हादसा: अच्छा भाई राम-राम! चलते हैं, थाने से डाक लेकर निकला सिपाही, रास्ते में निगल गई मौत, शव देख कांपी रूह
मेरठ के पल्लवपुरम में तैनात सिपाही की रविवार सुबह दर्दनाक हादसे में मौत हो गई। यहां रोडवेज बस ने सिपाही को कुचल डाला और 20 मीटर तक घसीटता गया। बेटे के शव को देखकर मां बेहोश होती रही। गम के माहौल में सिपाही का अंतिम संस्कार किया गया।
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मेरठ के पल्लवपुरम फेस वन के सामने रविवार सुबह बाइक सवार सिपाही धर्मेंद्र (25) को भैसाली डिपो की बस ने कुचल दिया। बस सिपाही को 100 मीटर तक घसीटकर ले गई। धर्मेंद्र कंकरखेड़ा स्थित सीओ कार्यालय में डाक लेकर जा रहे थे। पुलिस ने बस को कब्जे में लेकर ड्राइवर को हिरासत में लिया। वहीं रात करीब नौ बजे गंगीरी गांव में सिपाही का अंतिम संस्कार किया गया। पुलिसकर्मियों ने उनके पार्थिव शरीर को अंतिम सलामी दी।
मूल रूप से अलीगढ़ जिले के थाना गंगीरी के गांव नगला चौखे निवासी धर्मेंद्र कुमार यादव पुत्र राम ब्रजेश सिंह 2021 में यूपी पुलिस में भर्ती हुए थे। ट्रेनिंग खत्म होने के बाद सितंबर 2022 में धर्मेंद्र को मेरठ पुलिस लाइन भेज दिया गया। पांच माह पहले धर्मेंद्र पल्लवपुरम थाने पर तैनात हुए थे। वह रविवार सुबह बाइक से सीओ कार्यालय में डाक देने जा रहे थे।
पल्लवपुरम फेज वन स्थित फ्लाईओवर के पास मुजफ्फरनगर की ओर से आ रही भैसाली डिपो की बस ने बाइक में टक्कर मार दी। धर्मेंद्र गिरकर बस के पहिए के नीचे आ गए। चालक ने बस न रोकी, जिससे धर्मेंद्र 100 मीटर तक घिसटते रहे। हादसे की जानकारी पर पुलिस मौके पर पहुंची और धर्मेंद्र को मोदीपुरम स्थित एसडीएस अस्पताल ले गई जहां पर चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
सीओ दौराला अभिषेक पटेल हादसे की जानकारी मिलते ही अस्पताल पहुंचे। चिकित्सकों का कहना है कि पहिया सिपाही की छाती पर चढ़ा, जिस कारण पसलियां टूटने और सांस नहीं आने के चलते मौत हो गई। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर मृतक के परिजनों को सूचना दी। पिता राम ब्रजेश सिंह ने थाने पर रिपोर्ट दर्ज कराई है।
स्पोर्ट्स कोटे से सिपाही बने थे धर्मेंद्र
धर्मेंद्र स्पोर्ट्स कोटे से सिपाही के पद पर भर्ती हुए थे। पुलिस लाइन में आयोजित होने वाले खेलों में वह खूब प्रतिभाग करते थे। धर्मेंद्र ने हाल ही में आयोजित हुई क्रिकेट प्रतियोगिता में अच्छा प्रदर्शन कर प्रमाणपत्र हासिल किया। वह आगे की पढ़ाई कर दरोगा की परीक्षा की तैयारी कर रहे थे। धर्मेंद्र की अभी शादी नहीं हुई थी। उनकी मौत की सूचना पर मेरठ पहुंचे परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया।
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अच्छा भाई राम-राम, चलते हैं
डाक लेकर जाने के दौरान सिपाही धर्मेंद्र पल्लवपुरम थाने में जीप पर तैनात चालक गोविंद शर्मा से मिलकर गए। जाने के दौरान उन्होंने गोविंद शर्मा को कहा कि अच्छा भाई राम-राम! चलते हैं। धर्मेंद्र को क्या पता था कि यह उनकी आखिरी राम-राम है। वह अब कभी लौटकर नहीं आएंगे।
थाने के सिपाहियों का कहना है कि धर्मेंद्र बेहद खुश मिजाज था और सभी के साथ उसका अच्छा व्यवहार था। वह जल्द ही सभी में घुल मिल जाता था। धर्मेंद्र की मौत की सूचना पर थाने पर तैनात सिपाही भी रोने लगे। थाने पहुंचे मृतक धर्मेंद्र के परिजनों को पुलिसकर्मियों ने सांत्वना दी।
तीन भाइयों में दूसरे नंबर के थे धर्मेंद्र, मां हो गई बेहोश
मृतक सिपाही धर्मेंद्र तीन भाइयों में दूसरे नंबर के थे। बड़ा भाई देवेंद्र पिता के साथ खेती करते हैं। छोटा भाई परविंदर अभी पढ़ाई कर रहा है। धर्मेंद्र यादव की मौत की सूचना मिलते ही परिजन मोर्चरी पहुंचे। बेटे को याद कर बार-बार मां मिथलेश बदहवास हो गई।
घर में इकलौता नौकरी करने वाले थे धर्मेंद्र
धर्मेंद्र ही घर में अकेले नौकरी करने वाले थे। परिजनों ने बताया कि धर्मेंद्र ने तीन साल तक रेलवे के ग्रुप डी में भी नौकरी की। परिजन पोस्टमार्टम के बाद शव को गांव ले गए।
छुट्टी से एक सितंबर को ही ड्यूटी पर लौटे थे
21 अगस्त को दस दिन की छुट्टी पर धर्मेंद्र घर आए थे और एक सितंबर को ड्यूटी पर लौटे थे। हादसे में उनकी मौत की खबर जैसे ही गांव पहुंची तो परिवार गम में डूब गया। बिलौना चितरासी के मजरा नगला हिंगोटा चोखे निवासी रामब्रेश के तीन बेटों में दूसरे नंबर पर रहे धर्मेंद्र पढ़ने में होशियार थे। यूपी पुलिस में भर्ती होने से पहले वह रेलवे में चयनित हुए थे। 2021 में वह यूपी पुलिस में सिपाही के पद पर भर्ती हुए। तीन भाइयों में सबसे बड़े देवेंद्र और बहन रूबी का विवाह हो चुका है, जबकि धर्मेंद्र और छोटे भाई प्रवेंद्र का विवाह अभी नहीं हुआ था।