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कंकरखेड़ा में नगर निगम की जमीन पर अवैध रुप से कब्जे का मामला
Updated Wed, 29 Nov 2017 02:22 AM IST
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मेरठ/कंकरखेड़ा।
नगर निगम की करोड़ों की जमीन पर कब्जा करने के मामले में नामजद पूर्व दर्जा प्राप्त मंत्री और पुलिस प्रशासन के अधिकारी पर कार्रवाई न करने में पुलिस की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं। शासन से जवाब तलब किया गया तो एसपी सिटी ने सीओ दौराला, इंस्पेक्टर कंकरखेड़ा और विवेचक को अपने ऑफिस बुला लिया।
दस अक्तूबर को मुरसलीन निवासी गोविंदपुरी कंकरखेड़ा ने नगर निगम की करीब 200 बीघा जमीन पर अवैध रूप से कब्जे करने और उसकी खरीद फरोख्त करने की शिकायत की थी। मामले में भूमाफिया हाजी रहीमुद्दीन निवासी पटेलपुरी, सपा सरकार में रहे दर्जा प्राप्त मंत्री मो. अब्बास, सपा नेता रियाज खान, पूर्व एसडीएम सदर शिव कुमार, तहसीलदार, तीन पटवारी, कई बसपा नेताओं समेत कुल 41 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था।
पुलिस ने भूमाफिया रहीमुद्दीन को ही गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था, जबकि बाकी सभी आरोपी फरार चल रहे हैं। पिछले एक महीने से वादी मुरसलीन आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर पुलिस के चक्कर काट रहा है। पीड़ित का आरोप कि आरोपी लगातार उसको जान से मारने की धमकी दे रहे हैं। पीड़ित मंगलवार को एसएसपी मंजिल सैनी ने से मिला और पूरे मामले से अवगत कराया। वहीं एसएसपी का कहना है कि एसपी सिटी से मामले की जानकारी मांगी गई है। जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
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मुख्यमंत्री से शिकायत
इस मामले की पीड़ित ने मुख्यमंत्री से भी शिकायत की है। जिस पर शासन में खलबली मच गई। शासन ने मेरठ पुलिस से इस मामले में कार्रवाई न करने का कारण पूछा है। जिस पर एसएसपी ने एसपी सिटी को निर्देश दिए कि मामले की जानकारी लें। जिसके बाद एसपी सिटी ने बुधवार को दौराला सीओ, इंस्पेक्टर कंकरखेड़ा व विवेचक देवेंद्र शर्मा को बुलाया है।
18 लोगों की गिरफ्तारी पर स्टे
पुलिस की ढीली कार्रवाई का फायदा उठाकर 18 नामजद लोग गिरफ्तारी पर कोर्ट से स्टे ले आए हैं। जबकि अन्य आरोपी भी खुलेआम घूम रहे है। पीड़ित विवेचक पर भी आरोप लगा चुके हैं। करीब 15 दिन पूर्व पीड़ित ने थाना पुलिस की शिकायत कमिश्नर डॉ. प्रभात कुमार से करते हुए आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की। कमिश्नर ने नोटिस भेजकर छह नवंबर तक सभी आरोपियों की गिरफ्तारी न होने पर कप्तान से लिखित में जवाब मांगा था। इसके बावजूद पुलिस ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया।
खास बात
कंकरखेड़ा में नगर निगम की जमीन पर अवैध रूप से कब्जे का मामला
सपा के पूर्व दर्जा प्राप्त मंत्री, पूर्व एसडीएम, तहसीलदार समेत 41 हैं नामजद
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नगर निगम की करोड़ों की जमीन पर कब्जा करने के मामले में नामजद पूर्व दर्जा प्राप्त मंत्री और पुलिस प्रशासन के अधिकारी पर कार्रवाई न करने में पुलिस की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं। शासन से जवाब तलब किया गया तो एसपी सिटी ने सीओ दौराला, इंस्पेक्टर कंकरखेड़ा और विवेचक को अपने ऑफिस बुला लिया।
दस अक्तूबर को मुरसलीन निवासी गोविंदपुरी कंकरखेड़ा ने नगर निगम की करीब 200 बीघा जमीन पर अवैध रूप से कब्जे करने और उसकी खरीद फरोख्त करने की शिकायत की थी। मामले में भूमाफिया हाजी रहीमुद्दीन निवासी पटेलपुरी, सपा सरकार में रहे दर्जा प्राप्त मंत्री मो. अब्बास, सपा नेता रियाज खान, पूर्व एसडीएम सदर शिव कुमार, तहसीलदार, तीन पटवारी, कई बसपा नेताओं समेत कुल 41 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था।
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पुलिस ने भूमाफिया रहीमुद्दीन को ही गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था, जबकि बाकी सभी आरोपी फरार चल रहे हैं। पिछले एक महीने से वादी मुरसलीन आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर पुलिस के चक्कर काट रहा है। पीड़ित का आरोप कि आरोपी लगातार उसको जान से मारने की धमकी दे रहे हैं। पीड़ित मंगलवार को एसएसपी मंजिल सैनी ने से मिला और पूरे मामले से अवगत कराया। वहीं एसएसपी का कहना है कि एसपी सिटी से मामले की जानकारी मांगी गई है। जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
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मुख्यमंत्री से शिकायत
इस मामले की पीड़ित ने मुख्यमंत्री से भी शिकायत की है। जिस पर शासन में खलबली मच गई। शासन ने मेरठ पुलिस से इस मामले में कार्रवाई न करने का कारण पूछा है। जिस पर एसएसपी ने एसपी सिटी को निर्देश दिए कि मामले की जानकारी लें। जिसके बाद एसपी सिटी ने बुधवार को दौराला सीओ, इंस्पेक्टर कंकरखेड़ा व विवेचक देवेंद्र शर्मा को बुलाया है।
18 लोगों की गिरफ्तारी पर स्टे
पुलिस की ढीली कार्रवाई का फायदा उठाकर 18 नामजद लोग गिरफ्तारी पर कोर्ट से स्टे ले आए हैं। जबकि अन्य आरोपी भी खुलेआम घूम रहे है। पीड़ित विवेचक पर भी आरोप लगा चुके हैं। करीब 15 दिन पूर्व पीड़ित ने थाना पुलिस की शिकायत कमिश्नर डॉ. प्रभात कुमार से करते हुए आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की। कमिश्नर ने नोटिस भेजकर छह नवंबर तक सभी आरोपियों की गिरफ्तारी न होने पर कप्तान से लिखित में जवाब मांगा था। इसके बावजूद पुलिस ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया।
खास बात
कंकरखेड़ा में नगर निगम की जमीन पर अवैध रूप से कब्जे का मामला
सपा के पूर्व दर्जा प्राप्त मंत्री, पूर्व एसडीएम, तहसीलदार समेत 41 हैं नामजद