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सीबीआई ने 25 हजार रिश्वत लेते पकड़ा बैंक मैनेजर
अमर उजाला ब्यूरो/मेरठ
Updated Fri, 29 Apr 2016 02:27 AM IST
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बैंक से मैनेजर को हिरासत में लेने पहुंची सीबीआई गाजियाबाद की टीम।
- फोटो : अमर उजाला
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सर्व यूपी ग्रामीण बैंक में मैनेजर पर सुविधा शुल्क मांगने की शिकायत पर सीबीआई की सात सदस्य टीम ने छापा मारा। बैंक मैनेजर को शिकायतकर्ता द्वारा ली गई 25 हजार रुपये की रकम के साथ हिरासत में ले लिया। इस दौरान शाखा प्रबंधक ने बीमार होने की बात कही तो सीबीआई ने पीएचसी में चेकअप कराया। माछरा निवासी यतेंद्र शर्मा ने बताया कि करीब दो माह पहले उसकी पत्नी निर्मला शर्मा ने स्वयं सहायता समूह बनाया था।
उसने इंद्रा संयुक्त देयता समूह नाम से सर्व यूपी बैंक माछरा शाखा में समूह लोन के लिए आवेदन किया। ढाई लाख का आवेदन पास होने के बाद शाखा प्रबंधक उमेश सिंघल ने उससे 25 हजार रुपये सुविधा शुल्क मांगा। रुपये न देने के कारण एक माह से फाइल अटकी हुई थी। यतेंद्र ने 20 जनवरी को सीबीआई के गाजियाबाद कार्यालय पर लिखित में मामले की शिकायत की। वहां से टीम कई बार जांच के लिए पहुंची। बुधवार को टीम ने उससे संपर्क कर अपना एक सदस्य उसके साथ शामिल कर दिया।
यतेंद्र ने बताया कि दोपहर एक बजे के करीब वह सीबीआई के सदस्य के साथ बैंक शाखा पहुंचकर प्रबंधक से मिला और अपने लोन के लिए कहा। प्रबंधक ने उससे फिर 25 हजार रुपये मांगे। इसके बाद यतेंद्र बाहर गया और तयशुदा रकम सीबीआई टीम से लेकर शाखा प्रबंधक के हाथ में दे दिए। शाखा प्रबंधक ने रुपये गिनकर चपरासी के माध्यम से कैशियर के पास भेजे। तभी सीबीआई के सदस्य ने इशारा कर अन्य अधिकारियों को बैंक में बुला लिया। टीम ने मौके से दी गई रकम बरामद कर मैनेजर उमेश सिंघल को हिरासत में ले लिया। सीबीआई टीम ने शाखा प्रबंधक सहित अन्य दोनों कर्मचारियों के हाथ धुलवाकर सैंपल की कार्रवाई की।
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बीमारी का बनाया बहाना
टीम ने शाखा प्रबंधक से पूछताछ शुरू तो वह खुद को बीमार बताने लगा। इस पर सीबीआई टीम शाखा प्रबंधक को लेकर माछरा प्राथमिक स्वस्थ्य केंद्र पहुंची। जांच के दौरान शाखा प्रंबधक बेहोश होने लगे तो टीम उसे लेकर मेडिकल अस्पताल लेकर पहुंची। यहां से जांच के बाद टीम शाखा प्रबंधक को अपने साथ ले गई।
ग्रामीणों ने किया हंगामा
टीम की सूचना के बाद बैंक के बाहर इकट्ठा हुए ग्रामीणों ने साठगांठ की आंशका के चलते हंगामा किया। पुलिस ने ग्रामीणों को समझा बुझाकर शांत किया। सीबीआई के सदस्य बैंक में दस्तावेजों सहित सैंपल सील करने में जुट गये। चार घंटे तक चली कार्रवाई में सीबीआई को कई और बिंदु हाथ लगना बताया गया है।
पांच घंटे चली जांच
करीब पांच घंटे तक सीबीआई ने बैंक के दस्तावेजों की जांच की और बेैंक में लगे सीसीटीवी कैमरे की भी फुटेज निकालने के लिये हार्डडिस्क को भी कब्जे में लिया है। पूरे मामले की जांच की जा रही है।
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उसने इंद्रा संयुक्त देयता समूह नाम से सर्व यूपी बैंक माछरा शाखा में समूह लोन के लिए आवेदन किया। ढाई लाख का आवेदन पास होने के बाद शाखा प्रबंधक उमेश सिंघल ने उससे 25 हजार रुपये सुविधा शुल्क मांगा। रुपये न देने के कारण एक माह से फाइल अटकी हुई थी। यतेंद्र ने 20 जनवरी को सीबीआई के गाजियाबाद कार्यालय पर लिखित में मामले की शिकायत की। वहां से टीम कई बार जांच के लिए पहुंची। बुधवार को टीम ने उससे संपर्क कर अपना एक सदस्य उसके साथ शामिल कर दिया।
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यतेंद्र ने बताया कि दोपहर एक बजे के करीब वह सीबीआई के सदस्य के साथ बैंक शाखा पहुंचकर प्रबंधक से मिला और अपने लोन के लिए कहा। प्रबंधक ने उससे फिर 25 हजार रुपये मांगे। इसके बाद यतेंद्र बाहर गया और तयशुदा रकम सीबीआई टीम से लेकर शाखा प्रबंधक के हाथ में दे दिए। शाखा प्रबंधक ने रुपये गिनकर चपरासी के माध्यम से कैशियर के पास भेजे। तभी सीबीआई के सदस्य ने इशारा कर अन्य अधिकारियों को बैंक में बुला लिया। टीम ने मौके से दी गई रकम बरामद कर मैनेजर उमेश सिंघल को हिरासत में ले लिया। सीबीआई टीम ने शाखा प्रबंधक सहित अन्य दोनों कर्मचारियों के हाथ धुलवाकर सैंपल की कार्रवाई की।
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बीमारी का बनाया बहाना
टीम ने शाखा प्रबंधक से पूछताछ शुरू तो वह खुद को बीमार बताने लगा। इस पर सीबीआई टीम शाखा प्रबंधक को लेकर माछरा प्राथमिक स्वस्थ्य केंद्र पहुंची। जांच के दौरान शाखा प्रंबधक बेहोश होने लगे तो टीम उसे लेकर मेडिकल अस्पताल लेकर पहुंची। यहां से जांच के बाद टीम शाखा प्रबंधक को अपने साथ ले गई।
ग्रामीणों ने किया हंगामा
टीम की सूचना के बाद बैंक के बाहर इकट्ठा हुए ग्रामीणों ने साठगांठ की आंशका के चलते हंगामा किया। पुलिस ने ग्रामीणों को समझा बुझाकर शांत किया। सीबीआई के सदस्य बैंक में दस्तावेजों सहित सैंपल सील करने में जुट गये। चार घंटे तक चली कार्रवाई में सीबीआई को कई और बिंदु हाथ लगना बताया गया है।
पांच घंटे चली जांच
करीब पांच घंटे तक सीबीआई ने बैंक के दस्तावेजों की जांच की और बेैंक में लगे सीसीटीवी कैमरे की भी फुटेज निकालने के लिये हार्डडिस्क को भी कब्जे में लिया है। पूरे मामले की जांच की जा रही है।