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प्रधान के भट्ठे पर काम कर रहा था बांग्लादेशी यूसुफ -Ghaziabad city

Thu, 04 Jan 2018 05:01 PM IST
Updated Thu, 04 Jan 2018 05:01 PM IST
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प्रधान के भट्ठे पर काम कर रहा था बांग्लादेशी यूसुफ -Ghaziabad city
ईंट के भट्टों पर शरण लिए था बांग्लादेशी नागरिक
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मुरादनगर। फर्जी दस्तावेज लगाकर पासपोर्ट बनवाने के मामले में एटीएस के हत्थे चढ़ा बांग्लादेशी नागरिक यूसुफ अली ने ईंट के भट्टों को अपना शरणस्थल बनाया हुआ था। करीब छह माह से वह परिवार सहित पुर पुर्सी गांव के प्रधान के भट्टे पर मजदूरी कर रहा था। आरोपी ने पत्नी और रिश्तेदारों से भी अपनी पहचान छिपा रखी थी। यूसुफ देवबंद के दारूल उलूम से हाफिज की पढ़ाई कर चुका है। एटीएस के गिरफ्तार किए जाने के बाद बुधवार को एलआईयू और स्थानीय पुलिस ने यूसुफ के परिवार के सदस्यों से पूछताछ की।
एटीएस ने 31 दिसंबर को पुर पुर्सी गांव प्रधान हरेंद्र सिंह के ईंट के भट्टे पर छापा मारकर बांग्लादेशी नागरिक यूसुफ अली को हिरासत में ले लिया था। मूल रूप से मध्यम चारबिया थाना बरीस बांग्लादेश के रहने वाला यूसुफ तीन साल से निवाड़ी, भोजपुर और मुरादनगर थानाक्षेत्र के गांवों में ईट भट्टों पर रह रहा था। वह सऊदी अरब जा चुका है। अब दोबारा जल्द ही उसे फिर से सऊदी अरब जाने की तैयारी में था। देवबंद निवासी एक युवक ने वीजा दिलाने के लिए उससे ढाई लाख रुपये लिए थे। वीजा मिलने से पहले ही आरोपी अपने साथियों के साथ पकड़ा गया। उसकी पत्नी अफरुजा ने बताया कि यूसुफ एक माह में दो बार देवबंद जाता था। यूसुफ के पकड़े जाने के बाद एलआईयू और स्थानीय पुलिस हरकत में आई। गांव पहुंचकर परिवार से पूछताछ की। उधर, ग्राम प्रधान व भट्ठा मालिक हरेंद्र सिंह का कहना है उन्हें जानकारी नहीं थी कि यूसुफ बांग्लादेश का रहने वाला है। एटीएस ने जब यूसुफ को उठाया तो परिजन पुलिस के पास अपहरण की सूचना देने पहुंचे थे।
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शाली की शादी कराई
पश्चिम बंगाल के कूच विहार निवासी अनीसुल एनसीआर में ईंट भट्ठों पर कामगारों की आपूर्ति का काम करता है। अनीसुल के मुताबिक, तीन वर्ष पूर्व परिवार सहित भोजपुर थानाक्षेत्र के कलछीना गांव में भट्ठे पर काम करते वक्त यूसुफ से उसकी मुलाकात हुई थी। यूसुफ ने खुद को पश्चिम बंगाल का रहने वाला बताया था। अनीसुल ने अपने ससुर से बात करके उसकी शादी अपनी साली अफरूजा से करा दी थी। शादी के बाद यूसुफ सऊदी अरब चला गया था। एक साल बाद लौटने के बाद निवाड़ी में मजदूरी करने लगा।
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