{"_id":"5999f3424f1c1b28388b491b","slug":"150326152817-mawana-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"साप्ताहिक पैंठ की वसूली को लेकर मामला पहुंचा थाने। बाद में समझौता होने पर मामला शांत हुआ।","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
साप्ताहिक पैंठ की वसूली को लेकर मामला पहुंचा थाने। बाद में समझौता होने पर मामला शांत हुआ।
Updated Mon, 21 Aug 2017 02:08 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
थाने पहुंचा साप्ताहिक पैंठ वसूली का विवाद
मवाना। साप्ताहिक पैंठ की वसूली को लेकर पैंठ ठेकेदार व प्रदर्शनी ठेकेदार का विवाद थाने पहुंच गया। बाद में समझौता होने पर मामला शांत हो गया।
तहसील मार्ग पर लग रही साप्ताहिक पैंठ का ठेका इस समय सौरभ के नाम पर है। वहीं इस समय लगी प्रदर्शनी का ठेका साबिर के पास है। रविवार को दुकानदारों से वसूली को लेकर दोनों ठेकेदारों में बहस हो गई। इसके बाद मामला थाने पहुंच गया। इंस्पेक्टर विजय कुमार ने साबिर ठेकेदार से कागजात लेकर थाने पहुंचने को कहा। लेकिन वह थाने नहीं पहुंचा। इस संबंध में ठेकेदार की ओर से विहिप नेता सौरभ शर्मा ने बताया कि साप्ताहिक पैंठ का ठेका नगर पालिका से लिया गया है जिसकी वसूली का हक हमको है। प्रदर्शनी ठेकेदार केवल प्रदर्शनी में आई दुकानों से वसूली कर सकता है। इस पर समझौता हो गया है। साबिर ठेकेदार ने भी समझौता होने की बात कही। साप्ताहिक पैंठ का ठेका 11 माह के लिए होता। लेकिन अब समझौता हो गया है।
विज्ञापन
मवाना। साप्ताहिक पैंठ की वसूली को लेकर पैंठ ठेकेदार व प्रदर्शनी ठेकेदार का विवाद थाने पहुंच गया। बाद में समझौता होने पर मामला शांत हो गया।
तहसील मार्ग पर लग रही साप्ताहिक पैंठ का ठेका इस समय सौरभ के नाम पर है। वहीं इस समय लगी प्रदर्शनी का ठेका साबिर के पास है। रविवार को दुकानदारों से वसूली को लेकर दोनों ठेकेदारों में बहस हो गई। इसके बाद मामला थाने पहुंच गया। इंस्पेक्टर विजय कुमार ने साबिर ठेकेदार से कागजात लेकर थाने पहुंचने को कहा। लेकिन वह थाने नहीं पहुंचा। इस संबंध में ठेकेदार की ओर से विहिप नेता सौरभ शर्मा ने बताया कि साप्ताहिक पैंठ का ठेका नगर पालिका से लिया गया है जिसकी वसूली का हक हमको है। प्रदर्शनी ठेकेदार केवल प्रदर्शनी में आई दुकानों से वसूली कर सकता है। इस पर समझौता हो गया है। साबिर ठेकेदार ने भी समझौता होने की बात कही। साप्ताहिक पैंठ का ठेका 11 माह के लिए होता। लेकिन अब समझौता हो गया है।