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‘चित्रा भाभी ने मुझे बंधक बनाकर रखा’

Mon, 22 Aug 2016 01:49 AM IST
अमर उजाला ब्यूरों
अमर उजाला ब्यूरों Updated Mon, 22 Aug 2016 01:49 AM IST
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chitra bhabhi ne mujhe
बंगला नंबर 210 बी के संबंध में प्रेसवार्ता - फोटो : अमर उजाला

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 210 बी आरआर मॉल ध्वस्तीकरण मामले में रविवार को नया मोड़ आ गया। केस के वादी जितेंद्र शर्मा ने कैंट बोर्ड के पक्ष में प्रेस कांफ्रेंस कर दावा किया कि बिल्डिंग ध्वस्तीकरण के दौरान जो चार लोगों की जान गई थी, वह हत्या नहीं हादसा था। उस वक्त मैं गफलत में था। तहरीर में क्या दिया, पता नहीं। जितेंद्र ने अपनी भाभी चित्रा शर्मा पर घर में बंधक बनाने और मारपीट करने के आरोप लगाए हैं। बता दें कि चित्रा मॉल के मलबे में दबकर जान गंवाने वाले दीपक शर्मा की पत्नी हैं।
गौरतलब है गत नौ जुलाई की सुबह मॉल ध्वस्तीकरण के दौरान चार लोगों की मौत हुई थी। इस मामले में दीपक के भाई जितेंद्र ने सदर बाजार थाने में कैंट बोर्ड सीईओ समेत छह अधिकारियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
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सीईई अनुज सिंह इसी मामले में जेल में हैं। दो दिन पहले चित्रा शर्मा ने एसएसपी से शिकायत कर आरोप लगाया था कि केस कमजोर करने के लिए उनके जेठ जितेंद्र को गायब कर दिया गया है। पुलिस पर भी आरोप लगे थे।
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अब रविवार को सामने आए जितेंद्र ने वार्ड छह के पूर्व सभासद दिनेश गोयल और सदर व्यापार संघ अध्यक्ष सुनील दुआ के साथ मिलकर एक प्रेस कांफ्रेंस की। चित्रा पर आरोप लगाया कि उसने घर में बंधक बनाकर रखा।
मारपीट की और भूखा भी रखा। वह अपने बहनोई की मदद से वहां से निकले। इस बीच वह मेरठ से बाहर चले गए। एफआईआर पर कहा कि उस वक्त वह गफलत में थे। पता नहीं तहरीर में क्या दिया। कैंट बोर्ड की मामले में गलती नहीं है। ध्वस्तीकरण के दौरान दीपक को बाहर निकलने के लिए कहा गया था। यह हत्या नहीं हादसा है।  इस सवाल पर कि फिर उन्होंने रिपोर्ट दर्ज क्यों कराई, जितेंद्र ने कहा तब उसकी मानसिक स्थिति ठीक नहीं थी। जो लोगों ने कहा, वह किया।


जितेंद्र ने मांगी थी दुकान
जितेंद्र ने कैंट बोर्ड सीईओ से दुकान की मांग की थी। सीईओ को लिखे पत्र में खुद को ध्वस्त की गई दुकान का भागीदार और भाई का आश्रित बताकर मांग की थी। इस बारे में 10 अगस्त को जितेंद्र को बुलाया भी गया था। नौ अगस्त को जितेंद्र ने सदर बाजार थाने में शपथपत्र दे दिया था। दीपक शर्मा को लेकर परिवार के दो पक्ष हो गए हैं। इनकी अलग-अलग राय हैं। कुछ व्यापारी और नेता भी इस मामले में लगे हैं।
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