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आतंकी
Updated Sat, 23 Sep 2017 03:03 AM IST
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- पहले भी आईएसआई एजेंट भेज चुके वीडियो और फोटो
- एजेंट मोहम्मद परवेज के खुलासे के बाद सतर्क हुई सेना
मेरठ।
पाकिस्तानी आईएसआई के टारगेट पर मेरठ छावनी है। दिल्ली में पकड़े गए आईएसआई एजेंट ने इसका एक और बार खुलासा किया है। एजेंट मेरठ छावनी की रेकी कर चुका था। इससे पहले कई बार मेरठ छावनी की वीडियो और फोटो आईएसआई एजेंट बनाकर पाकिस्तान भेज चुके हैं। जिसमें दो एजेंटों को एसटीएफ पहले भी गिरफ्तार कर चुकी है।
दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल द्वारा पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई का एजेंट मोहम्मद परवेज पकड़ा था। पुलिस रिमांड के दौरान एजेंट परवेज ने बताया कि पाकिस्तानी आईएसआई के अधिकारियों के निशाने पर मेरठ छावनी है। सटीक गोपनीय जानकारियां जुटाने के लिए आईएसआई के अधिकारी बार बार मेरठ छावनी में अपने एजेंट भेजते है। जिसके एवज में एजेंट को मोटा पैसा दिया जाता है।
मेरठ में 27 सितंबर 2015 को पाकिस्तानी इजाज और 2012 में कोतवाली निवासी आसिफ को एसटीएफ टीम ने गिरफ्तार किया था। दोनों ही आईएसआई के एजेंट थे और उनके पास से मेरठ छावनी के मैप और फोटो बरामद हुए थे। सुरक्षा एजेंसियों की पूछताछ में दोनों एजेंटों ने खुलासा था कि आईएसआई के अधिकारी मेरठ छावनी की गोपनीय जानकारियों जुटाने के लिए उनको भेजते है।
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किसके जरिये मेरठ में की रेकी
आईएसआई एजेंट परवेज ने मेरठ छावनी की रेकी करना कबूल किया है। सवाल उठता है कि आखिर मेरठ में परवेज ने किस व्यक्ति से संपर्क किया। अंदेशा जताया जा रहा है कि एजेंट को रेकी कराने में कोई स्थानीय व्यक्ति जरूर होगा। इसकी जांच पड़ताल करने में सुरक्षा एजेंसियां जुट गई है। एजेंट परवेज ने पुलिस पूछताछ में बताया इंटरनेट के जरिये कई पाकिस्तानी एजेंट मेरठ समेत कई छावनियों की गोपनीय जानकारी आईएसआई के अधिकारियों तक पहुंचा चुके है। पुलिस के मुताबिक परवेज ने बताया कि वह सिम का एक्टिवेशन नंबर आईएसआई अधिकारी को देकर सिम तोड़ देता था। उसे मेरठ समेत कई जगहों से फर्जी आईडी पर सिम लिए थे। इनके एक्टिवेशन नंबर पाकिस्तान दे दिए थे। वहां पर इन नंबरों पर व्हाट्सएप और फेसबुक एकाउंट संचालित किया जाता है।
एजेंट के खुलासे के बाद सतर्क सेना
आईएसआई एजेंट परवेज के सनसनीखेज खुलासे के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने इसकी रिपोर्ट गृह मंत्रालय को भेज दी। जिसके बाद मेरठ छावनी की सेना भी सतर्क हो गई है। परवेज से दस दिन तक सुरक्षा एजेंसी टीमों ने पूछताछ की है। जिसमें परवेज ने कई मामलों को चौंकने वाली जानकारी सुरक्षा एजेंसियों को दी है।
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- एजेंट मोहम्मद परवेज के खुलासे के बाद सतर्क हुई सेना
मेरठ।
पाकिस्तानी आईएसआई के टारगेट पर मेरठ छावनी है। दिल्ली में पकड़े गए आईएसआई एजेंट ने इसका एक और बार खुलासा किया है। एजेंट मेरठ छावनी की रेकी कर चुका था। इससे पहले कई बार मेरठ छावनी की वीडियो और फोटो आईएसआई एजेंट बनाकर पाकिस्तान भेज चुके हैं। जिसमें दो एजेंटों को एसटीएफ पहले भी गिरफ्तार कर चुकी है।
दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल द्वारा पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई का एजेंट मोहम्मद परवेज पकड़ा था। पुलिस रिमांड के दौरान एजेंट परवेज ने बताया कि पाकिस्तानी आईएसआई के अधिकारियों के निशाने पर मेरठ छावनी है। सटीक गोपनीय जानकारियां जुटाने के लिए आईएसआई के अधिकारी बार बार मेरठ छावनी में अपने एजेंट भेजते है। जिसके एवज में एजेंट को मोटा पैसा दिया जाता है।
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मेरठ में 27 सितंबर 2015 को पाकिस्तानी इजाज और 2012 में कोतवाली निवासी आसिफ को एसटीएफ टीम ने गिरफ्तार किया था। दोनों ही आईएसआई के एजेंट थे और उनके पास से मेरठ छावनी के मैप और फोटो बरामद हुए थे। सुरक्षा एजेंसियों की पूछताछ में दोनों एजेंटों ने खुलासा था कि आईएसआई के अधिकारी मेरठ छावनी की गोपनीय जानकारियों जुटाने के लिए उनको भेजते है।
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किसके जरिये मेरठ में की रेकी
आईएसआई एजेंट परवेज ने मेरठ छावनी की रेकी करना कबूल किया है। सवाल उठता है कि आखिर मेरठ में परवेज ने किस व्यक्ति से संपर्क किया। अंदेशा जताया जा रहा है कि एजेंट को रेकी कराने में कोई स्थानीय व्यक्ति जरूर होगा। इसकी जांच पड़ताल करने में सुरक्षा एजेंसियां जुट गई है। एजेंट परवेज ने पुलिस पूछताछ में बताया इंटरनेट के जरिये कई पाकिस्तानी एजेंट मेरठ समेत कई छावनियों की गोपनीय जानकारी आईएसआई के अधिकारियों तक पहुंचा चुके है। पुलिस के मुताबिक परवेज ने बताया कि वह सिम का एक्टिवेशन नंबर आईएसआई अधिकारी को देकर सिम तोड़ देता था। उसे मेरठ समेत कई जगहों से फर्जी आईडी पर सिम लिए थे। इनके एक्टिवेशन नंबर पाकिस्तान दे दिए थे। वहां पर इन नंबरों पर व्हाट्सएप और फेसबुक एकाउंट संचालित किया जाता है।
एजेंट के खुलासे के बाद सतर्क सेना
आईएसआई एजेंट परवेज के सनसनीखेज खुलासे के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने इसकी रिपोर्ट गृह मंत्रालय को भेज दी। जिसके बाद मेरठ छावनी की सेना भी सतर्क हो गई है। परवेज से दस दिन तक सुरक्षा एजेंसी टीमों ने पूछताछ की है। जिसमें परवेज ने कई मामलों को चौंकने वाली जानकारी सुरक्षा एजेंसियों को दी है।