कोरोनावायरस की दहशत: होटल-रेस्टोरेंट के कारोबार पर छाया खौफ, अंडे, चिकन की मांग घटी
शहर में करीब 400 होटल हैं। होटल एसोसिएशन से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार बड़े होटल करीब 65 हैं। कोरोना के डर के चलते होटलों में होने वाली बर्थडे पार्टी और अन्य पार्टियां कैंसल हो गई हैं। होटल और रेस्टोरेंट एसोसिएशन के अध्यक्ष सुबोध गुप्ता (सम्राट हैवेंस) ने बताया कि कारोबार 15 दिन में 80 प्रतिशत तक घट गया है। गेस्ट एंट्री 20 से 30 प्रतिशत रह गई। कोरोना के भय के चलते सर्वाधिक प्रभाव होटल और रेस्टोरेंट इंडस्ट्री पर पड़ा है।
एसोसिएशन के महामंत्री विपुल सिंघल (सेवन इलेवन रेस्टोरेंट) ने बताया कोरोना के भय के चलते सामूहिक आयोजनाें में थोड़ी सावधानी बरतने की आवश्यकता है। प्रशासन को सक्रिय रूप से आगे आकर सफाई और अन्य व्यवस्थाओं पर ध्यान देना चाहिए। एसोसिएशन के उपाध्यक्ष नरेंद्र सिंह (करनैल होटल) ने बताया कि बड़े होटलों और रेस्टोरेंट की सेल इस हद तक घट गई है कि प्रतिदिन का खर्चा निकालना भी मुश्किल हो गया है। चिकन और अंडे को लेकर भ्रांति के चलते लोग मांसाहार से परहेज कर रहे हैं। ऐसे में चिकन के दामों में भी 75 प्रतिशत तक गिरावट आ गई है।
छोटे रेस्टोरेंट हुए बंद
कंकरखेड़ा, मोदीपुरम, बाईपास सहित परतापुर में कई स्थानों पर अधिकांश छोटे रेस्टोरेंट फिलहाल बंद हो गए हैं। बाईपास स्थित होटल व रेस्टोरेंट संचालक देवेंद्र कुमार ने बताया कि कोरोना के डर के चलते ग्राहक नहीं आ रहे हैं। ऐसे में औसत नहीं निकल रहा है। इसके चलते होटल बंद कर दिया गया है।
अंडे, चिकन की मांग घटी
सोशल मीडिया पर चल रही खबरों के बीच अंडे और चिकन की डिमांड पूरी तरह घट गई है। थोक विक्रेता सुदेश राणा ने बताया कि पूर्व में चिकन का थोक में रेट 100 प्रति किलो और रिटेल में 160 प्रति किलो तक था, जो कोरोना के डर के चलते अब थोक में 30 प्रति किलो तो रिटेल में 40 से 60 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गया है। पूर्व में एक अंडा रिटेल में 4.50 रुपये का था, जो अब 2.90 रुपये में बिक रहा है।
कोरोना बचाव महायज्ञ, कोरोना के डर से टला
कोरोना का खौफ किस कदर है कि बचाव के लिए आहूत महायज्ञ टाल दिया गया है। यह यज्ञ चैत्र शुक्ल प्रतिपदा 25 मार्च बुधवार को महाराणा प्रताप प्रांगण जिमखाना मैदान में होना था। इसे गुरुकुल प्रभात आश्रम द्वारा आयोजित कर रहा था। अब यह जनचेतना महायज्ञ 13 अप्रैल सोमवार को होगा। इस यज्ञ में संक्रमण को रोकने के लिए विशेष प्रकार की सामग्री और औषधियों से आहुति दी जानी थी।
मुख्य संयोजक राजेश सेठी ने बताया कि प्रशासन के आदेश से उत्पन्न स्थिति पर विचार करने के लिए आयोजन समिति की आवश्यक बैठक हुई। उन्होंने बताया कि प्रशासन ने सभी कार्यक्रमों पर रोक लगा दी है। उन्होंने बताया कि श्रद्धैय स्वामी विवेकानंद सरस्वती कुलाधिपति गुरुकुल प्रभात आश्रम के सानिध्य में बैठक हुई।
स्वामी जी ने कहा कि यद्यपि यह विशाल यज्ञ का आयोजन इस विषाक्त संक्रमण को रोकने में सहायक है। उन्होंने एक माह पूर्व कहा कि देसी गाय के शुद्ध घी एवं औषधि युक्त सामग्री से इसे रोका जा सकता है। सरकार का सहयोग करना हम सब का कर्त्तव्य है। अत: यह कार्यक्रम आगामी माह तक स्थगित किया जा रहा है।
राजेश सेठी ने सभी आर्यजनों एवं जनसामान्य से अनुरोध किया कि सभी लोग चैत्र शुक्ल प्रतिपदा 25 मार्च को अपने घरों, मंदिरों एवं आर्य समाजों में यज्ञ का आयोजन कर वैदिक नववर्ष संवत् 2077 का स्वागत करें। उन्होंने कहा कि जो लोग यज्ञ करना चाहते हैं वह समिधा, सामग्री एवं यज्ञ पुस्तक आर्यसमाज थापर नगर में उनसे संपर्क कर निशुल्क प्राप्त कर सकते हैं। बैठक में अशोक सुधाकर, योगेश मुवार, आचार्य वाचस्पति, अरुण जिंदल रहे।