का प्रार्थना पत्र कोर्ट में दाखिल किया, जिसकी कोर्ट ने परमीशन दे दी। आईजी ने बताया कि नार्को टेस्ट कराने के लिए कागजी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
अमीषा का भी हो नार्को टेस्ट
अंकित के पिता धर्मवीर सिंह का कहना है कि उनकी पुत्रवधू अमीषा का भी नार्को टेस्ट कराना बहुत जरूरी है। उसका नार्को टेस्ट कराने का प्रार्थना पत्र उन्होंने कोर्ट में दाखिल किया है। गगन के बाद अमीषा का नार्को टेस्ट होने के बाद ही अंकित की हत्या के बारे में पुलिस को कुछ क्लू मिलेगा। उन्होंने बताया अमीषा मुजफ्फरनगर के एक स्कूल में पढ़ाती है।
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एक साल बाद जगी इंसाफ की आस
अंकित की हत्या को कल एक साल हो जाएंगे । पीड़ित परिवार का कहना हैै कि गगन के नार्को टेस्ट की परमीशन मंजूर होने पर अब उनकी आस जगी कि हत्या का खुलासा होगा। अंकित को किसने और क्यों मारा। गगन वाकई आरोपी है या फिर उसको जबरन फंसाने की कोशिश हो रही है, इसका खुलासा भी नार्को टेस्ट के बाद हो जाएगा।
क्या था मामला
शास्त्री कॉलोनी कंकरखेड़ा निवासी प्रापर्टी डीलर धर्मवीर सिंह चौहान के बेटे अंकित चौहान की 13 अप्रैल 2015 को नोएडा में गोलियां बरसाकर हत्या कर दी गई थी। इस वारदात को एक साल होने को है, लेकिन नोएडा और मेरठ पुलिस कोई सुराग नहीं लगा सकी। पीड़ित परिवार अंकित की पत्नी अमीषा और दोस्त गगन निवासी नोएडा पर हत्या का आरोप लगा चुका है।
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आईजी जोन सुजीत पांडेय ने बताया कि इंजीनियर अंकित चौहान मर्डर केस का खुलासा करना पुलिस के लिए चुनौती बना है।
अंकित नोएडा स्थित पीसीएस कंपनी में सॉफ्टवेयर इंजीनियर था। वारदात के दौरान अंकित की फॉरच्यूनर गाड़ी में उसका दोस्त गगन निवासी नोएडा भी साथ था। पुलिस ने चश्मदीद गगन से पूछताछ की, लेकिन कुछ भी पता नहीं चला। पुलिस ने नोएडा और आसपास के जिलों के गैंग पकड़े, लेकिन अंकित की हत्या का खुलासा नहीं हुआ। पीड़ित परिवार का दावा है कि अंकित की हत्या का राज अंकित की पत्नी अमीषा और उसके दोस्त गगन के जेहन में छिपा है। आईजी के निर्देश पर नोएडा पुलिस ने गगन का नार्को टेस्ट कराने का प्रार्थना पत्र कोर्ट में दाखिल किया, जिसकी कोर्ट ने परमीशन दे दी। आईजी ने बताया कि नार्को टेस्ट कराने के लिए कागजी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
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अमीषा का भी हो नार्को टेस्ट
अंकित के पिता धर्मवीर सिंह का कहना है कि उनकी पुत्रवधू अमीषा का भी नार्को टेस्ट कराना बहुत जरूरी है। उसका नार्को टेस्ट कराने का प्रार्थना पत्र उन्होंने कोर्ट में दाखिल किया है। गगन के बाद अमीषा का नार्को टेस्ट होने के बाद ही अंकित की हत्या के बारे में पुलिस को कुछ क्लू मिलेगा। उन्होंने बताया अमीषा मुजफ्फरनगर के एक स्कूल में पढ़ाती है।
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एक साल बाद जगी इंसाफ की आस
अंकित की हत्या को कल एक साल हो जाएंगे । पीड़ित परिवार का कहना हैै कि गगन के नार्को टेस्ट की परमीशन मंजूर होने पर अब उनकी आस जगी कि हत्या का खुलासा होगा। अंकित को किसने और क्यों मारा। गगन वाकई आरोपी है या फिर उसको जबरन फंसाने की कोशिश हो रही है, इसका खुलासा भी नार्को टेस्ट के बाद हो जाएगा।
क्या था मामला
शास्त्री कॉलोनी कंकरखेड़ा निवासी प्रापर्टी डीलर धर्मवीर सिंह चौहान के बेटे अंकित चौहान की 13 अप्रैल 2015 को नोएडा में गोलियां बरसाकर हत्या कर दी गई थी। इस वारदात को एक साल होने को है, लेकिन नोएडा और मेरठ पुलिस कोई सुराग नहीं लगा सकी। पीड़ित परिवार अंकित की पत्नी अमीषा और दोस्त गगन निवासी नोएडा पर हत्या का आरोप लगा चुका है।