फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Meerut News ›   crackers businessman restrict for sale

पटाखा कारोबारियों पर फूटा प्रतिबंध का बम

Wed, 11 Oct 2017 11:33 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/ मेरठ
अमर उजाला ब्यूरो/ मेरठ Updated Wed, 11 Oct 2017 11:33 AM IST
विज्ञापन
crackers businessman restrict for sale
फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो

जिला प्रशासन ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुपालन में एक नवंबर तक पटाखों की बिक्री को पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया। एडीएम सिटी मुकेश चंद्र और सिटी मजिस्ट्रेट एमपी सिंह ने स्पष्ट किया कि इसके लिए ना तो कोई स्थायी अथवा अस्थायी लाइसेंस दिए जाएंगे और ना ही पटाखे बेचने के लिए अनुमति दी जाएगी। जिले के सभी थानाध्यक्षों, एसडीएम और एसीएम को इसका सख्ती से पालन कराने का आदेश जारी कर दिया गया है। आतिशबाजी की बिक्री पर पूरी तरह प्रतिबंध से जिले के ढाई हजार से ज्यादा आतिशबाजी विक्रेताओं को पचास करोड़ रुपये से ज्यादा का झटका लगेगा।

विज्ञापन


 सुप्रीम कोर्ट से सोमवार को जारी आदेश के तहत मंगलवार को एडीएम सिटी और सिटी मजिस्ट्रेट ने पुलिस, प्रशासनिक अधिकारियों और पटाखा विक्रेताओं की बैठक बुलाई। एडीएम सिटी ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने अब एक नवंबर तक पटाखों की बिक्री पर प्रतिबंध लगा दिया है। ऐसे में अब पटाखों की बिक्री प्रतिबंधित हो गई है। एक नवंबर तक कोई भी पटाखों की बिक्री नहीं होगी। यदि किसी ने पटाखा बिक्री संबंधी रोक के आदेश का अनुपालन नहीं किया तो कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन


उन्होंने कहा जिले में पूर्व में जारी किए गए स्थाई या अस्थाई पटाखा बिक्री लाइसेंसों को एक नवंबर तक के लिए निलंबित कर दिया गया है। यह लाइसेंस फिलहाल मान्य नहीं होंगे। लाइसेंस प्राप्त दुकानदारों को लिख कर देना होगा कि उनके पास जो स्टॉक है उसे एक नवंबर तक नहीं बेचा जाएगा। बैठक में मौजूद थानाध्यक्षों, एसीएम, एसडीएम को पटाखा बिक्री पर कड़ी नजर रखने को कहा गया ताकि किसी भी स्थिति में उल्लंघन न होने पाए।
विज्ञापन
विज्ञापन


सिटी मजिस्ट्रेट ने कहा कि पूर्व में 12 सितंबर को लाइसेंसी पटाखा विक्रेताओं के लिए बिक्री का आदेश दिया गया था। अब 12 सितंबर का आदेश निरस्त हो गया है। इसलिए कोई विक्रेता आतिशबाजी की खरीद बेच नहीं करेगा।

ऐसे रखी जायेगी स्टॉक पर नजर 
प्रशासन ने आतिशबाजी के स्टॉक पर नजर रखने की पूरी तैयारी कर ली है। स्थायी लाइसेंस के साथ ही पिछले साल के अस्थाई लाइसेंस लेने वालों और इस साल आतिशबाजी बिक्री के लाइसेंस का आवेदन करने वालों की सूची तैयार की जा रही है। जिससे इन सबके स्टॉक की जांच कर उसे होल्ड कराया जायेगा। इसके साथ ही ऐसे पटाखा विक्रेता जो सांठगांठ से बिना लाइसेंस पटाखा बेचते रहे हैं, उनके लिये खुफिया तंत्र को सक्रिय किया जायेगा।  

मेरठ में व्यापारी कर चुके हैं स्टॉक
 प्रतिबंध के आदेश ने जिले के एक हजार से ज्यादा व्यापारियों की दीवाली सूनी कर दी। कमाई की उम्मीद में कर्ज लेकर पटाखा बेचने वाले पूरी तरह टूट गये हैं। क्योंकि अधिकांश पटाखा विक्रेता एडवांस में आतिशबाजी खरीद कर स्टॉक कर चुके हैं।  जनपद में करीब ढाई हजार आतिशबाजी की दुकानें लगती हैं। यह जरूर है कि महानगर और सरधना व मवाना तहसील में आतिशबाजी बेचने के लिए अस्थायी लाइसेंस लेने वालों की संख्या सैकड़ों में होती है। लेकिन पुलिस की सांठगांठ से हजारों लोग दीवाली के मौके पर तीन दिन पटाखों की दुकान लगाकर अपनी रोजी रोटी कमाने के साथ दीवाली रोशन करते हैं। 
आतिशबाजी विक्रेताओं में तीन तरह के कारोबारी है। स्थायी लाइसेंस वाले करीब चालीस कारोबारी महीनों पहले अपने यहां 25 से 50 लाख रुपये तक के पटाखों का स्टॉक कर लेते हैं। इनमें डेढ़ दर्जन व्यापारी तो ऐसे हैं जो आतिशबाजी के तीन डिपो में अपनी आतिशबाजी का स्टॉक रखते हैं। इनके अलावा सैकड़ों थोक व्यापारी ऐसे हैं जो अपने व्यक्तिगत गोदाम या घर में आतिशबाजी का स्टॉक एक से दो माह पहले कर लेते हैं। जबकि फुटकर व्यापारी दीवाली से 10-15 दिन पहले आतिशबाजी खरीद लेते हैं।  

मेरठ में पचास करोड़ की आतिशबाजी 
आतिशबाजी विक्रेताओं के अनुसार मेरठ जनपद में पचास करोड़ से ज्यादा का आतिशबाजी का कारोबार होता है। जिसका स्टॉक भी इस समय आ चुका है। इसकी बिक्री मुख्य रुप से दीवाली पर ही होती है। सिर्फ चालीस स्थायी लाइसेंस धारक ही ऐसे हैं जो पूरे साल शादियों या अन्य खुशी के अवसरों पर होने वाली आतिशबाजी का सामान बेचते हैं। लेकिन उसका स्टॉक पांच - दस लाख रुपये का ही होता है।


पटाखे दिखे तो थानेदारों पर होगी कार्रवाई
सुप्रीमकोर्ट के आदेश के बाद पटाखे बनाने व बिकने पर पूर्णत: प्रतिबंध लागू करने के लिए एसएसपी ने सभी थानेदारों और फायरब्रिगेड कर्मियों की मीटिंग ली। जिसमें एसएसपी से थानेदारों को चेतावनी दी कि अगर पटाखे दिखे तो उनके खिलाफ कार्रवाई होगी। 


जब्त होगा पटाखों का स्टाक
फायरब्रिगेड से दीवाली पर पटाखे बेचने के लिए अस्थायी लाइसेंस बनते थे। हर साल करीब 500 से अधिक लाइसेंस बनते थे। इसके अलावा 1000 से अधिक लोग गुपचुप तरीके से पटाखों की दुकान सजाते थे। पुलिस का मानना है कि अस्थायी लाइसेंस का इरादा रखने वाले लोगों के पास करोड़ों रुपये कीमत के पटाखों हो सकते है। इनको अब जब्त किया जायेगा।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed