जानिए, किसने दिखाई थी संदीप को आतंक की राह
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लश्कर-ए-ताइबा के आतंकी संदीप शर्मा के बारे में पुलिस की जांच-पड़ताल जारी है। पुलिस ने संदीप के साथ कश्मीर में काम करने वाले मोरना निवासी आसिफ और दिल्ली के ठेकेदार वकील अहमद से नोएडा में दिनभर पूछताछ की। सवाल किया कि कश्मीर में संदीप को किसने आतंक की राह दिखाई। दोनों ने पुलिस को बताया कि उन्हें संदीप की आतंकी गतिविधियों की कोई जानकारी नहीं थी। पुलिस ने आसिफ को छोड़ दिया है, जबकि ठेकेदार से अभी पूछताछ जारी है।
शहर के नईमंडी थाने के मुस्तफाबाद के मूल निवासी संदीप शर्मा की लश्कर के आतंकी के रूप में जम्मू-कश्मीर से गिरफ्तारी होने के बाद जिले की पुलिस और खुफिया एजेंसियां अलर्ट हो गई हैं। संदीप के लिंक तलाशे जा रहे हैं। उसकी मां, प्रेमवती, भाई प्रवीण और भाभी रेखा से भी पूछताछ हो चुकी है। पूछताछ में पता चला कि संदीप का फुफेरा भाई अश्वनी उर्फ सोनू उसे कश्मीर वेल्डिंग के काम के लिए ले गया था। अश्वनी से पूछताछ पूरी होने के बाद पुलिस ने उसी के साथ मोरना निवासी आसिफ को उठाया। आसिफ की निशानदेही पर कश्मीर में काम दिलाने वाले दिल्ली के खजूरी खास निवासी ठेकेदार वकील अहमद को उठाया गया। बृहस्पतिवार को दिनभर आसिफ और ठेकेदार वकील से नोएडा के एक थाने में पूछताछ की गई। खुफिया एजेंसियों ने पहले दोनों से अलग-अलग पूछताछ की। इसके बाद सामने बैठाकर सवाल-जबाव किए गए।
आसिफ ने बताया कि वह सात युवकों के साथ कश्मीर गए थे। वह सांबा जिले में निर्माणाधीन पावर ग्रिड की साइट पर काम के दौरान संदीप के साथ रहा। संदीप उन्हीं के साथ कमरे में रहता था। आसिफ का कहना है कि वह 15-20 दिन काम करने के बाद घर आ गया था, जबकि संदीप बारामूला की दूसरी साइट पर चला गया था। आसिफ ने इतना ही बताया कि वह संदीप के साथ रहा जरूर, लेकिन लश्कर से जुड़ी उसकी गतिविधियों के बारे में कुछ नहीं जानता। आसिफ ने बताया कि कश्मीर से काम से लौटने के बाद संदीप से उसकी दोबारा बात नहीं हुई। उसने बताया कि संदीप शराब का आदी था, लेकिन कभी उन्हें ऐसा नहीं लगा कि उसके आतंकी संगठन से भी ताल्लुक हो सकते हैं।
फिलहाल आसिफ को पुलिस ने छोड़ दिया है, जबकि ठेकेदार वकील अहमद से अभी सुरक्षा एजेंसियां पूछताछ कर रही हैं। ठेकेदार से पूछा जा रहा है कि उसे काम किसने दिलवाया और काम के दौरान संदीप की किससे मुलाकात हुई, जिसने उसे लश्कर की राह दिखाई। फिलहाल ठेकेदार द्वारा बताए गए नामों और अन्य जानकारियों की तस्दीक की जा रही है। आसिफ बृहस्पतिवार की शाम घर लौट आया। कक्षा नौ तक पढ़ाई करने वाला आसिफ वेल्डिंग का कारीगर है। उसके घर की हालत भी अच्छी नहीं है। आसिफ के पकड़े जाने के बाद उसके पिता असगर अब्बास और मां चांदो का बुरा हाल था। बेटे के लौट आने पर उन्होंने राहत की सांस ली। आसिफ की पारिवारिक और उसके खातों की भी जांच की जा रही है।
फिलहाल पुलिस ने आसिफ को यह कहकर छोड़ दिया है कि जरूरत पड़ने पर पुलिस के पास आना होगा।
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