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मेरा भाई निर्दोष, पुलिस ने उपद्रव में गलत भेजा जेल
Updated Sun, 22 Apr 2018 02:48 AM IST
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मेरठ। शहर में दो अप्रैल को हुए उपद्रव में अब एक और युवक को पुलिस पर गलत तरीके से जेल भेजने का आरोप लगा है। औरैया निवासी यह युवक शहर के एक कॉलेज में पॉलीटेक्निक का छात्र है। जिसकी बहन नीरज आरएसएस कानपुर की प्रांत प्रमुख हैं। शनिवार को नीरज अपने भाई डॉ. विनोद कुमार के साथ एसएसपी से मिलने पहुंचीं। संघ पदाधिकारी ने भाई को निर्दोष बताकर रिहा कराने की मांग की। न्याय की गुहार लगाते समय वह बिलख पड़ीं।
औरैया में दिव्यापुर थाना क्षेत्र अंतर्गत सिहौद निवासी प्रवीन कुमार पुत्र रामसेवक कंकरखेड़ा के न्यू शिवलोक कॉलोनी में किराए पर रह रहा था। प्रवीन शहर के एक कॉलेज में पॉलीटेक्निक की पढ़ाई कर रहा है। दो अप्रैल को भारत बंद के दौरान हुए उपद्रव में पुलिस ने बसपा के पूर्व विधायक योगेश वर्मा समेत 198 लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। जिनमें प्रवीन भी शामिल था। पुलिस इस मुकदमे में चार्जशीट भी दाखिल कर चुकी है।
नीरज और डॉ. विनोद ने एसएसपी को बताया कि उनके भाई को साजिश के तहत हॉस्टल से गिरफ्तार किया गया था, जबकि उपद्रव के वक्त वह कॉलेज में था। कॉलेज प्रबंधन ने भी साक्ष्य दे दिए। लेकिन पुलिस ने कोई सुनवाई नहीं की। आरोप लगाया कि पुलिस साक्ष्य के आधार पर भी सुनवाई नहीं कर रही है। वह खुद आरएसएस से जुड़ीं हैं। उसके बाद भी पुलिस अफसर उनकी बात सुनने को तैयार नहीं है। भाजपा नेताओं से भी गुहार लगायी जा चुकी है। पीड़ित पक्ष दोबारा से जांच कराने की मांग कर रहा है। एसएसपी मंजिल सैनी ने इस संबंध में कहा कि पुलिस निष्पक्ष जांच कर रही है।
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एसएसपी से मिले थे वाजपेयी
भाजपा के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष लक्ष्मीकांत वाजपेयी का कहना है कि छात्र प्रवीन को लेकर वह एसएसपी से मिले थे। पुलिस ने जो भी निर्दोष जेल भेजे हैं, उनके लिए लिए लड़ाई लड़ी जाएगी। पुलिस ने दूसरी बिरादरी के भी कई निर्दोष युवकों को जेल भेज दिया। किसी की गिरफ्तारी सड़क से की और किसी की घर से। कंकरखेड़ा निवासी अश्वनी शर्मा को भी पुलिस ने बलवे के आरोप में जेल भेज दिया।
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औरैया में दिव्यापुर थाना क्षेत्र अंतर्गत सिहौद निवासी प्रवीन कुमार पुत्र रामसेवक कंकरखेड़ा के न्यू शिवलोक कॉलोनी में किराए पर रह रहा था। प्रवीन शहर के एक कॉलेज में पॉलीटेक्निक की पढ़ाई कर रहा है। दो अप्रैल को भारत बंद के दौरान हुए उपद्रव में पुलिस ने बसपा के पूर्व विधायक योगेश वर्मा समेत 198 लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। जिनमें प्रवीन भी शामिल था। पुलिस इस मुकदमे में चार्जशीट भी दाखिल कर चुकी है।
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नीरज और डॉ. विनोद ने एसएसपी को बताया कि उनके भाई को साजिश के तहत हॉस्टल से गिरफ्तार किया गया था, जबकि उपद्रव के वक्त वह कॉलेज में था। कॉलेज प्रबंधन ने भी साक्ष्य दे दिए। लेकिन पुलिस ने कोई सुनवाई नहीं की। आरोप लगाया कि पुलिस साक्ष्य के आधार पर भी सुनवाई नहीं कर रही है। वह खुद आरएसएस से जुड़ीं हैं। उसके बाद भी पुलिस अफसर उनकी बात सुनने को तैयार नहीं है। भाजपा नेताओं से भी गुहार लगायी जा चुकी है। पीड़ित पक्ष दोबारा से जांच कराने की मांग कर रहा है। एसएसपी मंजिल सैनी ने इस संबंध में कहा कि पुलिस निष्पक्ष जांच कर रही है।
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एसएसपी से मिले थे वाजपेयी
भाजपा के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष लक्ष्मीकांत वाजपेयी का कहना है कि छात्र प्रवीन को लेकर वह एसएसपी से मिले थे। पुलिस ने जो भी निर्दोष जेल भेजे हैं, उनके लिए लिए लड़ाई लड़ी जाएगी। पुलिस ने दूसरी बिरादरी के भी कई निर्दोष युवकों को जेल भेज दिया। किसी की गिरफ्तारी सड़क से की और किसी की घर से। कंकरखेड़ा निवासी अश्वनी शर्मा को भी पुलिस ने बलवे के आरोप में जेल भेज दिया।